Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

खराब पाचन समझकर नजरअंदाज न करें फैटी ल‍िवर के ये 5 लक्षण, वरना ब‍िगड़ेगी तबीयत

क्या आपका पेट बार-बार खराब रहता है? पेट फूलना, मतली या भारीपन जैसी समस्याएं सिर्फ अपच नहीं, फैटी लिवर के संकेत भी हो सकती हैं। जानें ऐसे पांंच लक्षणोंं के बारे में।

आजकल मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अस्वस्थ खानपान के कारण फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में यह बीमारी पेट की समस्‍या जैसी लगती है। लोग अक्सर इस समस्‍या को सामान्य पेट की समस्या, गैस, अपच या खराब खानपान का असर समझ लेते हैंं। यही कारण है कि कई मरीज सही समय पर जांच नहीं करवाते और बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है। आइए जानते हैं ऐसे पांच लक्षणों के बारे में जिन्हें लोग पेट की समस्‍या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये फैटी लिवर का संंकेत हो सकते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के लि‍ए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

1. पेट में लगातार भारीपन महसूस होना

बहुत से लोग खाने के बाद पेट में भारीपन को सामान्य अपच मान लेते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है और लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह फैटी लिवर का संकेत हो सकती है। लिवर में फैट जमा होने पर पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे पेट में दर्द और भारीपन महसूस हो सकता है।

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2. मतली या जी मिचलाना

बार-बार मतली महसूस होना या बिना किसी कारण के जी मिचलाना भी फैटी लिवर से जुड़ा हो सकता है। लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर की सामान्य पाचन प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है जिससे यह लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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3. पेट फूलना और गैस बनना

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पेट फूलना अक्सर गैस या गलत खानपान से जोड़ा जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह फैटी लिवर से जुड़ा संकेत भी हो सकता है। अगर पेट फूलने की समस्या लगातार बनी रहती है और जीवनशैली में बदलाव के बाद भी ठीक नहीं होती, तो इसकी जांच कराएं। Mayo Clinic के मुताब‍िक, फैटी ल‍िवर को गंभीरता से लेना जरूरी है, वरना यह ल‍िवर सि‍रोस‍िस या ल‍िवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमार‍ियों का कारण बन सकता है।

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4. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द

कई लोग पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हो रहे दर्द को गैस या पेट की साधारण समस्या समझ लेते हैं, लेकिन लिवर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में स्थित होता है, इसलिए वहां होने वाली असहजता या हल्का दर्द लिवर से संबंधित हो सकता है।

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5. लगातार थकान और कमजोरी

लगातार थकान और कमजोरी सीधे पेट की समस्या जैसा नहीं लगता, लेकिन कई लोग इसे खराब पाचन या पर्याप्त भोजन न करने का कारण मान लेते हैं। फैटी लिवर वाले लोगों में लगातार थकान, एनर्जी की कमी और कमजोरी एक आम शिकायत हो सकती है, क्योंकि लिवर शरीर की कई खास प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है।

निष्कर्ष:

पेट में लगातार भारीपन, पेट फूलना और गैस, मतली या जी मिचलाना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द और लगातार थकान एवं कमजोरी को केवल पेट खराब होने की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज से फैटी लिवर को कंंट्रोल किया जा सकता है।

FAQ

  • फैटी लिवर से कैसे बचें?

    संतुलित आहार लें, नियमित एक्‍सरसाइज करें और स्वस्थ वजन बनाए रखें। मीठे पेय पदार्थ, जंक फूड और ज्‍यादा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें।
  • फैटी लिवर के कारण क्‍या हैं?

    फैटी लिवर के पीछे मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप 2 डायबिटीज, अस्वस्थ खानपान, ज्‍यादा अल्‍कोहल का सेवन जैसे कारण हो सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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