Wed Oct 7, 2026 | 07:21 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rajeev Chowdry , General Physician & Internal Medicine Specialist, Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad | 23 Years of Clinical Experience

लिवर में सूजन होने पर दिख सकते हैं ये 7 लक्षण, जानें कब करें डॉक्टर से संपर्क?

जब ल‍िवर में सूजन बढ़ने लगती है, तो उसे हेपेटोमेगाली (Hepatomegaly) कहा जाता है। ल‍िवर में सूजन या उसका आकार बढ़ने के पीछे सूजन, ल‍िवर में फैट जमा होना या अन्‍य कारण हो सकते हैं। डॉक्‍टर से जानें इसके लक्षण।
लिवर में सूजन होने पर दिख सकते हैं ये 7 लक्षण, जानें कब करें डॉक्टर से संपर्क?लिवर में सूजन होने पर दिख सकते हैं ये 7 लक्षण, जानें कब करें डॉक्टर से संपर्क?

पेट का बड़ा साइज हमेशा वजन के कारण नहीं होता, बल्‍क‍ि यह ल‍िवर में सूजन भी हो सकती है। लि‍वर की समस्‍याओं में से एक है ल‍िवर में सूजन होना। ऐसा तब होता है जब ल‍िवर की कोश‍िकाओं में अध‍िक फैट जमा हो जाता है। अगर ल‍िवर का साइज 15 cm से ज्यादा है, तो उसे ल‍िवर में सूजन माना जाता है। ऐसा मोटापा, डायब‍िटीज, हाई कोलेस्‍ट्रॉल के कारण होता है। हेपेटाइट‍िस ए, बी या सी वायरस ल‍िवर में सूजन का कारण बन सकते हैं। जो लोग अल्‍कोहल का अध‍िक सेवन करते हैं, उनमें ल‍िवर की सूजन ज्‍यादा गंभीर रूप ले सकती है। डॉक्‍टर से जानें ल‍िवर में सूजन की समस्‍या को कैसे पहचानें और डॉक्‍टर से संपर्क कब करें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

साल 2021 में ResearchGate में प्रकाश‍ित एक लेख के अनुसार, ल‍िवर बढ़ने के कारणों में कुछ जेनेट‍िक बीमार‍ियां, स‍िरोस‍िस, हेपेटाइट‍िस शाम‍िल हो सकते हैं। ल‍िवर में स‍िस्‍ट, ट्यूमर, पित्त नली में रुकावट, हार्ट फेलियर जैसे कारणों से भी ल‍िवर का साइज बढ़ सकता है।

1. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द

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ल‍िवर में सूजन होने पर पेट के ऊपरी दाह‍िने ह‍िस्‍से में दर्द महसूस होता है। कुछ लोगों को भारीपन भी महसूस होता है। यह दर्द लगातार होता है या बीच-बीच में भी हो सकता है।

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2. वजन घटना

अगर वजन लगातार घट रहा है, तो ल‍िवर की जांच कराएं। इसके पीछे ल‍िवर की सूजन हो सकती है। ल‍िवर में सूजन होने पर भूख में कमी, ब‍िना डाइट या एक्‍सरसाइज के वजन घटने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

3. थकान और कमजोरी

ल‍िवर की बीमारी में व्‍यक्‍त‍ि को लगातार थकान महसूस हो सकती है। कम काम करने के बाद भी शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। एनर्जी की कमी से द‍िनचर्या प्रभाव‍ित हो सकती है।

4. पील‍िया के लक्षण

जब ल‍िवर में सूजन होती है या ल‍िवर की बीमारी होती है, तो शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ सकती है। इससे त्‍वचा और आंखों का सफेद ह‍िस्‍सा भी पीला नजर आ सकता है।

5. मतली और उल्टी

लिवर की सूजन या उससे जुड़ी बीमारी में मतली या उल्‍टी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। बार-बार उल्‍टी हो या उल्‍टी में ब्‍लड द‍िखे, तो इसे हल्‍के में न लें और डॉक्‍टर की मदद लें।

6. पेशाब और स्‍टूल के रंग में बदलाव

लिवर या पित्त से जुड़ी समस्या में पेशाब का रंग सामान्य से गहरा हो सकता है। इसके साथ ही लिवर से जुड़ी समस्या में स्‍टूल का रंग भी सामान्य से हल्का हो सकता है।

7. पेट में भारीपन और भूख न लगना

ल‍िवर में सूजन होने के कारण ल‍िवर का आकार बढ़ जाता है और इस वजह से पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। कम खाने पर भी पेट भरा हुआ महसूस होता है। साथ ही ल‍िवर की समस्‍या के कारण भूख कम लगती है ज‍िसके कारण वजन कम होने लगता है।

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लिवर में सूजन की जांच कैसे होती है?

  • शारीर‍िक लक्षणों के आधार पर डॉक्‍टर ल‍िवर का आकार देखने के ल‍िए अल्‍ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते हैं।
  • इसके अलावा सीटी स्‍कैन और एमआरआई की भी मदद ली जाती है।
  • ल‍िवर में सूजन की जांच के ल‍िए बिलीरुबिन, ALT, AST जैसे टेस्‍ट की मदद भी ली जाती है।

दवा, विटामिन या सप्लीमेंट्स डॉक्‍टर की सलाह के बगैर न लें

Mayo Clinic के मुताब‍िक, किसी दवा, विटामिन या सप्लीमेंट की जरूरत से ज्यादा मात्रा लेने से लिवर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसल‍िए इनका सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बगैर नहीं करना चाह‍िए। कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और लिवर के बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इसल‍िए हमेशा डॉक्‍टर से सलाह लेकर डोज तय करें।

ल‍िवर में सूजन से कैसे बचें?

  • कुछ लोग यह सोचते हैं क‍ि यह समस्‍या समय के साथ ठीक हो जाएगी और वे इलाज नहीं कराते, लेक‍िन ये लापरवाही गंभीर हो सकती है।
  • जो लोग मोटापे का श‍िकार होते हैं उनमें फैटी ल‍िवर की समस्‍या होती है ज‍िसके कारण सूजन हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट और एक्‍सरसाइज की मदद से वजन कंट्रोल करें।
  • ल‍िवर में इंफेक्‍शन के कारण सूजन आ सकती है। इसल‍िए ल‍िवर को ड‍िटॉक्‍स करने के ल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं।
  • मीठी ड्र‍िंक्‍स, प्रोसेस्‍ड फूड्स, तला-भुना भोजन करने से बचें। इससे फैटी ल‍िवर का खतरा बढ़ सकता है।
  • ज्यादा अल्‍कोहल लिवर में सूजन और लंबे समय में लिवर डैमेज का कारण बन सकता है इसल‍िए इनसे परहेज करें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • पेट में लगातार दर्द या भारीपन महसूस हो।
  • ब‍िना वजह वजन घट रहा हो।
  • आंखों या त्‍वचा में पीलापन नजर आए।

न‍िष्‍कर्ष:

ल‍िवर में सूजन होने पर पेट के ऊपरी दाह‍िने ह‍िस्‍से में दर्द, वजन घटना, थकान और कमजोरी, पील‍िया, मतली और उल्‍टी, पेशाब एवं स्‍टूल के रंग में बदलाव, पेट में भारीपन साथ ही भूख न लगना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। ल‍िवर में सूजन की जांच के ल‍िए अल्‍ट्रासाउंड, सीटी स्‍कैन, एमआरआई, बिलीरुबिन, ALT, AST जैसे टेस्‍ट क‍िए जाते हैं। पेट में लगातार दर्द, भारीपन, ब‍िना वजह वजन घटना, पील‍िया के लक्षण नजर आने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें। ल‍िवर में सूजन से बचने के ल‍िए अल्‍कोहल, तला-भुना भोजन, ऑयली फूड्स वगैरह का सेवन करने से बचें, हेल्‍दी डाइट और एक्‍सरसाइज रूटीन को फॉलो करें। वेट मैनेजमेंट पर भी गौर करना जरूरी है ताक‍ि फैटी ल‍िवर की समस्‍या से बचाव हो।

FAQ

  • क्‍या एक्‍सरसाइज करने से ल‍िवर की सूजन कम हो सकती है?

    हां, अगर लि‍वर में सूजन फैटी लि‍वर या मोटापे के कारण है, तो न‍ियम‍ित एक्‍सरसाइज से सेहत में सुधार हो सकता है। ल‍िवर में सूजन होने पर डॉक्‍टर की सलाह पर इलाज कराएं।
  • लिवर में सूजन होने पर क्या खाएं?

    ल‍िवर में सूजन होने पर अपनी डाइट में सब्‍ज‍ियां, साबुत अनाज, दालें, फल, पर्याप्‍त प्रोटीन वगैरह को शाम‍िल करें। ल‍िवर में सूजन है, तो ज्‍यादा तला-भुना या प्रोसेस्‍ड फूड खाने से बचें।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Aug 21, 2026 18:15 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 21, 2026 18:15 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry