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इंसान ने शहद खाना कैसे शुरू किया? जानें इसका अनोखा इतिहास

शहद की खोज का इतिहास लगभग दस हजार साल पुराना है। शुरुआती प्रमाण स्पेन की प्राचीन गुफाओं के रॉक आर्ट में मिलते हैं। आइए इस लेख में शहद के इतिहास के बारे में विस्तार से जानते हैं।

आज खाने से लेकर लगाने तक, शहद का इस्तेमाल काफी व्यापक ढंग से हो रहा है। ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स ही नहीं, दवा के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हम इसे दूध, चाय, मिठाई और कई तरह के खाने में उपयोग करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इंसानों ने पहली बार शहद कब खाया होगा या इस्तेमाल किया होगा? पहली बार किसने शहद खाया होगा, इस बारे में इतिहास में कोई खास जवाब नहीं मिलता है। हालांकि, इतिहास में मौजूद पुराने चित्रों और पुरातात्त्विक प्रमाणों से पता चलता है कि इंसान हजारों साल पहले से शहद इकट्ठा करके खा रहा था।

इंसान ने शहद खाना कैसे शुरू किया?

इतिहास में मिले साक्ष्य के अनुसार, इंसानों ने लगभग 7,500 से 8,000 साल पहले शहद इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। स्पेन की एक गुफा में लगभग 7,500 साल पुराना एक चित्र मिला है। इसमें एक व्यक्ति मधुमक्खियों के छत्ते से शहद निकालता हुआ नजर आ रहा है। यह दुनिया में शहद इकट्ठा करने के सबसे पुराने प्रमाणों में से एक है।

साल 2022 में Animals जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्राचीन मिस्र में लोग शहद का इस्तेमाल मुख्य रूप से मीठे के रूप में करते थे। टॉलेमिक काल (Ptolemaic Period: 304–30 B.C.E.) तक आते-आते शहद वहां के लोगों के रोजमर्रा के खाने का एक अहम हिस्सा बन चुका था। इस काल में शहद और मधुमक्खी पालन से मिलने वाली चीजों पर सरकार टैक्स भी वसूलती थी।

इंसानों को शहद कैसे मिला?

पहले इंसान जंगलों में रहते थे और खाने के लिए पेड़-पौधों, फलों, जड़ों और जानवरों से मिलने वाली चीजों पर निर्भर करते थे। इसी दौरान इंसानों ने मधुमक्खियों के छत्ते देखे होंगे और उसमें मौजूद शहद को चखा होगा। हो सकता है कि शुरुआत में इंसानों ने बहुत थोड़ी मात्रा में शहद चखा होगा, लेकिन फिर धीरे-धीरे उन्हें पता चला कि शहद मीठा और खाने लायक है। इसके बाद लोग जंगलों में मधुमक्खियों के छत्ते खोजकर शहद निकालना शुरू किया होगा।

शहद का इस्तेमाल दवा के रूप में कैसे शुरू हुआ है?

पहले के समय में लोगों को आधुनिक दवाइयों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। वे इलाज के लिए पेड़-पौधों और नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करते थे। शहद भी ऐसी ही एक चीज थी। प्राचीन समय में लोग शहद को चोट और घाव पर लगाते थे। उन्हें लगता था कि इससे घाव ठीक होने में मदद मिलती है। शहद का इस्तेमाल पेट से जुड़ी समस्याओं और दूसरे ट्रीटमेंट्स में भी किया जाता था। शहद की खासियत यह है कि इसमें पानी की मात्रा कम होती है और यह कई तरह के सूक्ष्म जीवों की बढ़ने से रोक सकता है जैसे कि बैक्टियल ग्रोथ जिन्हें कई बाद आज हम बैक्टीरिल इंफेक्शन कहते हैं।

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भारत में शहद का इतिहास

भारत में भी शहद का इतिहास बहुत पुराना है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में शहद को मधु कहा गया है। वेदों और आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसके बारे में जानकारी मिलती है। आयुर्वेद में शहद को एक प्राकृतिक पदार्थ माना गया है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के इलाज के लिए आज भी किया जाता है। भारतीय संस्कृति में शहद का धार्मिक महत्व भी है, जिसे पंचामृत में शामिल किया गया है। भारत के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय से जंगली मधुमक्खियों से शहद इकट्ठा करते आए हैं।

अब कैसे शहद निकाला जाता है?

समय बदलने के साथ शहद निकालने के तरीके में भी काफी बदलाव हुआ है। पहले लोग जंगलों में जकर जंगली छत्तों से शहद निकालते थे। इससे कई बार मधुमक्खियों का छत्ता पूरी तरह टूटकर खत्म हो जाता था। बाद में वैज्ञानिकों ने ऐसे छत्ते बनाए जिनमें मधुमक्खियों को सुरक्षित रखा जा सकता है और बिना पूरे छत्ते को तोड़े, शहद को आसानी से निकाला जा सकता है। अब किसान मधुमक्खियों को खास तरह के बक्सों में रखते हैं। मधुमक्खियां फूलों से रस लाकर शहद बनाती हैं और फिर इसे   इकट्ठा किया जाता है

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निष्कर्ष:

इतिहास में मिले साक्ष्यों से इस बारे में सही तरह से पता नहीं चलता है कि पहला बार किस इंसान ने शहद चखा था या कब खाना शुरू किया था। हालांकि, मिले प्रमाण बताते हैं कि लोग कम से कम 7,500 से 8,000 साल पहले से शहद इकट्ठा कर रहे थे। शुरुआत में शहद जंगल से मिलने वाला फूड था। बाद में इसका इस्तेमाल दवा, धार्मिक कामों और व्यापार के लिए भी होने लगा है।

FAQ

  • 1 दिन में कितना शहद खाना चाहिए?

    एक हेल्दी व्यक्ति को दिनभर में 1 से 2 छोटे चम्मच शहद का सेवन करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में शहद खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वजन बढ़ना, ब्लड शुगर बढ़ना और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • सुबह खाली पेट शहद चाटने से क्या होता है?

    सुबह खाली पेट शहद खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे आपके शरीर को एनर्जी मिलती है, पाचन क्रिया बेहतर होती है और वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 10, 2026 18:04 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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