Thu Sep 17, 2026 | 04:48 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या पेट में गैस और ब्लोटिंग होने पर दाल खानी चाहिए? जानें किन बातों का रखें ध्यान

पेट में गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्या होने पर दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसकी वजह से गैस और ब्लोटिंग जैसी परेशानी बढ़ जाती है। इसके बजाय हल्की चीजों का सेवन करना फायदेमंद होता है।

गैस या ब्लोटिंग होने पर हम अक्सर अपने खान-पान पर विशेष जोर देते हैं। हम ऐसी कोई चीज खाना पसंद नहीं करते हैं, जिससे ये समस्याएं ट्रिगर हो सकती है। आपने देखा होगा कि कई लोग पेट में गैस या ब्लोटिंग होने पर दाल खाना पसंद करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई इस तरह की स्थितियों में दाल खाई जा सकती है? विशेषज्ञ बताते हैं कि गैस या ब्लोटिंग होने पर दाल नहीं खानी चाहिए। आइए, जानते हैं इसके पीछे क्या ठोस कारण हो सकते हैं? इस बारे में जानने के लिए हमने Delhi स्थित Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की।

क्या पेट में गैस और ब्लोटिंग होने पर दाल खानी चाहिए?

is it safe to eat lentils during gas and bloating 01 (8)

वैसे तो गैस और ब्लोटिंग जैसी स्थिति में दाल खाने में कोई दिक्कत नहीं है। हां, कई मामलों में देखने में आता है कि ऐसी शारीरिक समस्याओं में दाल नहीं खानी चाहिए। इससे कंडीशन और ज्यादा बिगड़ जाती है। इस संबंध में National Library Of Medicine में प्रकाशित किताब के अध्याय के अनुसार, कई ऐसी चीजें हैं, जिन्हें ब्लोटिंग होने पर नहीं खाना चाहिए, इसमें दाल भी शामिल है। इससे न सिर्फ ब्लोटिंग की दिक्कत होती है, बल्कि पेट में गैस भी बनने लगती है।

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दाल खाने से गैस क्यों बनती है?

आसानी से न पचने वाला शुगर

डायटिशियन दिव्या गांधी के अनुसार, "दाल में कॉम्प्लेक्स शुगर पाया जाता है, जो कि आसानी से पचता नहीं है। विशेषज्ञों की मानें, तो सभी तरह की दाल में रैफिनोज फैमिली ओलिगोसैकेराइड्स नाम का कॉम्प्लेक्स शुगर होता है।" Cleveland Clinic के अनुसार, सामान्यतः रैफिनोज पेट के बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जब यह पचता यानी ब्रेकडाउन होता है, तो इसकी वजह से पेट में कई तरह की गैसें बनने लगती हैं। ऐसे में ब्लोटिंग जैसी समस्या होने लगती है।

एंजाइम की कमी

अगर पहले से ही गैस या ब्लोटिंग की समस्या है, तो बेहतर है कि दाल का सेवन न करें। वैसे भी दाल में मौजूद कॉम्प्लेक्स शुगर पचता नहीं है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे पाचन तंत्र में अल्फा-गैलेक्टोसिडेस नाम के एक खास एंजाइम की कमी होती है, जो कि शुगर को पचाने के लिए जरूरी है।

फाइबर की अधिकता

मसूर की दाल में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। वैसे तो फाइबर गट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं और कब्ज से भी छुटकारा मिलता है। हां, अगर आपको पहले से ही गैस या ब्लोटिंग की समस्या है, तो बेहतर इसका सेवन न करें। इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। हमारे पाचन एंजाइम्स कॉम्प्लेक्स शुगर के साथ-साथ हाई फाइबर को भी पचा नहीं पाता है, जिससे निचले पेट में जाकर इनका फर्मेंटेशन होने लगता है। ऐसे में गैस बनने लगती है।

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गैस-ब्लोटिंग में दाल खाने का सही तरीका

गैस या ब्लोटिंग होने पर हल्की चीजों को खाना अधिक फायदेमंद होता है। अगर आपको दाल खानी है, तो इस संबंध में कुछ टिप्स अपना सकते हैं, जैसे-

  • दाल को पकाने से पहले कुछ घंटों के लिए भिगो लें।
  • भीगी हुई दाल खाने से ब्लोटिंग की समस्या कम होती है।
  • दाल की रेसिपी बनाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना न भूलें।
  • पाचन संबंधी समस्या होने पर दाल कम मात्रा में खाएं।
  • अगर पेट अधिक खराब है, तो डॉक्टर की सलाह लें या आवश्यक दवा लें।
  • दाल को पकाने में हल्दी, नमक और जीरा जैसी चीजों का उपयोग करें।

गैस-ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए क्या करें?

  • कम मात्रा में खाएंः गैस या ब्लोटिंग होने पर डाइट का पोर्शन कम कर दें। अधिक मात्रा में खाने से पेट पर दबाव बनता है और समस्या बढ़ सकती है।
  • हल्की वॉक करेंः ब्लोटिंग या गैस जैसी समस्या में खाने के तुरंत बाद कुछ समय के लिए वॉक करें। 10 से 15 मिनट की वॉक करने से गैस निकलने में मदद मिलती है।
  • हर्बल चाय पिएंः पुदीना या सौंफ की चाय पीने से गैस और ब्लोटिंग में राहत मिलती है। इनमें ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो गैस को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
  • पर्याप्त पानी पिएंः गैस या ब्लोटिंग से राहत के लिए विशेषज्ञ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की भी सलाह देते हैं। इससे पाचन में सुधार होता है।

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निष्कर्ष

दाल खाने के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। इसमें हाई फाइबर भी होता है। हालांकि, ब्लोटिंग या गैस जैसी समस्या में इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाना चाहिए। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पाचन संबंधी समस्या बढ़ सकती है और ब्लोटिंग भी हो सकती है।

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FAQ

  • क्या हींग और अदरक का तड़का लगाने से दाल के कारण होने वाली गैस को नियंत्रित किया जा सकता है?

    हां, हींग में कई ऐसे तत्व है, जो आंतों की गैस को दूर करते हैं और अदरक पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है। 
  • क्या छिलके वाली दालों की तुलना में बिना छिलके वाली धुली दालें कम गैस बनाती हैं?

    हां, दाल के छिलके में कॉम्प्लेक्स फाइबर और फाइटेट्स की मात्रा अधिक होती है। धुली दालों में फाइबर का भार कम हो जाता है, जिससे संवेदनशील पेट वाले लोग भी इनका सेवन कर सकते हैं। इससे उन्हें ब्लोटिंग नहीं होती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 17, 2026 16:01 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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