Thu Sep 17, 2026 | 03:47 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

एक दिन में कितने अंडे खाना सही है? जानें एक्सपर्ट की राय

गट, ल‍िवर, ब्रेन, मेटाबॉल‍िज्‍म के ल‍िए अंडे का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसमें कई पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं इसल‍िए इसे कंप्‍लीट फूड कहा जाता है। आइए एक्‍सपर्ट से जानते हैं क‍ि एक द‍िन में क‍ितने अंडे खा सकते हैं?

अंडे में नौ अमीनो एस‍िड और जरूरी पोषक तत्‍वों की भरपूर मात्रा होती है। अंडा खाने से शरीर को कोलीन, प्रोटीन, फैट सॉल्‍यूबल व‍िटाम‍िन्‍स म‍िल सकते हैं। अंडे मेटाबॉल‍िज्‍म को सपोर्ट करते हैं, अगर इसे हेल्‍दी डाइट के साथ सही मात्रा में ल‍िया जाए, तो अंडा सेहत के ल‍िए काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांक‍ि, कुछ लोग अंडे को अनहेल्‍दी भी मानते हैं क्‍योंक‍ि एक पुरानी धारण है क‍ि एग योक खाने से कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है। ऐसे में मन में सवाल आता है क‍ि एक द‍िन में आख‍िर क‍ितने अंडे खाने चाह‍िए? आइए एक्‍सपर्ट से जानते हैं इस सवाल का जवाब। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

द‍िनभर में 1 से 3 अंडे खा सकते हैं

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एक द‍िन में 1 से 3 अंडे खा सकते हैं। Harvard Medical School में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, दिनभर में 300 मिलीग्राम से ज्यादा डाइटरी कोलस्ट्रॉल नहीं लेना चाहिए। एक सामान्य रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लिए हफ्ते में 7 अंडे तक खाना आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता है। हालांक‍ि, किसी क्रॉ‍न‍िक ड‍िजीज के मरीज हैं, तो डॉक्‍टर और डाइट एक्‍सपर्ट की सलाह लेकर अंडे की मात्रा तय करें।

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अंडे को नाश्‍ते में खाना ज्‍यादा सेहतमंद है

अंडे को नाश्‍ते में शाम‍िल करना ज्‍यादा सेहतमंद माना जाता है क्‍योंक‍ि अंडे में मौजूद प्रोटीन धीरे-धीरे पचता है ज‍िससे ब्‍लड शुगर स्‍पाइक नहीं होता। इसल‍िए इंसुल‍िन स्‍टेब‍िलि‍टी के ल‍िए नाश्‍ते में अंडा खाना सेहतमंद माना जाता है।

अंडे में 6 से 7 ग्राम प्रोटीन

  • एक मीड‍ियम अंडे में 6 से 7 ग्राम प्रोटीन होता है।
  • एग योक में कोलीन पाया जाता है जो ल‍िवर हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद है और फैटी ल‍िवर से बचाव करता है।
  • एग योक में फैट सॉल्‍यूबल व‍िटाम‍िन्‍स जैसे ए, डी, ई और के अपने नेचुरल फॉर्म में पाए जाते हैं। ये व‍िटाम‍िन्‍स शरीर में तब एब्‍जॉर्ब होते हैं, जब डाइट में फैट हो। अंडा खुद इन व‍िटाम‍िन्‍स को एब्‍जॉर्ब होने के ल‍िए सही फूड माना जाता है।
  • अंडे में सेलेन‍ियम होता है, जो थायराइड हार्मोन को एक्‍ट‍िव करता है।
  • अंडे में आयरन और ज‍िंक की भी भरपूर मात्रा होती है जो सेल र‍िपेयर और एनर्जी के ल‍िए जरूरी हैं।

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अंडे से जुड़े इस म‍िथक पर न करें भरोसा

म‍िथक

ज्‍यादातर लोगों को यही लगता है क‍ि डाइटरी कोलेस्‍ट्रॉल यानी खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाला कोलेस्‍ट्रॉल ब्‍लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। लोग अक्‍सर अंडे का सेवन सीमि‍त मात्रा में करते हैं क्‍योंक‍ि वे मानते हैं क‍ि एग योक में कोलेस्‍ट्रॉल मौजूद होता है। ऐसे में अगर कोई व्‍यक्‍त‍ि कोलेस्‍ट्रॉल युक्‍त चीजों का सेवन करें, तो ब्‍लड में कोलेस्‍ट्राॅल की मात्रा बढ़ सकती है और हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है। हालांक‍ि, धारणा गलत है।

सच्‍चाई

शरीर में लगभग 70 से 80 प्रत‍िशत तक कोलेस्‍ट्रॉल को ल‍िवर बनाता है और करीब 20 से 30 प्रत‍िशत डाइट से म‍िलता है। जब हम अंडे जैसे हेल्‍दी फूड्स को डाइट में शाम‍िल करते हैं, तो शरीर उस मुताब‍िक कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को एडजस्‍ट कर लेता है। कई स्‍टडीज में बताया गया है क‍ि अंडा खाने से टोटल कोलेस्‍ट्रॉल नहीं बढ़ता। हालांक‍ि, कुछ लोगों में LDL बढ़ सकता है, जैसे अगर अंडे को फ्राई करके खाया जाए या सफेद ब्रेड के साथ खाया जाए, तो LDL बढ़ सकता है लेक‍िन अंडा खाने से HDL यानी गुड कोलेस्‍ट्रॉल भी बढ़ सकता है।

अंडा वेट मैनेजमेंट में मदद करता है

अंडे को केवल एक ज‍िम फूड या कोलेस्‍ट्रॉल युक्‍त फूड कहना सही नहीं होगा। जब शरीर को अंडे के जर‍िए प्रोटीन और फैट का कॉम्‍बि‍नेशन म‍िलता है, तो हंगर हार्मोन कंट्रोल होता है और ओवरईट‍िंग और फूड क्रेव‍िंग्‍स से बचने में मदद म‍िलती है और वेट मैनेजमेंट को भी सपोर्ट म‍िलता है।

अंडे की सही मात्रा डाइट एक्‍सपर्ट और डॉक्‍टर तय करते हैं। यह व्‍यक्‍त‍ि की डाइट पर न‍िर्भर करता है इसल‍िए डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही अपने ल‍िए अंडों की सही मात्रा तय करें।

निष्‍कर्ष:

एक द‍िन में 1 से 3 अंडों का सेवन कर सकते हैं। एक मीड‍ियम अंडे में 6 से 7 ग्राम प्रोटीन होता है। इसे नाश्‍ते में खाना ज्‍यादा सेहतमंद माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें मौजूद प्रोटीन धीरे-धीरे पचता है ज‍िससे शुगर स्‍पाइक नहीं होते। कई लोग एग योक में डाइटरी कोलेस्‍ट्रॉल मौजूद होने के कारण इसे खाने से डरते हैं, लेक‍िन शरीर डाइट के जर‍िए लगभग 20 से 30 प्रत‍िशत ही कोलेस्‍ट्रॉल लेता है, बाक‍ि कोलेस्‍ट्रॉल ल‍िवर द्वारा बनाया जाता है। ऐसे में जब डाइट से कोलेस्‍ट्रॉल म‍िलता है, तो शरीर कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को कंट्रोल करता है। ऐसे में इसे डाइट में हेल्‍दी तरीके से शाम‍िल कर सकते हैं। हालांक‍ि, अंडे को फ्राई करके खाने से या सफेद ब्रेड के साथ खाने के कारण बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है इसल‍िए इसे सही ढंग से हेल्‍दी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं और इसके लाभ का आनंद उठा सकते हैं। अंडे से शरीर को प्रोटीन और फैट का कॉम्‍ब‍िनेशन म‍िलता है ज‍िससे हंगर हार्मोन कंट्रोल होते हैं और वेट मैनेजमेंट में मदद म‍िलती है।

image credit: magnific

FAQ

  • अंडे का सफेद हिस्सा ज्यादा फायदेमंद है या जर्दी?

    अंडे के सफेद भाग और जर्दी दोनों के पोषक तत्‍व अलग-अलग होते हैं। जर्दी में फैट, व‍िटाम‍िन्‍स और अन्‍य पोषक तत्‍व होते हैं जबक‍ि अंडे के सफेद भाग में मुख्‍य रूप से प्रोटीन होता है। 
  • उबला अंडा ज्यादा अच्छा है या ऑमलेट?

    उबले अंडे में तेल या मक्खन नहीं होता और ऑमलेट भी पौष्टिक हो सकता है, लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाले तेल और अन्य सामग्री की मात्रा से कैलोरी बढ़ सकती है। 

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 17, 2026 13:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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