Thu Sep 17, 2026 | 03:44 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

भिगोकर या भूनकर, सूरजमुखी के बीज खाने का सही तरीका क्या है? डाइट एक्सपर्ट ने बताया किस समस्या में कैसे लें

सूरजमुखी के बीजों को भिगोकर खोने से जहां फाइबर बढ़ता है, वहीं भूनकर खाने से कुछ पोषक तत्व सीधे तौर पर शरीर को मिल जाते हैं। ऐसे में सवाल आता है कि इन बीजों को खाने का सबसे हेल्दी तरीका क्या है? जानते हैं एक्सपर्ट की राय।

रोजाना 1 से 2 चम्मच कद्दू के बीजों का सेवन शरीर में कई प्रकार के पोषक तत्व प्रदान कर सकता है जैसे विटामिन ई, फाइबर, मैग्निशियम और प्रोटीन। इन सभी चीजों का सेवन सेहत से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं में फायदेमंद है। Ms. Edwina Raj, Head of Services-Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं कि सूरजमुखी के बीजों को खाने से जहां आपकी स्किन अच्छी रहती है वहीं आपके बालों की सेहत भी बेहतर होती है। इसके अलावा भी इन बीजों को खाने के कई फायदे हैं लेकिन सबसे पहले जानते हैं सूरजमुखी के बीजों को कब और कैसे खाएं?

भिगोकर या भूनकर, सूरजमुखी के बीज खाने का सही तरीका क्या है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि सूरजमुखी के बीजों को खाने का सबसे सही तरीका है कि आप इसे भिगोकर खाएं। दरअसल, जब आप सूरजमुखी के बीजों को भिगोकर खाते हैं तो इसके नेचुरल एंजाइम्स एक्टिवेट हो जाते हैं। दरअसल, सूरजमुखी के बीजों को पानी में भिगोने से ऐसे प्राकृतिक एंजाइम एक्टिव हो जाते हैं जो फाइटिक एसिड को तोड़ते हैं, जिससे जिंक और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स को शरीर द्वारा सोखना आसान हो जाता है।

सूरजमुखी के बीज कितनी मात्रा में खाएं?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं सूरजमुखी के बीजों को आप दिन में लगभग 1–2 बड़े चम्मच यानी एक दिन में मात्र 15–30 ग्राम ही सूरजमुखी के बीजों का सेवन करें। अगर आप इन्हें पहली बार अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं, तो कम मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे अपनी पाचन शक्ति और कुल डाइट के हिसाब से मात्रा बढ़ाएं।

इसे भी पढ़ें: क्या गर्मियों में सूरजमुखी के बीज खाने चाहिए? जानें एक्सपर्ट से

सूरजमुखी के बीज कब खाएं?

इस सवाल पर डाइट एक्सपर्ट एडविना का कहना है कि सूरजमुखी के बीज खाने का कोई खास समय नहीं होता। आप इन्हें नाश्ते के साथ, सुबह या शाम के स्नैक के तौर पर या खाने के हिस्से के तौर पर खा सकते हैं।

डाइट में कैसे शामिल करें सूरजमुखी के बीज?

सूरजमुखी के बीजों को सीधे स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है, लेकिन इन्हें खाने में भी मिलाया जा सकता है। आप इन्हें

  • ओटमील
  • सलाद
  • सूप
  • दही
  • स्मूदी या सब्जी वाली डिश पर छिड़क सकते हैं।

एक हेल्दी स्नैक बनाने के लिए इन्हें दूसरे नट्स और बीजों के साथ भी मिलाया जा सकता है। खाने के साथ इन्हें लेने से पोर्शन कंट्रोल करना आसान हो सकता है क्योंकि ये पेट तो भरते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी ज्यादा होती है। सबसे अच्छा विकल्प है कि आप बिना नमक वाले और हो सके तो सूखे भुने हुए या कच्चे सूरजमुखी के बीज चुनें। नमक और ज्यादा फ्लेवर वाले बीजों में सोडियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है, जबकि कुछ पैकेट वाले बीजों में अलग से तेल या फ्लेवर मिलाया जा सकता है। अगर आप भुने हुए बीज खरीदते हैं, तो लेबल जरूर देखें और ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिनमें कम से कम चीजें मिलाई गई हों।

1

इसे भी पढ़ें: क्या सूरजमुखी के बीज किडनी रोगियों के लिए फायदेमंद है? मानें एक्सपर्ट की सलाह

किस समस्या में कब खाएं सूरजमुखी के बीज?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि सूरजमुखी के बीज एक पौष्टिक भोजन हैं और सही मात्रा में खाने पर इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनसे प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन E, मैग्नीशियम, सेलेनियम और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं। इसके अलावा सेहत से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं में आप इसे अलग-अलग तरीके से खा सकते हैं जैसे-

  • हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में आप सूरजमुखी के बीजों को भिगोकर खाएं। इसका फाइबर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। साल 2020 में  Journal of Food Science and Technology में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, सूरजमुखी के बीजों में ओलिक एसिड होता है जो शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, यह नसों में जमने वाले 'खराब कोलेस्ट्रॉल' (LDL) और ट्राइग्लीसराइड्स को कम करते हैं।
  • डायबिटीज के मरीज बेहतर डाइजेशन, कब्ज की समस्या से बचान और शुगर स्पाइक को रोकने के लिए इसे अपने शाम की स्नैक्स में भूनकर शामिल कर सकते हैं।
  • थायराइड की समस्या वाले लोग इसे भिगोकर खाएं ताकि इसका सेलेनियम तत्व शरीर तक पहुंचे।
  • ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या वाले लोग हड्डियों को घनत्व बढ़ाने और इन्हें हेल्दी रखने के लिए स्नैक्स के रूप में इन बीजों का सेवन कर सकते हैं।
  • स्ट्रेस, एंग्जायटी और बेहतर मेंटल हेल्थ के लिए सूरजमुखी के बीजों का सेवन मददगार है। इससे विटामिन बी-6 मिलता है और इसलिए इसे भूनकर खाएं।

हालांकि, इनमें कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए बहुत ज्यादा खाने से कुल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। ज्यादा जरूरी यह है कि आप दिन भर में कितनी मात्रा में इनका सेवन करते हैं। सूरजमुखी के बीजों को बहुत तेजी से खाने के बजाय अच्छी तरह चबाकर खाना बेहतर है, क्योंकि इससे पाचन आसानी से होता है। जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है, उन्हें कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि अचानक ज्यादा मात्रा में बीज खाने से इनमें मौजूद फाइबर और फैट के कारण ब्लोटिंग की समस्या, गैस या पेट में तकलीफ हो सकती है।

निष्कर्ष:

सूरजमुखी के बीज सेहतमंद होते हैं, लेकिन इन्हें पोषण के दूसरे स्रोतों की जगह नहीं लेना चाहिए। अलग-अलग तरह के पोषक तत्व पाने के लिए इन्हें अलसी के बीज, चिया बीज, कद्दू के बीज, अखरोट और दूसरे नट्स के साथ बदलकर खाते रहना फायदेमंद है। कुल मिलाकर, ज्यादातर वयस्कों के लिए रोजाना 15–30 ग्राम सादे, बिना नमक वाले सूरजमुखी के बीज खाना सही मात्रा है। आपकी कुल कैलोरी की जरूरत, डाइट और सेहत से जुड़े लक्ष्यों के आधार पर सही मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है।

FAQ

  • क्या सूरजमुखी के बीज वजन बढ़ाने में मदद करते हैं?

    सूरजमुखी के बीज में कैलोरी और फैट ज्यादा होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो यह वजन बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं। हालांकि, नियंत्रित मात्रा में ये हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं।
  • सूरजमुखी के बीज को रात भर भिगोना क्यों बेहतर है?

    सूरजमुखी के बीजों को भिगोने से फाइटिक एसिड टूट जाता है, जिससे जिंक और मैग्नीशियम जैसे खनिजों का शरीर द्वारा अवशोषण आसान हो जाता है और पाचन में भी सुधार होता है।

Read Next

चिया सीड्स और अलसी में से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है? जानें और सेहत के अनुसार चुनें सही विकल्प

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 17, 2026 13:36 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content