Fri Oct 9, 2026 | 07:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

Swine Flu: दिल्ली में H1N1 का कहर, तेज बुखार और सांस में तकलीफ के मामले बन रहे चिंता का कारण

दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू मे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई मरीज सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं, तो कुछ मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है। स्वाइन फ्लू में मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जानने के लिए पढ़ें यह लेख।
Swine Flu: दिल्ली में H1N1 का कहर, तेज बुखार और सांस में तकलीफ के मामले बन रहे चिंता का कारणSwine Flu: दिल्ली में H1N1 का कहर, तेज बुखार और सांस में तकलीफ के मामले बन रहे चिंता का कारण

दिल्ली में इस साल H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है और आंकड़ों के अनुसार, इस साल H1N1 के मामले छह गुना ज्यादा रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के अनुसार, पिछले साल इसी समय तक 229 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली में अभी तक 1770 से ज्यादा रोगी इलाज के लिए आ चुके हैं। 

मानसून के सीजन में लोग अक्सर तेज बुखार, सूखी खांसी, शरीर में दर्द या अचानक कमजोरी महसूस होने को सामान्य वायरल या मौसम बदलने का असर मानकर इग्नोर कर देते हैं। अगर किसी को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से चेक कराना बहुत जरूरी है। इस बारे में हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Hospital, Delhi से बात की।

दिल्ली में H1N1 बढ़ने के कारण

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, "दिल्ली में मानसून के सीजन में स्वाइन फ्लू में तेजी देखने को मिल रही हैं, जब सांस से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती है। H1N1 इंफ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है, जो नाक, गले और फेफड़ों को

प्रभावित करता है। आमतौर पर स्वाइन फ्लू का रिस्क बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज, क्रोनिक हार्ट या फेफड़ों की बीमारी या कमजोर इम्युनिटी जैसी स्थितियों से जूझ रहे लोगों को ज्यादा होता है। इस समय इसके मामलों में बढ़ोतरी के सटीक कारणों को जानने के लिए वायरस के जेनेटिकल बदलावों को समझने की जरूरत है।”

मरीजों को हो रही है सांस फूलने की समस्या

Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “आमतौर पर लोगों को फ्लू बिना गंभीर समस्या के ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में कंडीशन बिगड़ सकती है। अगर स्वाइन फ्लू के मरीज का ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो और सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

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H1N1 के कौन-से लक्षण हैं?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण वायरल बुखार जैसे लगते हैं। इसलिए इसे पहचानना मुश्किल लगता है, लेकिन अगर किसी मरीज को ये लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

  • अचानक तेज बुखार
  • सूखी खांसी
  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • ठंड लगना
  • बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
  • नाक बहना या बंद होना

H1N1 से बचने के लिए क्या करें?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने लोगों को अच्छी आदतें अपनाने की सलाह दी है।

  • हाथों की रेगुलर सफाई रखें।
  • खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें
  • बीमार होने पर दूसरों के करीब जाने से बचें
  • बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।
  • जिन लोगों को वायरल का ज्यादा रिस्क है, उन्हें इंफ्लुएंजा वैक्सीन लगवाना चाहिए।

निष्कर्ष
Dr. Vineeta Singh Tandon लोगों को सलाह देती हैं कि इंफ्लुएंजा वायरस में किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवा खुद से न लें। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लेना, आराम करना और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से लक्षण काफी हद तक ठईक हो जाते हैं। हालांकि दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामले चिंता का विषय जरूर हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर पहचान, सही इलाज और इंफेक्शन से बचाव करके स्वाइन फ्लू के खतरे को कम किया जा सकता है।

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FAQ

  • H1N1 के मरीज को कितने दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना चाहिए?

    लक्षण दिखने के बाद मरीज को कम से कम 7 दिनों तक या बुखार उतरने के 24 घंटे बाद तक आइसोलेशन में रहना चाहिए, ताकि परिवार के बाकी लोगों में संक्रमण न फैले।
  • क्या H1N1 वायरस हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है?

    हां, यह वायरस मरीज के छींकने, खांसने या बात करने से निकली रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स से हवा में फैलता है। इसके अलावा दूषित सतहों को छूने से भी संक्रमण फैल सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 21, 2026 17:10 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Aug 21, 2026 17:10 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon