Wed Nov 4, 2026 | 02:07 PM IST

Medically Reviewed by Dr Niraj Kumar , Senior Consultant – General Medicine

दिवाली से पहले ही Delhi की हवा हुई जहरीली, 24 घंटे इस हवा में सांस लेने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?

Poor AQI in Delhi: दिल्ली-एनसीआर का AQI दिनों दिन और खराब होता जा रहा है। इसके संपर्क में रहने के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे आंखों में जलन, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ। जानें, खराब AQI से और कैसी समस्याएं होती हैं?
दिवाली से पहले ही Delhi की हवा हुई जहरीली, 24 घंटे इस हवा में सांस लेने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?दिवाली से पहले ही Delhi की हवा हुई जहरीली, 24 घंटे इस हवा में सांस लेने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?

एक ओर फेस्टिव सीजन का उत्साह बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी लगातार खराब होती जा रही है। आज सुबह तक दिल्ली-NCR का AQI 329 से लेकर 432 के बीच था। इसी से पता चलता है कि दिल्ली-NCR में रहने वाले लोग कैसी हवा में सांस ले रहे हैं? क्या आप जानते हैं कि अगर कोई लगातार चौबीस घंटे ऐसे खराब AQI में रहता है, तो उसके शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है?

इस बारे में Dr. Niraj Kumar, Senior Consultant, ShardaCare Hospital, Greater Noida बताते हैं, "अगर आप पिछले चौबीस घंटे से लगातार इस खराब एयर क्वालिटी में समय बिता रहे हैं, तो आपके शरीर का हर हिस्सा इससे प्रभावित होता है। जैसे आंखों में रेडनेस छाने लगती है, सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, सिरदर्द होने लगता है और खांसी की समस्या भी बढ़ जाती है। इसलिए इसकी अनदेखी किसी को नहीं करनी चाहिए।"

क्या कहती है स्टडी?

साल 2025 में European Journal of Cardiovascular Medicine में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, हाई AQI के संपर्क में आने से तुरंत सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा की समस्या का बढ़ना, एक्यूट ब्रोंकाइटिस और सीने में जकड़न होने लगती है। यही नहीं, यह हृदय गति की अनियमिता (Arrhythmia), अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ना और एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम (हार्ट अटैक व स्ट्रोक) को ट्रिगर करता है। ये कुछ शार्ट टर्म प्रभाव हैं। अगर कोई लगातार हाई AQI में रहता है, तो इसकी वजह से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों की कार्यक्षमता पर बुरा असर और फेफड़ों का कैंसर तक हो सकता है।

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दिल्ली-एनसीआर की खराब AQI के संपर्क में रहने से क्या होता है?

What Happens To The Body After 24 Hours In Delhi Poor AQIWhat Happens To The Body After 24 Hours In Delhi Poor AQI

1. आंखों में रेडनेस और जलन

Dr. Niraj Kumar कहते हैं, "अगर आप चौबीस घंटे से अधिक खराब एयर क्वालिटी में बिताते हैं, तो ध्यान रखें कि इसकी वजह से आपकी आंखें पूरी तरह लाल हो जाती हैं, जलन होने लगती है। इससे असहजता भी बढ़ती है। यही नहीं, खराब AQI के कारण नाक बहना और नाक में जलन होने जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं।"

2. श्वसन तंत्र में जलन और सूजन

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Dr. Niraj Kumar ने आगे बताया, "दिल्ली-एनसीआर की हवा इतनी दूषित होती है कि इसमें PM2.5 यानी फाइन पार्टिक्यूलेट मैटर और टॉक्सिक गैसें होती हैं। इसके संपर्क में आने के कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। असल में, ये प्रदूषित गैस सांस के जरिए सीधे ब्रोंकाइटल ट्यूब्स के अंदर पहुंच जाती है। ऐसे में एक घंटे के अंदर-अंदर गले में खराश, सूखी खांसी, छींकें और सीने में जकड़न महसूस होने लगती है।"

3. ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ना

टॉक्सिक हवा में सांस लेने के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ जाता है। Dr. Niraj Kumar की मानें, तो हवा में मौजूद जहरीले कण शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा को बहुत तेजी से बढ़ा देते हैं। नतीजतन, शरीर की प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है और सेल्स को नुकसान होने लगता है।

4. शरीर में सूजन और जलन का बढ़ना

Dr. Niraj Kumar के अनुसार, "दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषित हवा में मौजूद जहरीले कण हमारे इम्यून सिस्टम को भी कमजोर करते हैं। असल में, जब हवा में मौजूद फाइन पार्टिकल्स (PM2.5) फेफड़ों से रक्तप्रवाह (Bloodstream) में प्रवेश करते हैं और इम्यून सिस्टम उन पर प्रतिक्रिया देता है, तो इसकी वजह से खून में इन्फ्लेमेटरी प्रोटीन का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे पूरे शरीर में अंदरूनी सूजन पैदा हो जाती है।"

5. दिल पर बढ़ता दबाव

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खराब एयर क्वालिटी सिर्फ आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को ही प्रभावित नहीं करती है, बल्कि इसका बुरा असर आपके हृदय स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। दरअसल, PM2.5 लंग्स से होते हुए खून में घुल जाता है। इसकी वजह से अस्थायी रूप से ब्लड वेसल्स सख्त हो जाती हैं, जिससे हार्ट के लिए सही तरह से ब्लड फ्लो करना मुश्किल हो जाता है और शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई भी बाधित होने लगती है।

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6. थकान और सिरदर्द होना

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 24 घंटे तक खराब AQI के संपर्क में रहने से आपको सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं? जैसा कि हमने पहले भी यह स्पष्ट किया है कि खराब AQI का हृदय स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और ऑक्सीजन सप्लाई धीमी हो जाती है। ऐसे में सिरदर्द, थकान, अंदरूनी सूजन के बढ़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में ऊर्जा में गिरावट, मानसिक सुस्ती या भारीपन और तनाव वाला सिरदर्द होने लगता है।

क्या करें?

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दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी को रातों-रात बदला नहीं जा सकता है। हां, आप अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके और अच्छी आदतों को अपनाकर इसके नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं, जैसे-

  1. दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  2. सलाइन नेजल स्प्रे का यूज करें।
  3. नमक पानी से गरारे जरूर करें।
  4. घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।
  5. अगर वैक्यूम क्लीनर में HEPA फिल्टर नहीं है, तो उसका उपयोग न करें।
  6. अगरबत्ती/धूपबत्ती जलाने से पूरी तरह बचें।
  7. एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त चीजों का सेवन अधिक करें।
  8. शराब, प्रोसेस्ड फूड आदि से दूर रहें।
  9. प्रदूषित हवा में इंटेंस वर्कआउट न करें।
  10. अगर सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ हो, तो डॉक्टर से मिलें।

निष्कर्ष

दिल्ली-एनसीआर की हवा में तेजी से बदलाव हो रहा है। दिनों-दिन हवा बिगड़ती जा रही है। वहीं, कुछ ही दिनों में दिवाली है, जिस दिन लोग खूब पटाखे आदि जलाएंगे। इसकी वजह से हवा की क्वालिटी और खराब होने का अंदेशा है। वहीं, ऐसी हवा से खुद को दूर रखना संभव नहीं है। इसके संपर्क में आते ही आंखों में जलन, नाक से पानी बहना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए आप ऊपर दी गई सलाह पर जरूर अमल करें।

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FAQ

  • क्या गंभीर प्रदूषण के दिनों में सामान्य सर्जिकल या कपड़े का मास्क पहनना PM2.5 कणों से प्रोटेक्ट करता है?

    नहीं, कपड़े या सामान्य सर्जिकल मास्क PM2.5 जैसे अतिसूक्ष्म कणों को नहीं रोक पाते। डॉक्टर सलाह देते हैं कि जहरीली हवा से बचने के लिए फिटिंग वाला N95 या N99 रेस्पिरेटर मास्क ही पहनें।
  • 24 घंटे लगातार खराब हवा में सांस लेने से एक व्यक्ति औसतन कितने सिगरेट के धुएं के बराबर जहर अंदर खींच लेता है?

    400 से अधिक गंभीर AQI में 24 घंटे बिताने पर शरीर के अंदर जाने वाला PM2.5 लगभग 20 से 25 सिगरेट पीने के बराबर फेफड़ों और रक्त को नुकसान पहुंचाता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 04, 2026 14:04 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Niraj Kumar