Tue Nov 3, 2026 | 03:09 PM IST

Medically Reviewed by Dr Neetu Jain , Senior Consultant – Pulmonary, Critical Care, PSRI Hospital

खराब AQI में सुबह की सैर करना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानें कब करें मॉर्निंग वॉक

खराब एक्यूआई और बदलते मौसम में रोजाना सुबह की सैर करनी चाहिए या नहीं? ये जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें, क्योंकि डॉक्टर नीतू जैन ने स्मॉग में सुबह की सैर करने के बजाय ये रूटीन फॉलो करें।
खराब AQI में सुबह की सैर करना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानें कब करें मॉर्निंग वॉकखराब AQI में सुबह की सैर करना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानें कब करें मॉर्निंग वॉक

सुबह उठकर वॉक करना कई लोगों की आदत होती है और खराब एक्यूआई या बढ़ते प्रदूषण में भी पार्क में टहलना नहीं छोड़ते। इस समय दिल्ली एनसीआर का एक्यूआई 300 पार कर चुका है, तो ऐसे में वजन कम करने के लिए मॉर्निंग वॉक करना कितना सेफ है? ऐसे प्रदूषण में वॉक करने से खुद को फिट रखा जा सकता है? यह जानने के लिए हमने Dr. Neetu Jain, Senior Consultant, Pulmonology, Critical Care and Sleep Medicine, PSRI Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि सुबह की सैर करना फायदेमंद होता है, लेकिन अगर हवा में PM2.5 और PM10 जैसे कणों की मात्रा ज्यादा हो, तो बाहर एक्सरसाइज करना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले इलाके का AQI जरूर चेक करना चाहिए।

क्या खराब एक्यूआई में मॉर्निंग वॉक करना चाहिए?

Dr. Neetu Jain ने कहा, “अगर स्मॉग ज्यादा है और AQI खराब है, तो बाहर टहलने या दौड़ने से बचना बेहतर हो सकता है। मार्निंग वॉक के दौरान लोग तेजी से सांस लेते हैं और ऐसे में शरीर में ज्यादा मात्रा में हवा फेफड़ों में जाती है। अगर खराब एक्यूआई में इसी तरह सांस ली जाए, तो शरीर में ज्यादा मात्रा में प्रदूषित हवा जा सकती है। इससे खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं, अस्थमा, COPD, हार्ट डिजीज, किडनी की बीमारी या सांस संबंधी दूसरी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को बचना चाहिए। ऐसे मौसम में न तो मॉर्निंग वॉक करनी चाहिए और न ही बाहर दौड़ना चाहिए।”

किस AQI में सुबह टहलने से बचना चाहिए?

Central Pollution Control Board of India के मुताबिक भारत में एयर क्वालिटी इंडेक्स को छह प्रकार में बांटा गया है। इसे देखकर ही मेडिकल कंडीशन से जुड़े लोगों को बाहर टहलने जाना चाहिए।

एयर क्वालिटी स्केल

AQI लेवल

हेल्थ पर असर 

सावधानियां 

अच्छा

0 – 50

हवा की क्वालिटी में कोई रिस्क नहीं है। 

किसी भी तरह की सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है। 

संतोषजनक 

51 – 100

संवेदनशील लोगों को सांस लेने में हल्की परेशानी हो सकती है।

इस एक्यूआई में टहला जा सकता है।

मध्यम

101 – 200

फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा से पीड़ित लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

सेंसिटिव लोगों को हैवी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए।

खराब 

201 – 300

लंबे समय तक बाहर रहने पर अधिकतर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

बाहर जाने से बचना चाहिए और सेंसिटिव लोगों को खासतौर पर मॉर्निंग वॉक से बचना चाहिए। 

बहुत खराब

301 – 400

लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को घर के अंदर रहना चाहिए। 

गंभीर

401 – 500

सेहतमंद लोगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। 

पहले से सांस, हार्ट और किडनी की बीमारी के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए।

क्या सुबह की हवा हमेशा साफ होती है?

Dr. Neetu Jain कहती हैं, “अक्सर लोग मेरे पास आकर यही कहते हैं कि सुबह तो हवा साफ होती है, तो ऐसे में मॉर्निंग वॉक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह बात हर दिन के लिए सही नहीं होती। सर्दियों में तापमान, हवा की स्पीड और नमी के कारण सुबह भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा हो सकता है। कई बार शाम के समय भी हवा खराब हो सकती है। इसलिए सिर्फ समय देखकर वॉक करने के लिए निकलना सही नहीं है। अगर सुबह और शाम हवा प्रदूषित है, तो वॉक करने के बजाय घर पर ही वॉक करनी चाहिए।”

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खराब AQI में मॉर्निंग वॉक की जगह क्या करें?

Dr. Neetu Jain ने कहा कि अगर घर के बाहर प्रदूषण हो, तो लोगों को सुबह या शाम की सैर नहीं करनी चाहिए।

  • अगर बाहर की हवा खराब है, तो घर के अंदर चलना, हल्की स्ट्रेचिंग या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी एक्सरसाइज कर सकते हैं।
  • घर के अंदर भी हवा की क्वालिटी का ध्यान रखें। जरूरत के मुताबिक एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कमरे में सही वेंटिलेशन होना चाहिए।
  • खराब AQI में बाहर दौड़ने, तेज चलने या हैवी एक्सरसाइज से बचना चाहिए।
  • बाहर जाते समय N95 मास्क पहनना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Neetu Jain ने बताया कि अगर सुबह या शाम को टहलते समय किसी को खांसी, गले में जलन, आंखों में पानी, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसी समस्या हो, तो एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए। बदलते मौसम, स्मॉग और खराब एक्यूआई के कारण लोगों को मॉर्निंग वॉक करने से बचना चाहिए। अगर किसी को अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह पर ही एक्सरसाइज करनी चाहिए।

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निष्कर्ष
सुबह या शाम को टहलना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन 300 पार हो चुके एक्यूआई में सैर करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकात है। इसलिए जब भी वॉक के लिए निकले, तो सबसे पहले इलाके का AQI जरूर देखना चाहिए। प्रदूषण ज्यादा होने पर घर के अंदर ही एक्सरसाइज करें और जिन लोगों को हार्ट, सांस या किडनी जैसी गंभीर समस्याएं हैं, उन्हें ऐसे प्रदूषित मौसम में बाहर निकलने से बचना चाहिए।

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FAQ

  • क्या N95 मास्क पहनकर तेज गति से मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग की जा सकती है?

    एक्सरसाइज या तेज चलते समय शरीर को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। N95 मास्क सांस के प्रवाह में रुकावट पैदा करता है, जिससे फेफड़ों और दिल पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ सकता है। इससे कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ सकता है, चक्कर आ सकते हैं और दम घुटने जैसा महसूस हो सकता है।
  • क्या सर्दियों में धुंध और स्मॉग एक ही होते हैं, और दोनों में वॉक करना कितना अलग है?

    साधारण धुंध सिर्फ पानी की प्राकृतिक भाप या बूंदें होती हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक नहीं होती है। वहीं स्मॉग, धुंध और जहरीले वाहनों का धुआं मिलकर प्रदूषण बढ़ा देता है। इसलिए साधारण कोहरे में वॉक की जा सकती है, लेकिन स्मॉग में वॉक नहीं करनी चाहिए। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 03, 2026 13:20 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Neetu Jain