सुबह उठते ही जूते पहनकर वॉक पर जाना आपकी रोजाना की आदत है, तो सर्दियों में घर से निकलने से पहले एक बार अपने शहर का AQI जरूर चेक कर लें। इसकी वजह है कि इन दिनों कई शहरों में वायु प्रदूषण का लेवल बढ़ने लगता है। सुबह के समय ठंडी हवा, धुंध और प्रदूषण के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में जिस वॉक को आप सेहत बनाने के लिए करते हैं, वही आपकी सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, प्रदूषण के लेवल को ध्यान में रखकर एक्सरसाइज की जगह और समय तय करना जरूरी है। सिर्फ रोजाना वॉक करने की आदत के कारण खराब हवा में बाहर निकलना समझदारी नहीं है।
कितना AQI होने पर सुबह की वॉक नहीं करनी चाहिए?
डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI से पता चलता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है। जब AQI 200 से ऊपर पहुंच जाए, तो बाहर एक्सरसाइज करने को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर AQI 300 से ज्यादा होने पर सुबह की आउटडोर वॉक और दौड़ने जैसी एक्टिविटीज से बचना बेहतर है। वहीं, AQI 400 से ऊपर होने पर सभी लोगों को बाहर फिजिकल एक्टिविटी सीमित करनी चाहिए। अस्थमा, सांस की बीमारी, हार्ट डिजीज और बुजुर्गों को इससे भी कम प्रदूषण लेवल पर सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। ध्यान रखें कि केवल AQI का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत, प्रदूषण के संपर्क में रहने का समय और एक्सरसाइज की तीव्रता यानी इंटेंसिटी भी मायने रखती है।
इसे भी पढ़ें: स्मॉग और प्रदूषण से आंखों में हो रही जलन? राहत के लिए अपनाएं ये 6 उपाय
साल 2005 में Canadian Journal of Public Health में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, वायु प्रदूषण का लेवल पूरे दिन बदलता रहता है और ओजोन व कण जैसे प्रदूषक दोपहर में सबसे ज्यादा होते हैं, जबकि सुबह और शाम के समय ट्रैफिक के कारण प्रदूषण बढ़ता है। राहत की बात यह है कि सुबह 7 बजे से पहले और रात 8 बजे के बाद हवा में प्रदूषण का लेवल सबसे कम होता है। इसलिए, हेल्दी रहने के लिए बाहर एक्सरसाइज करते समय हवा की क्वालिटी का ध्यान रखना चाहिए। जब एयर क्वालिटी खराब हो, तो अपनी एक्टिविटी घर के अंदर करें या भारी कसरत सुबह जल्दी और कम ट्रैफिक वाले शांत इलाकों में करें।
At What AQI Avoid Morning Walk
प्रदूषण में सुबह की वॉक करने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि जब आप तेज चलते हैं या दौड़ते हैं, तो सांस लेने की स्पीड बढ़ जाती है। इस दौरान सामान्य से ज्यादा हवा फेफड़ों में जाती है। अगर हवा में धूल, धुआं और बारीक प्रदूषित कण मौजूद हैं, तो ये सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में भारीपन महसूस हो सकता है। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से फेफड़ों और दिल की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। अस्थमा और एलर्जी के मरीजों में इसके कारण लक्षण बढ़ सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: प्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट से इन चीजों को करें बाहर? खुद फेफड़ों के डॉक्टर ने बताया
प्रदूषण के दिनों में एक्सरसाइज करने का सही तरीका क्या है?
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, प्रदूषण के दौरान फिजिकल एक्टिविटी पूरी तरह बंद करने के बजाय एक्सरसाइज करने के तरीके में बदलाव करना चाहिए।
- अगर बाहर की हवा खराब है, तो घर के अंदर एक्सरसाइज करना बेहतर हो सकता है।
- इसके लिए आप घर में योग, स्ट्रेचिंग, हल्की एक्सरसाइज या घर के अंदर ही कुछ देर वॉक कर सकते हैं।
- इससे शरीर एक्टिव रहेगा और प्रदूषित हवा के सीधे संपर्क में आने का खतरा भी कम होगा।
- अगर AQI संतोषजनक है और आप बाहर वॉक करने जा रहे हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां ट्रैफिक और धूल कम हो।
- सड़क किनारे या वाहनों की आवाजाही वाली जगह पर एक्सरसाइज करने से बचें।
- इसके अलावा, अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही वॉक करें और बहुत तेज दौड़ने या कठिन एक्सरसाइज से बचें।
निष्कर्ष
सुबह की वॉक सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन प्रदूषण के दौरान बिना AQI चेक किए बाहर निकलना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर AQI 300 से ऊपर होने पर आउटडोर एक्सरसाइज से बचना बेहतर है। ऐसे दिनों में घर के अंदर योग, स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं। अपनी सेहत और हवा की क्वालिटी को ध्यान में रखकर ही वॉक का समय और जगह तय करें। याद रखें, अच्छी सेहत के लिए एक्सरसाइज जरूरी है, लेकिन साफ हवा में सांस लेना भी उतना ही जरूरी है।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या एयर प्यूरीफायर वाले कमरे में ट्रेडमिल पर वॉक कर सकते हैं?
एयर प्यूरीफायर वाले कमरे में ट्रेडमिल पर वॉक करना बाहर की प्रदूषित हवा में एक्सरसाइज करने की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।क्या प्रदूषण में बच्चों को पार्क में खेलने भेजना चाहिए?
अगर AQI खराब या बहुत खराब श्रेणी में है, तो बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी सीमित करनी चाहिए। उन्हें घर के अंदर खेलने के विकल्प देना बेहतर है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 31, 2026 22:37 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma
