Wed Oct 28, 2026 | 08:25 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

प्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट से इन चीजों को करें बाहर? खुद फेफड़ों के डॉक्टर ने बताया

प्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट को सही रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में डाइट से कुछ चीजों को बाहर निकालना फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है। कैसे, इस बारे में जानते हैं फेफड़ों के डॉक्टर से।
प्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट से इन चीजों को करें बाहर? खुद फेफड़ों के डॉक्टर ने बतायाप्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट से इन चीजों को करें बाहर? खुद फेफड़ों के डॉक्टर ने बताया

ठंड आने के साथ बढ़ते प्रदूषण का खतरा भी सिर पर मंडराने लगता है। दरअसल, दशहरे और दिवाली के बाद आमतौर पर नोएडा-दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत की हालत खराब होने लगती है। ऐसे में Dr. Koushik. N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital, Bengaluru कहते हैं कि इस मौसम में आपको बॉक्स ब्रीदिंग करनी चाहिए जो कि फेफड़ों को मजबूत करने के साथ प्रदूषण से बचाव में मदद कर सकता है। इसके अलावा फेफड़ों को सही रखने के लिए डाइट में कुछ चीजों को शामिल करना चाहिए जैसे हरी सब्जियां, जूस और विटामिन सी से भरपूर फ्रूट्स। हालांकि, आज हम जानेंगे उन फूड्स के बारे में जिन्हें हमें डाइट से बाहर निकाल देना चाहिए।

Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology कहते हैं कि दरअसल, यह फूड्स प्रदूषण के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे फेफड़ों की सेहत प्रभावित हो सकती है।

प्रदूषण बढ़ने के साथ डाइट से किन चीजों को करें बाहर?

Dr. Koushik.N कहते हैं कि जब हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, तो बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी हो जाता है। हालांकि, कोई भी भोजन शरीर को वायु प्रदूषण से पूरी तरह नहीं बचा सकता, लेकिन कुछ खाने-पीने की आदतों को सीमित करने से शरीर में सूजन कम हो सकती है और इम्यून सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद मिल सकती है। Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि इस स्थिति में आप इन फूड्स को डाइट से बाहर कर सकते हैं जैसे-

1. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स को

डॉ. सुनील कहते हैं कि सबसे पहले 'अल्ट्रा-प्रोसेस्ड' यानी बहुत ज्यादा प्रोसेस किए गए खाद्य पदार्थों को सीमित करना चाहिए, जिनमें पैकेट वाले स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स और प्रोसेस्ड मीट शामिल हैं। इन चीजों में अक्सर बहुत ज्यादा नमक, अनहेल्दी फैट और एडिटिव्स होते हैं और इनका बार-बार सेवन करने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

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2. तली-भुनी चीजों को

डॉ. सुनील कहते हैं कि तली-भुनी चीजों और ट्रांस फैट वाली चीजों का सेवन भी कम करना चाहिए, क्योंकि इनसे शरीर में सूजन बढ़ सकती है। दरअसल, जब आप तली-भूनी चीजों को खाते हैं तो यह दो तरीके से फेफड़ों पर असर डालती है। सबसे पहले तो खाना पकाने वाले तेल के धुएं को सीधे सांस के जरिए अंदर लेना फेफड़ों की सेहत को प्रभावित करता है और दूसरा, इन्हें खाने से शरीर से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है जिसका शरीर पर गहरा असर होता है। डॉ. सुनील कहते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही फेफड़े की कोई बीमारी रही हो उन्हें इन चीजों के सेवन से नुकसान हो सकता है।

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3. मीठे चीजें

चाहे मीठे ड्रिंक्स हो या मिठाइयां, इन सभी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा चीनी खाने से समय के साथ मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और शरीर में सूजन बढ़ सकती है। इसके अलावा मीठी चीजों का सेवन फेफड़ों में कफ की समस्या को बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं, जिन लोगों को पहले से ब्रोंकाइटिस और अस्थमा हो उनमें यह दोबारा ट्रिगर होने का खतरा पैदा कर सकती है इसलिए फेफड़ों की सेहत को देखते हुए शुगर से दूरी बनाएं।

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4. नमकीन और अचार जैसे हाई सोडियम फूड्स को

डॉ. कौशिक कहते हैं कि अगर आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो नमक का सेवन भी कम करना चाहिए, खासकर पैकेट वाले खाने, अचार और नमकीन स्नैक्स से, क्योंकि ज्यादा सोडियम लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। Scientific Reports में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, भोजन में सोडियम का अधिक सेवन इंटरस्टिशल लंग डिजीज (ILD) और पल्मोनरी सारकोइडोसिस जैसे फेफड़ों की बीमारी की दर और प्रसार दोनों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। समय के साथ भोजन में हाई सोडियम का प्रभाव तुरंत और देरी से दोनों तरह से दिखाई देता है।

डॉक्टर का सुझाव:

अंत में डॉक्टर कहते हैं कि इन चीजों की जगह अपने रोज के खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स और सीड्स को शामिल करें। इनसे विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को सही ढंग से काम करने में मदद करते हैं। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

निष्कर्ष:

अंत में डॉक्टर सुनील कहते हैं कि सबसे जरूरी बात यह है कि खान-पान में बदलाव करके आप प्रदूषित हवा के हानिकारक प्रभावों को पूरी तरह नहीं रोक सकते। अपने इलाके में एयर-क्वालिटी अलर्ट पर नजर रखें, प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर की भारी शारीरिक गतिविधियों को कम करें और जरूरत पड़ने पर अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क पहनें। इसके अलावा अगर आपको पहले से ही फेफड़े की कोई बीमारी रही है तो लक्षण को नजरअंदाज न करें और अपनी दवाइयों को समय पर लें।

FAQ

  • फेफड़ों को ठीक करने के लिए क्या करना चाहिए?

    फेफड़ों को ठीक करने के लिए पहले तो आप ब्रीदिंग एक्सरसाइद करें, योग करें और डाइट सही रखें। साथ ही किसी भी प्रकार की स्मोकिंग से बचें।
  • फेफड़े का इन्फेक्शन कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

    फेफड़े का इन्फेक्शन ठीक होना इस बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। हालांकि, नॉर्मल इंफेक्शन 7 दिनों में ठीक हो जाना चाहिए। 

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 28, 2026 18:16 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar K