Fri Oct 16, 2026 | 01:46 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr S M Fayaz

सस्ता मास्क पहनना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों और किसके लिए N95 मास्क है जरूरी

प्रदूषण और धूल से बचने के लिए हर मास्क एक जैसा असरदार नहीं होता है। यहां डॉक्टर से जानिए, सस्ता मास्क कितना सुरक्षा देता है, N95 कब जरूरी है और मास्क खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें।
सस्ता मास्क पहनना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों और किसके लिए N95 मास्क है जरूरी
सस्ता मास्क पहनना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों और किसके लिए N95 मास्क है जरूरी

फेस्टिव सीजन और हल्की ठंड ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ने लगती है। वाहनों से निकलने वाले धुएं, निर्माण कार्यों की धूल और मौसम में बदलाव के कारण हवा की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है। अक्सर लोग कम कीमत वाले मास्क खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती कि नॉर्मल सर्जिकल मास्क और N95 मास्क की सुरक्षा क्षमता में क्या अंतर है। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, जब हवा में PM2.5 जैसे बेहद छोटे कण मौजूद हों, तब सही मास्क चुनना जरूरी हो जाता है। ये सूक्ष्म कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं और लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

सस्ता मास्क या N95, सेहत के लिए कौन बेहतर है?

डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, सस्ता मास्क पहनना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन उसकी क्वालिटी और फिल्टर करने की क्षमता पर ध्यान देना जरूरी है। कई सामान्य कपड़े के मास्क या बिना प्रमाणित मास्क हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों को प्रभावी ढंग से रोक नहीं पाते। ऐसे में प्रदूषण, धूल और सूक्ष्म कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

खासकर जब हवा में PM2.5 जैसे बेहद छोटे प्रदूषक कण मौजूद हों, तब सही मास्क चुनना जरूरी हो जाता है। ये कण फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं और लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए केवल कम कीमत देखकर मास्क खरीदना सही नहीं है। उसकी क्वालिटी, फिटिंग और सुरक्षा मानकों को भी देखना चाहिए।

तुलना नॉर्मल सर्जिकल मास्क (Normal Surgical Mask) N95 मास्क
फिल्टर करने की क्षमता यह मुख्य रूप से बड़े कणों, छींक या खांसने से निकलने वाली बूंदों को रोकता है, यह हवा के सूक्ष्म कणों को पूरी तरह फिल्टर नहीं करता। यह हवा में मौजूद कम से कम 95 प्रतिशत सूक्ष्म कणों (जैसे धूल, धुआं और बारीक प्रदूषण) को सही ढंग से फिल्टर करता है।
फिटिंग और बनावट यह चेहरे पर ढीला रहता है और इसके किनारों से हवा अंदर-बाहर आसानी से आ सकती है। यह चेहरे पर बिल्कुल टाइट और अच्छे से फिट होता है, जिससे बिना फिल्टर हुई हवा के अंदर जाने की संभावना कम होती है।
प्रदूषण से सुरक्षा बहुत ज्यादा प्रदूषित हवा या ट्रैफिक के धुएं से बचाने के लिए यह ज्यादा असरदार नहीं माना जाता। प्रदूषित हवा, धूल-धुएं और खतरनाक सूक्ष्म कणों से बचाव के लिए यह ज्यादा उपयोगी है।
कौन उपयोग करे आम लोग या मरीज जिनका काम ज्यादा प्रदूषित माहौल में नहीं है, वे इसका उपयोग करते हैं। ट्रैफिक पुलिस, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारी और प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित लोग इसका उपयोग करते हैं।
सांस की समस्या वाले लोगों के लिए इसे पहनना बहुत आसान होता है और सामान्यतौर से इससे सांस लेने में कोई कठिनाई नहीं होती। इसे पहनने पर हवा का प्रवाह थोड़ा कम हो सकता है, इसलिए अस्थमा या सांस के मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही इसका उपयोग करना चाहिए।
बेहतर कौन है? सामान्य रोजाना के उपयोग या इंफेक्शन से बचाव के लिए यह ठीक है, लेकिन प्रदूषण से सुरक्षा के मामले में यह कमजोर है। सूक्ष्म कणों और भारी प्रदूषण से सुरक्षा के मामले में यह सर्जिकल मास्क की तुलना में बहुत बेहतर विकल्प है।

साल 2020 में Journal of the Academy of Medical Sciences in Bosnia and Herzegovina में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सर्जिकल मास्क, N95 मास्क और कार्बन मास्क हवा के प्रदूषण से कार्बन-मोनोऑक्साइड (CO) को कम करने में काफी असरदार हैं, खासकर N95 और कार्बन मास्क सबसे बेहतरीन सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके विपरीत, फैब्रिक (कपड़े) का मास्क CO के लेवल से बचाने में सबसे कमजोर साबित हुआ। यदि आप प्रदूषित हवा में बाहर निकल रहे हैं, तो बेहतर सुरक्षा के लिए साधारण कपड़े के मास्क की बजाय सर्जिकल, एन95 या कार्बन मास्क का उपयोग करना चाहिए।

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blue mask vs N95 maskblue mask vs N95 mask

मास्क खरीदते और पहनते समय किन बातों का रखें ध्यान?

डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि मास्क खरीदते समय केवल उसकी कीमत या दिखावट पर भरोसा न करें। N95 मास्क लेते समय उसकी प्रामाणिकता और संबंधित मानकों को जरूर चेक करें।

  • मास्क पहनने से पहले हाथ साफ करें और इसे नाक, मुंह तथा ठुड्डी पर ठीक से लगाएं। मास्क के किनारों से हवा का रिसाव नहीं होना चाहिए।
  • मास्क गीला, गंदा, फटा हुआ या सांस लेने में असामान्य रूप से समस्या करने वाला हो जाए, तो उसे बदलें।
  • साथ ही, ध्यान रखें कि मास्क प्रदूषण से बचाव का केवल एक तरीका है।
  • प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर निकलने का समय कम करना और घर के अंदर हवा की क्वालिटी बेहतर बनाए रखना भी जरूरी है।

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निष्कर्ष

सस्ता मास्क हमेशा खराब नहीं होता, लेकिन बिना क्वालिटी मानकों वाला मास्क प्रदूषण से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता। N95 मास्क हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों से बेहतर बचाव दे सकता है, बशर्ते वह असली हो और चेहरे पर सही तरह फिट हो। इसलिए मास्क खरीदते समय उसकी क्वालिटी और इस्तेमाल के तरीके पर ध्यान दें। यदि आपको सांस लेने में परेशानी या प्रदूषण के कारण लगातार खांसी और सांस फूलने जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या एयर प्यूरीफायर प्रदूषण रोकता है?

    सही क्षमता वाला एयर प्यूरीफायर घर के अंदर हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक कणों को कम करने में मदद कर सकता है। 
  • प्रदूषण से आंखों में जलन हो तो क्या करें?

    आंखों को साफ पानी से धोएं और उन्हें रगड़ने से बचें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो परेशानी के दौरान उन्हें हटाना फायदेमंद हो सकता है। तेज दर्द या लगातार जलन होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • क्या कपड़े का मास्क धोकर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं?

    कई कपड़े के मास्क को निर्देशों के अनुसार धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, उनकी फिल्टर करने की क्षमता सीमित हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 16, 2026 12:38 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Prof Dr S M Fayaz