सर्दियों और दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य के साथ-साथ स्किन को भी प्रभावित करता है। इसके कारण लोगों को त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं। ऐसे में त्वचा का प्रदूषण से बचाव करने के लिए क्या करें? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
प्रदूषण से त्वचा को क्या नुकसान होता है?
डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, वायु प्रदूषण सिर्फ हमारे फेफड़ों को ही प्रभावित नहीं करता है, बल्कि यह हमारी त्वचा को भी नुकसान पहुंचा सकता है। धूल, धुआं और प्रदूषण के बारीक कण त्वचा पर जमा हो सकते हैं, जिससे जलन, रूखापन, बेजान त्वचा और रोमछिद्रों (pores) के बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ सकता है, जो त्वचा के सेल्स को नुकसान पहुंचाता है और उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे कि फाइन लाइन्स (fine lines) और काले धब्बे को जल्दी सामने ला सकता है।
जो लोग अक्सर ट्रैवल करते हैं, लंबे समय तक बाहर रहते हैं या ज्यादा प्रदूषण वाले शहरों में रहते हैं, उन्हें त्वचा से जुड़ी समस्याएं ज्यादा हो सकती हैं। इसलिए, प्रदूषण से त्वचा का बचाव करना आपकी रोजमर्रा की स्किनकेयर रूटीन का एक जरूरी हिस्सा होना चाहिए।
साल 2017 में Clinical, Cosmetic and Investigational Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हवा में मौजूद धूल-कण (PM), भारी धातुएं और जहरीली गैस और सूरज की रोशनी सीधे हमारी त्वचा के संपर्क में आते हैं और उसकी नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर को कमजोर कर देते हैं। इससे त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन पैदा होती है, जिससे रूखापन, सेंसिटिविटी, मुंहासे, असमान रंगत, झुर्रियां और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं।
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प्रदूषण से त्वचा को कैसे बचाएं?
डॉ. सुनील कुमार प्रभु का कहना है, प्रदूषण से त्वचा को बचाने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जा सकता है। इनसे त्वचा की समस्याओं से बचाव हो सकता है।
1. माइल्ड फेस वॉश करें
अपनी त्वचा को बचाने का सबसे आसान तरीका है। दिन में दो बार किसी माइल्ड (हल्के) फेस वॉश से अपना चेहरा साफ करना। इससे त्वचा की नेचुरल स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचाए बिना गंदगी, पसीना, अतिरिक्त तेल और प्रदूषण के कण हट जाते हैं।
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2. स्किन को मॉइस्चराइज करें
मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा की प्रोटेक्टिव लेयर (skin barrier) बनी रहती है और त्वचा में रूखापन नहीं आता है।
3. सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें
SPF 30 या उससे ज्यादा वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है, क्योंकि UV किरणें पर्यावरणीय तनाव (environmental stress) से होने वाले त्वचा के नुकसान को और बढ़ा सकती हैं। जिनकी त्वचा सेंसिटिव (sensitive) है, उन्हें बिना खुशबू (fragrance-free) वाले स्किनकेयर प्रोडक्ट चुनने चाहिए और हार्ड स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
4. पर्याप्त पानी पिएं और हेल्दी डाइट लें
पर्याप्त पानी पीना और फलों व सब्जियों से भरपूर बैलेंस डाइट लेना भी त्वचा की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
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5. सोने से पहले चेहरा धोएं
एक और जरूरी कदम यह है कि बाहर के प्रदूषित माहौल से घर लौटने के बाद और खासकर सोने से पहले, अपना चेहरा जरूर धोएं।
6. चेहरे को बार-बार न छूएं
अपने चेहरे को बार-बार बिना धुले हाथों से छूने से बचें, क्योंकि इससे गंदगी और बैक्टीरिया त्वचा पर जा सकते हैं। जिसके कारण व्यक्ति को त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और इनको बढ़ावा मिल सकता है।
7. साफ मास्क पहनें और त्वचा को ढककर रखें
अगर आप बाइक से सफर करते हैं या लंबे समय तक बाहर रहते हैं, तो एक साफ मास्क पहनें और जहां तक संभव हो, अपनी त्वचा को ढक कर रखें। इससे धूल और प्रदूषकों के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सकता है।
हालांकि, कोई भी स्किनकेयर प्रोडक्ट प्रदूषण को पूरी तरह से नहीं रोक सकता है। एक नियमित स्किनकेयर रूटीन का पालन करना, अच्छी साफ-सफाई रखना और प्रदूषित हवा के संपर्क में कम से कम आना। अपनी त्वचा को स्वस्थ रखने के सबसे बेहतरीन तरीके हैं।
साल 2017 में Clinical, Cosmetic and Investigational Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण से त्वचा की नेचुरल प्रोटेक्शन अकेले नहीं निपट पाती है, इसलिए प्रभावी बचाव के लिए कुछ खास घटकों का इस्तेमाल किया जाता है। बायोसेकेराइड गम-4 जैसे तत्व त्वचा पर एक ढाल या सुरक्षात्मक परत बनाते हैं, जो धूल-कणों (PM), भारी धातुओं और यूवी किरणों को त्वचा के अंदर जाने से रोकते हैं।
इसके अलावा, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स से भरपूर डेड सी मिनरल्स प्रदूषण से होने वाली सूजन को नियंत्रित करते हैं। रिसर्च बताती है कि अकेले कोई एक घटक पूरी सुरक्षा नहीं दे सकता है, लेकिन जब डेड सी मिनरल्स और एनायोनिक पॉलीसैकराइड को एक साथ मिलाया जाता है, तो यह धूल और ओजोन दोनों से होने वाली सूजन और नुकसान को रोककर त्वचा को पूरी तरह सुरक्षा प्रदान करता है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
प्रदूषण के दौरान त्वचा में जलन, रैशेज, सूजन या रेडनेस जैसी स्किन से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
बढ़ता वायु प्रदूषण फेफड़ों के साथ-साथ हमारी त्वचा को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है, जिससे त्वचा में रूखापन, मुंहासे और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं।
इससे बचाव के लिए दिन में दो बार माइल्ड फेस वॉश से चेहरा साफ करें, मॉइस्चराइजर लगाएं और एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। साथ ही, पर्याप्त पानी पिएं, सोने से पहले चेहरा धोएं और बाहर निकलते समय मास्क पहनकर त्वचा को ढकें। इसके अलावा, स्किन से जुड़ी अधिक परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
प्रदूषण के कारण त्वचा में क्या परेशानी होती है?
प्रदूषण में ज्यादा समय रहने के कारण व्यक्ति को मुंहासे, ब्रेकआउट्स, स्किन के ड्राई होने, डिहाइड्रेटेड रहने, पिग्मेंटेशन, एजिंग को तेजी से बढ़ावा देने, स्किन एलर्जी और स्किन से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
स्किन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए चेहरे को दिन में दो बार धोएं, मॉइस्चराइजर लगाएं, ज्यादा देर धूप में या बाहर न रहें, सनस्क्रीन लगाएं, चेहरे को बार-बार छूने से बचें, हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं, स्ट्रेस को मैनेज करें और स्मोकिंग से बचें।
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Current Version
Nov 06, 2026 22:58 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu
