Sat Oct 31, 2026 | 02:11 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी रूखापन क्यों नहीं जाता? कहीं ये 5 गलतियां तो नहीं कर रहे आप

मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी त्वचा का रूखापन बना रह सकता है, क्योंकि लोग अक्सर नम त्वचा पर न लगाना, गलत प्रोडक्ट चुनना या गर्म पानी का इस्तेमाल जैसी गलतियां करते हैं। सही स्किनकेयर रूटीन अपनाने और जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेने से इस समस्या से बचा जा सकता है।
चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी रूखापन क्यों नहीं जाता? कहीं ये 5 गलतियां तो नहीं कर रहे आपचेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी रूखापन क्यों नहीं जाता? कहीं ये 5 गलतियां तो नहीं कर रहे आप

कई लोग स्किन के ड्राई होने की समस्या से परेशान रहते हैं। कई बार तो स्किन को मॉइस्चराइज करने के बाद भी लोगों की स्किन ड्राई ही बनी रहती है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि स्किन को मॉइस्चराइज करने के बाद भी ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी स्किन ड्राई क्यों रहती है?

Dr. Shireen Furtado के अनुसार, मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी चेहरे की ड्राईनेस बनी रह सकती है, क्योंकि हो सकता है कि आपकी त्वचा को वह देखभाल न मिल रही हो जिसकी उसे जरूरत है। ऐसे में मॉइस्चराइजर को लगाते समय लोग कुछ गलतियां कर देते हैं, जिससे स्किन मॉइस्चराइज करने के बाद भी स्किन ड्राई बनी रह सकती है।

1. सूखी त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाना

एक आम गलती यह है कि लोग पूरी तरह से सूखी त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाते हैं। मॉइस्चराइजर तब बेहतर काम करते हैं, जब उन्हें थोड़ी नम (damp) त्वचा पर लगाया जाए, क्योंकि इससे नमी त्वचा के अंदर लॉक हो जाती है।

2. स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट इस्तेमाल न करना

दूसरी गलती अपनी त्वचा के टाइप (skin type) के हिसाब से गलत प्रोडक्ट चुनना है। बहुत रूखी त्वचा के लिए हल्के मॉइस्चराइजर काफी नहीं होते हैं, जबकि तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट सेंसिटिव (sensitive) त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। ऐसे हल्के मॉइस्चराइजर चुनें जिनमें सेरामाइड्स, ग्लिसरीन या हायल्यूरोनिक एसिड जैसे तत्व हों, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं।

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3. चेहरे को बहुत बार या गर्म पानी से धोना

तीसरी गलती है चेहरे को बहुत बार धोना या गर्म पानी का इस्तेमाल करना। बार-बार चेहरा धोने से त्वचा के वे नेचुरल ऑयल निकल जाते हैं, जो उसे सुरक्षित रखते हैं, जिससे त्वचा रूखी और खिंची-खिंची (tight) हो जाती है। इसकी जगह गुनगुने पानी और माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें।

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4. स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के कारण

चौथी गलती है स्किनकेयर प्रोडक्ट्स, जैसे एक्सफोलिएटिंग स्क्रब, रेटिनॉल या एसिड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना। हालांकि ये प्रोडक्ट त्वचा की बनावट (texture) सुधारने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल त्वचा की सुरक्षात्मक परत (skin barrier) को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे त्वचा रूखी हो सकती है, लाल पड़ सकती है या उसमें जलन हो सकती है।

अगर आपकी त्वचा खिंची-खिंची लगे या उसकी परत उतरने लगे, तो इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम कर दें और तब तक हल्के स्किनकेयर रूटीन पर ध्यान दें, जब तक कि त्वचा बेहतर न हो जाए।

5. बाहरी वातावरण और रूटीन की आदतें

पांचवीं गलती है बाहरी वातावरण और अपनी रोजमर्रा की आदतों को नजरअंदाज करना। ठंडा मौसम, एयर कंडीशनिंग, कम नमी और तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से त्वचा की नमी कम हो सकती है।

पर्याप्त पानी न पीने से भी डिहाइड्रेशन हो सकता है, हालांकि सिर्फ ज्यादा पानी पीने से ही रूखी त्वचा की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होगी। इसके लिए दिन में दो बार मॉइस्चराइजर लगाएं, खासकर नहाने या चेहरा धोने के बाद और दिन के समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2019 में The Journal of dermatological treatment में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, त्वचा का रूखा होना मुख्य रूप से उसकी सबसे बाहरी परत (स्ट्रैटम कॉर्नियम) में पानी और नमी की कमी के कारण होता है। इसके साथ ही, त्वचा में जरूरी प्राकृतिक लिपिड्स का स्तर कम होने से उसकी सुरक्षात्मक परत कमजोर पड़ जाती है। रूखी त्वचा में प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग तत्व बनाने वाले एंजाइमों की गति भी धीमी हो जाती है। इसके अलावा, अगर आप जो मॉइस्चराइजर या इमोलिएंट इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें सही लिपिड्स और नमी को बांधकर रखने वाले (हमेक्टेंट्स) तत्व मौजूद न हों, तो वह त्वचा में नमी को ठीक से लॉक नहीं कर पाता, जिससे सूखापन बना रहता है।

स्किन की ड्राईनेस से बचने के लिए क्या करें?

Dr. Shireen Furtado के अनुसार, स्किन को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने या सनस्क्रीन लगाने के बाद भी अगर इन बदलावों के बाद भी रूखापन बना रहता है या आपको खुजली, दरारें, रेडनेस या त्वचा की परत उतरती हुई दिखती है, तो किसी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) से सलाह लें।

लगातार रहने वाला रूखापन एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है, जिनके लिए खास इलाज की जरूरत पड़ सकती है। बहुत सारे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बजाय, एक आसान और नियमित स्किनकेयर रूटीन अपनाना ज्यादा फायदेमंद होता है।

निष्कर्ष

मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी चेहरे का सूखापन बने रहने का कारण पूरी तरह सूखी त्वचा पर क्रीम लगाना, गलत प्रोडक्ट्स चुनना, चेहरे को बार-बार गर्म पानी से धोना और रेटिनॉल या स्क्रब का अत्यधिक इस्तेमाल हो सकता है, जिससे त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है। इसके अलावा, ठंडी हवा, एसी और कम पानी पीने जैसी आदतें भी नमी छीन लेती हैं।

इस समस्या से बचने के लिए हमेशा हल्की नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं, सेरामाइड्स और ग्लिसरीनयुक्त सही प्रोडक्ट्स चुनें और हल्का स्किनकेयर रूटीन अपनाएं। अगर लगातार रूखापन, खुजली या पपड़ी उतरने की समस्या बनी रहे, तो एक्जिमा जैसी स्थिति की जांच के लिए तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • ड्राई स्किन के क्या लक्षण हैं?

    ड्राई स्किन की समस्या होने पर व्यक्ति को त्वचा में खिंचाव, खुरदरी बनावट, खुजली, दरारें पड़ना, पपड़ी उतरना, जलन, दर्द, खून आना और रंग में बदलाव होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ड्राई स्किन से राहत के लिए क्या करें?

    ड्राई स्किन की समस्या से राहत के लिए नियमित रूप से स्किन को मॉइस्चराइज करें, गुनगुने पानी से नहाएं, हल्का क्लींजर चुनें, पर्याप्त पानी पिएं, ओमेगा-3 फैटी एसिड खाएं और नियमित रूप से स्किनकेयर करें।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 30, 2026 23:45 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado