अक्सर कुछ लोग ड्राई स्किन तो कुछ ऑयली स्किन की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके कारण लोगों को त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याएं होती हैं, लेकिन कुछ लोगों के चेहरे के कुछ हिस्से ऑयली रहते हैं, तो कुछ ड्राई। ऐसे में लोग समझ नहीं पाते हैं, कि ऐसा क्यों होता है और इस स्थिति में स्किन का ध्यान कैसे रखें? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
चेहरे के कुछ हिस्से ऑयली तो कुछ ड्राई क्यों होते हैं?
डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, चेहरे के अलग-अलग हिस्सों में ऑयल की मात्रा अलग-अलग होना बहुत आम बात है। इसे अक्सर कॉम्बिनेशन स्किन कहा जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चेहरे के अलग-अलग हिस्सों में सीबेसियस ग्लैंड्स (वे ग्रंथियां जो सीबम या त्वचा का नेचुरल ऑयल बनाती हैं) की संख्या और गतिविधि अलग-अलग हो सकती हैं।
डॉ. सुनील आगे कहते हैं, माथा, नाक और ठुड्डी, जिन्हें आमतौर पर टी-जोन कहा जाता है। इनमें आमतौर पर ज्यादा सीबेसियस ग्लैंड्स होते हैं। जिसके कारण इन हिस्सों में ज्यादा ऑयल बन सकता है और ये चमकदार दिख सकते हैं, खासकर गर्म या उमस भरे मौसम में। ये स्किन के हिस्से ऑयली दिखते हैं। गालों और आंखों के आसपास के हिस्सों में अक्सर तेल कम बनता है और इसलिए वे दूसरे हिस्सों के मुकाबले ड्राई महसूस हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: कुछ लोगों की स्किन देर रात तक जागने पर ज्यादा ऑयली क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें
हार्मोन भी बढ़ा सकते हैं स्किन में ऑयल
डॉ. सुनील के अनुसार, हार्मोन भी सीबम के बनने पर असर डालते हैं। प्यूबर्टी, मेंस्ट्रुअल साइकिल, प्रेग्नेंसी और हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव के दौरान होने वाले बदलाव इस बात पर असर डाल सकते हैं कि त्वचा कितनी ऑयली होगी।
स्ट्रेस भी हार्मोनल और इंफ्लेमेटरी रास्तों के जरिए इनडायरेक्ट रूप से ऑयल (सीबम) बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
why do some parts of the face remain oily while others stay dry 01
गलत स्किनकेयर से बढ़ती है ड्राईनेस
स्किनकेयर की आदतें इस अंतर को और ज्यादा साफ दिखा सकती हैं। तेल हटाने के लिए स्ट्रॉग क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है और कुछ हिस्सों में ड्राईनेस, खिंचाव या जलन हो सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में नेचुरल ऑयल बनता रहता है।
इसी तरह सिर्फ कुछ खास हिस्सों पर भारी मॉइस्चराइजर या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट लगाने से त्वचा के एहसास में बदलाव आ सकता है।
मौसम और वातावरण का असर
पर्यावरण से जुड़े फैक्टर्स भी मायने रखते हैं। गर्मी, उमस, एयर कंडीशनिंग और लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा की प्रोटेक्टिव लेयर और नमी के स्तर पर असर पड़ सकता है।
गर्मी और अधिक नमी वाले मौसम में पसीना और सीबम बढ़ने से चेहरा ज्यादा ऑयली दिख सकता है। दूसरी ओर, एयर कंडीशनिंग वाले वातावरण में लंबे समय तक रहने से त्वचा कुछ लोगों में ड्राई महसूस हो सकती है।
साल 2005 में Skin Research Technology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, चेहरे के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग मौसम में त्वचा से निकलने वाले ऑयल (सीबम) की मात्रा में साफ तौर पर अंतर होता है। कॉम्बिनेशन स्किन के टाइप को ठीक से समझने के लिए, चेहरे के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ मौसम के हिसाब से होने वाले इन बदलावों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इसे भी पढ़ें: क्या ऑयली स्किन वाले लोगों को सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट से
क्या ऑयली और ड्राई स्किन का साथ होना नॉर्मल है?
डॉ. सुनील कहते हैं, ऑयली और ड्राई हिस्सों का होना जरूरी नहीं कि त्वचा के अनहेल्दी होने की निशानी हो। इसे आमतौर पर कॉम्बिनेशन स्किन की स्थिति के रूप में देखा जाता है।
इस स्थिति में सबसे जरूरी बात त्वचा से पूरा ऑयल हटाना नहीं, बल्कि त्वचा की नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर को बैलेंस रखना है। बहुत ज्यादा तेल हटाने की कोशिश करने से ड्राई हिस्सों में परेशानी बढ़ सकती है।
कॉम्बिनेशन स्किन की देखभाल कैसे करें?
डॉ. सुनील के अनुसार, एक हल्का क्लींजर, हल्का नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन आमतौर पर मदद कर सकते हैं। नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड जैसे इंग्रीडिएंट्स वाले प्रोडक्ट कुछ लोगों में अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. सुनील बताते हैं, अगर ड्राईनेस बहुत ज्यादा है, त्वचा बार-बार छिलती या फटती है या ऑयलीपन के साथ लगातार मुंहासे, रेडनेस या खुजली की समस्या है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं।
ऐसे मामलों में डॉक्टर त्वचा की स्थिति देखकर सही कारण समझने और सही देखभाल की सलाह देने में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
चेहरे के अलग-अलग हिस्सों में ऑयल और नमी का स्तर अलग होना काफी आम है। माथे, नाक और ठुड्डी पर ज्यादा ऑयल और गालों या आंखों के आसपास कम तेल होना त्वचा की नेचुरल बनावट से जुड़ा हो सकता है। हार्मोन, स्ट्रेस, मौसम और स्किनकेयर की आदतें भी इस अंतर को प्रभावित कर सकती हैं।
ध्यान रहे, त्वचा को बार-बार रगड़कर या बहुत मजबूत क्लींजर से साफ करने के बजाय उसकी नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर को बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। अगर स्किन में लगातार खुजली, रेडनेस, ज्यादा ड्राईनेस या मुंहासों जैसी समस्या बनी रहती है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
All Images Credit- Freepik
FAQ
ऑयली स्किन के क्या कारण हैं?
शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने, जेनेटिक्स, गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स, चेहरे को बार-बार धोने, मौसम में बदलाव, स्ट्रेस, खान-पान के कारण लोगों को ऑयली स्किन की समस्या होती है।बहुत ज्यादा ड्राई स्किन हो तो क्या करना चाहिए?
ड्राई स्किन की समस्या से राहत के लिए स्किन को नियमित रूप से स्किन को मॉइस्चराइज करें, खासकर नहाने के तुरंत बाद, तौलिए को त्वचा पर न रगड़ें, हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें और तेज गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 30, 2026 23:57 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 30, 2026 23:57 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu
