Thu Oct 15, 2026 | 08:21 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

त्योहारी सीजन से पहले खुद को करें तैयार, बढ़ते प्रदूषण के बीच बचाव के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स

दशहरा और दिवाली के बाद दिल्ली-NCR की हवा जहरीली हो जाती है। ऐस में आप अभी से सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए खुद को तैयार कर लें। कैसे? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।
त्योहारी सीजन से पहले खुद को करें तैयार, बढ़ते प्रदूषण के बीच बचाव के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स
त्योहारी सीजन से पहले खुद को करें तैयार, बढ़ते प्रदूषण के बीच बचाव के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स

दशहरा और दिवाली 2026 अब दूर नहीं है। इन दोनों ही त्योहारों के साथ दिल्ली-NCR की हवा जहरीली हो जाती है। इसके बाद बीमारियों का सिलसिला शुरू हो जाता है और लोग पूरी सर्दियां परेशान रहते हैं। इसलिए इस बार हमने त्योहारी सीजन से पहले ही Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से बात की और जाना कि कैसे हम खुद को त्योहारों के मौसम में बीमारियों से बचा सकते हैं जब आवाजाही ज्यादा होगी, लोगों से मेलजोल बढ़ेगा और हवा प्रदूषित होगी। डॉ. सुनील ने 6 टिप्स दिए हैं, जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

बढ़ते प्रदूषण के बीच बचाव के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स

डॉ. सुनील कहते हैं कि त्योहारों के मौसम में मस्ती और मजे के बीच हम अपनी सेहत को कुछ देर के लिए भूल जाना चाहते हैं। यहीं पर हमसे एक गलती हो जाती है और यही गलती त्योहार के बाद हमें बीमार बना देती है। इसलिए आपको आने वाले दिनों में स्वस्थ रहना है तो इन टिप्स के बारे में जानना चाहिए।

1. अपने इलाके की AQI पर नजर रखें

डॉ. सुनील कहते हैं कि त्योहारों के मौसम में अक्सर जश्न, बाहर मिलना-जुलना, यात्रा करना और ट्रैफिक व वायु प्रदूषण के संपर्क में आना बढ़ जाता है। शहरों में ट्रैफिक, मौसम की स्थिति, धूल और अन्य कारणों से प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। पहला कदम यह है कि आप अपने इलाके के 'एयर क्वालिटी इंडेक्स' (AQI) पर नजर रखें, खासकर बाहर जाने वाली कोई भी चीज प्लान करने से पहले।

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2. एयर पॉल्यूशन बढ़ने पर सतर्क रहें ये लोग

डॉ. सुनील कहते हैं कि जब प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो, तो बाहर कम समय बिताएं और बाहर भारी एक्सरसाइज करने से बचें। इसके अलावा इन लोगों को सतर्क होने की जरूरत है जैसे

  • छोटे बच्चों
  • बुजुर्गों
  • गर्भवती महिलाओं
  • अस्थमा, COPD या दिल और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों को

इन तमाम लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि वे प्रदूषित हवा के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं और यह बीमारियां ट्रिगर कर सकती हैं और आप आसानी से बीमार पड़ सकती है। नजरअंदाज करने पर आपकी हालत गंभीर भी हो सकती है।

3. अच्छी क्वालिटी और सही फिटिंग वाले मास्क पहनें

आगे डॉ. कुमार बताते हैं कि यात्रा करते समय या प्रदूषित इलाकों में बाहर समय बिताते समय अच्छी क्वालिटी का और ठीक से फिट होने वाला मास्क पहनें। ज्यादातर लोग कपड़े का मास्क या सर्जिकल मास्क पहनकर घुमने लगते हैं जिसका काई फायदा नहीं है। आपको N-95 मास्क पहनना चाहिए जो कि प्रदूषण के बारीक कणों को भी आपके नाक और मुंह के संपर्क में आने से रोक सकते हैं।

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4. घर के अंदर प्रदूषण न बढ़ने दें

डॉ. सुनील कहते हैं कि सबसे जरूरी बात कि हम घर के बाहर के प्रदूषण पर तो ध्यान देते हैं जबकि घर के अंदर भी प्रदूषण होता है और आपको इसे बढ़ने से रोकना चाहिए। ऐसे में सिगरेट के धुएं से दूर रहें और ऐसी चीजों का इस्तेमाल कम करें जिनसे धुआं या तेज गंध निकलती हो जैसे अगरबत्ती या धूपबत्ती।

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5. घर में वेंटिलेशन बनाए रखें

जब बाहर की हवा की स्थिति ठीक हो, तो घर के अंदर ताजी हवा आने दें। इस तरह से वेंटिलेशन बनाए रखना आपके कमरों में हवा की क्वालिटी को सही करने में मदद करता है। साथ ही अक्सर इस्तेमाल होने वाली जगहों से नियमित रूप से धूल साफ करें क्योंकि डस्ट माइट्स के साथ प्रदूषण के कण मिलकर अस्थमा या एलर्जिक राइनाइटिस को ट्रिगर कर सकते हैं।

6. त्योहारों के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखें

डॉ. सुनील कहते हैं कि त्योहारों में हम इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत को भूल ही जाते हैं जबकि यह गलती आपको बीमार कर सकती है। इस स्थिति में आपको करना यह है कि

  • खूब पानी पिएं
  • संतुलित भोजन लें
  • पूरी नींद लें
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।

ये आदतें आपकी सेहत को बेहतर बनाए रखती हैं और शरीर को पर्यावरण के तनाव से निपटने में मदद कर सकती हैं।

निष्कर्ष:

अंत में, अगर खराब हवा के दौरान कोई लक्षण दिखें या वे और बिगड़ जाएं, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। लगातार खांसी आना, सांस लेते समय घरघराहट होना, गले में खराश, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसी समस्याओं को सिर्फ प्रदूषण या मौसम में बदलाव मानकर अनदेखा न करें। जो लोग पहले से इनहेलर या सांस से जुड़ी अन्य दवाएं ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना जारी रखना चाहिए। सिर्फ इसलिए दवा लेना बंद न करें कि आपको बेहतर महसूस हो रहा है।

डॉ. सुनील कहते हैं कि त्योहारों का मजा लेने से खुद को रोकने की जरूरत नहीं है, लेकिन समझदारी से योजना बनाकर आप प्रदूषण के संपर्क में आने से बच सकते हैं। हवा की गुणवत्ता पर नजर रखकर, बाहर खुद को सुरक्षित रखकर, घर के अंदर की हवा को साफ रखकर और चेतावनी देने वाले लक्षणों को समय रहते पहचानकर, आप त्योहारों का आनंद भी ले सकते हैं और बीमारियों से भी बच सकते हैं।

FAQ

  • फेफड़े का इन्फेक्शन कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

    फेफड़े का इन्फेक्शन ठीक होने में लगभग 2 हफ्ते या इससे ज्यादा का समय लग सकता है। ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए कि डॉक्टर को पहले ही दिखा लें और इलाज जल्द से जल्द शुरू करवा लें।
  • फेफड़ों को ठीक करने के लिए क्या करना चाहिए?

    फेफड़ों को ठीक करने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें और एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स का सेवन करें। इसके अलावा विटामिन सी से भरपूर फूड्स खाएं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 15, 2026 18:37 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 15, 2026 18:37 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar K