दिवाली में मिठाइयों के साथ पटाखों की गूंज भी चारों तरफ छाई रहती है। दिवाली के आस-पास सर्दी का मौसम भी दस्तक दे देता है। ऐसे में पटाखों से निकलने वाला धुआं और बदलते मौसम के कारण प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। छोटी दिवाली (choti diwali) के दिन दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में AQI 300 पार है। ऐसे में अस्थमा मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिवाली के समय अस्थमा के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जानने के लिए हमने Dr. Neetu Jain, Senior Consultant, Pulmonology, Critical Care and Sleep Medicine, PSRI Hospital, Delhi से बात की। उनके अनुसार, दिवाली के दौरान अस्थमा के मरीजों को प्रदूषित हवा से बचने और अपनी दवाओं पर ध्यान देने की जरूरत होती है।
दिवाली पर अस्थमा के मरीज इन 7 बातों का रखें ध्यान
Dr. Neetu Jain का कहना है कि पटाखों में मौजूद PM2.5 जैसे पार्टिकल्स सांस की नली में सूजन और जलन पैदा कर सकते हैं। अस्थमा के रोगियों की पहले से ही सांस की नलियां सेंसिटिव होती है। इसलिए पटाखे और प्रदूषण उनकी परेशानी बढ़ा सकता है। इससे अस्थमा के मरीजों को लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, घरघराहट, सीने में भारीपन या रात में खांसी बढ़ने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को दिवाली में कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. पटाखों के धुएं से दूर रहें
अगर किसी को अस्थमा है, तो पटाखे जलाने वाली जगह पर जाने से बचें। पटाखे जलाने पर बहुत ज्यादा धुआं हो जाता है और अगर इस धुएं में ज्यादा देर तक खड़े रहे, तो इससे सांस की परेशानी बढ़ने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए दिवाली के समय पटाखों के धुएं के आस-पास न जाएं।
2. दिवाली की शाम और रात में घर के अंदर रहें
छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली की शाम और रात में बहुत ज्यादा पटाखे जलाए जाते हैं। ऐसे समय में बाहर निकलने से बचना बेहतर है। घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि बाहर का धुआं अंदर कम आए। साथ ही घर के अंदर हवा की क्वालिटी और वेंटिलेशन का भी ध्यान रखें।
3. अपने इलाके का AQI जरूर चेक करें
घर से बाहर निकलने से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI जरूर देखें। अगर प्रदूषण का स्तर बहुत खराब या गंभीर है, तो बाहर जाने से बचें। ऐसे में सुबह या शाम की सैर न करें। खराब AQI में बाहर ज्यादा समय बिताने से सांस की परेशानी बढ़ सकती है।
4. अपनी दवाएं और इनहेलर समय पर लें
अस्थमा के मरीज दिवाली के दौरान अपनी दवाओं में किसी भी तरह के बदलाव न करें। खुद से दवाएं बंद या नई दवा शुरू न करें। डॉक्टर ने दवा को जो डोज लेने की सलाह दी है, उसे वैसे ही लें। इसके अलावा, प्रदूषण में इनहेलर अपने पास रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके।
tips for asthma patients during diwali
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5. बाहर निकलने पर N95 मास्क पहनें
अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़ रहा है, तो सही फिटिंग का N95 मास्क पहनें। यह हवा में मौजूद कई कणों को फिल्टर करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, मास्क से प्रदूषण में पूरी तरह से बचाव नहीं होता और न ही यह अस्थमा अटैक को रोकने का ऑप्शन बन सकता है। इसलिए अस्थमा के रोगियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।
6. घर में भी धुआं न करें
अगर घर में अस्थमा के रोगी है, तो दिवाली में घर के अंदर अगरबत्ती, धूप या मोमबत्तियां न जलाएं। इससे घर के अंदर धुआं फैलकर मरीजों को सांस की परेशानी दे सकता है। दिवाली में घरों की सफाई की जाती है, तो ऐसे में सफाई करते समय अस्थमा के मरीजों को धूल से भी बचाना जरूरी होती है। प्रदूषण और पटाखों के साथ-साथ घर के अंदर के धूल और धुएं का भी ध्यान रखना जरूरी है।
7. पर्याप्त पानी पीते रहें
दिवाली के समय मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान खाते समय पानी पीना रह जाता है। अस्थमा के मरीजों को दिवाली के समय पानी पानी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। दिवाली की तैयारियों के बीच शरीर में पानी की कमी न होने दें।
दिवाली के समय अस्थमा रोगियों को किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?
MDPI के मुताबिक, जब PM2.5 और PM10 पार्टिकल्स बढ़ते हैं, तो अस्थमा अटैक होने के मामले बढ़ सकते हैं और फेफड़ों के काम करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए बढ़ते प्रदूषण में अस्थमा के मरीजों को खास ध्यान रखना चाहिए।
Dr. Neetu Jain सलाह देती हैं कि दिवाली के समय मरीजों को अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। कई बार देरी से इलाज मिलने पर मरीजों को अस्थमा अटैक आने का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए समय पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- रात में बार-बार खांसी आने लगे।
- नॉर्मल एक्टिविटीज करते समय सांस फूलने लगे
- बार-बार इनहेलर लेना पडें
- बैठकर भी सांस लेने में परेशानी हो
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निष्कर्ष
दिवाली पर पटाखों का धुआं अस्थमा के मरीजों की सांस की परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए पटाखों से दूरी बनाए रखना, खराब AQI में बाहर निकलने से बचना, रेगुलर दवाएं और इनहेलर अपने पास रखना बहुत जरूरी है। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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FAQ
क्या दिवाली से पहले प्रिवेंटर इनहेलर (ICS) की डोज खुद से बढ़ा लेनी चाहिए?
बिना डॉक्टर की सलाह के इनहेलर की डोज न बढ़ाएं। अगर लक्षण ज्यादा बढ़ गए हैं, तो डॉक्टर को दिखाएं।क्या अस्थमा के मरीजों को दिवाली की मिठाइयों या ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए?
दिवाली के दौरान बहुत ठंडे ड्रिंक्स, आइसक्रीम और मिठाइयों से बचना चाहिए। इनमें मौजूद केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स अस्थमा ट्रिगर कर सकते हैं।
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Nov 07, 2026 17:42 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Neetu Jain
