Thu Nov 5, 2026 | 01:26 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

धूल से खांसी क्यों होती है? दिवाली में घर की सफाई के बीच डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्स

दिवाली से पहले लोग अपने घरों की सफाई करते हैं और ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप इसके बाद बीमार न पड़ें, लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि धूल से खांसी की समस्या क्यों होती है?
धूल से खांसी क्यों होती है? दिवाली में घर की सफाई के बीच डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्सधूल से खांसी क्यों होती है? दिवाली में घर की सफाई के बीच डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्स

दिवाली में हर कोई अपने घर के कोने-कोने की सफाई करता है। ऐसे में कई बार धूल के कणों की वजह से लंबे समय तक खांसी होती है और कई बार दवाओं की जरूरत पड़ जाती है। कुछ लोगों को धूल से एलर्जिक राइनाइटिस की समस्या होती है, तो कुछ लोगों में धूल से हेय फीवर होने लगता है, हालांकि, सवाल यह है कि क्या धूल के कण किसी बीमारी को ट्रिगर करते हैं, जिसकी वजह से यह सब होता है। जानते हैं Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bengaluru और Dr. Koushik. N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital, Bengaluru से।

धूल से खांसी क्यों होती है?

Dr. Koushik. N कहते हैं कि घर की सफाई के दौरान खांसी आने का सबसे आम कारण धूल है। खासकर दिवाली से पहले, जब लोग अलमारियों, पंखों, छतों, फर्नीचर और ऐसी जगहों की सफाई करते हैं, जिन्हें महीनों से छुआ तक नहीं गया होता। इन जगहों पर अक्सर धूल, डस्ट माइट्स, मोल्ड के कण, पालतू जानवरों की त्वचा के कण और अन्य सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं। सफाई के दौरान जब इन्हें छेड़ा जाता है, तो ये कण हवा में फैल जाते हैं और सांस लेने के साथ नाक, गले और सांस की नली में चले जाते हैं। इससे श्वसन तंत्र में जलन हो सकती है और खांसी, छींक आना, गले में खराश और नाक बहने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

इन बीमारी वाले लोगों को होती है लंबे समय तक खांसी

जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सांस से जुड़ी अन्य बीमारियां हैं, उनमें इसके लक्षण और भी गंभीर हो सकते हैं, जैसे सांस लेते समय घरघराहट होना, छाती में जकड़न और सांस लेने में कठिनाई। यहां तक कि जिन लोगों को पहले से सांस की कोई समस्या नहीं है, उन्हें भी बहुत अधिक धूल के संपर्क में आने पर कुछ समय के लिए परेशानी या जलन महसूस हो सकती है। The Malaysian Journal of Medical Sciences के अनुसार, धूल की वजह से श्वसन संबंधी लक्षण जैसे खांसी, बलगम, सांस फूलना और घरघराहट जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

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जब धूल सांस की नली में जाती है तो क्या होता है?

Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि धूल से खांसी आने का एक मुख्य कारण यह है कि शरीर का प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र सांस की नली से अवांछित कणों को बाहर निकालने की कोशिश करता है। जब धूल सांस की नली में जाती है, तो संवेदी नसें (sensory nerves) इस जलन को महसूस करती हैं और इन कणों को हटाने के लिए खांसी का रिफ्लेक्स (cough reflex) शुरू कर देती हैं। धूल के कण (dust mites) और मोल्ड के बीजाणु (mould spores) संवेदनशील लोगों में एलर्जी भी पैदा कर सकते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान

डॉ. कौशिक कहते हैं कि दिवाली की सफाई के दौरान, बिना सही फिल्टर वाले वैक्यूम क्लीनर, झाड़ू या सूखे कपड़ों का इस्तेमाल करने से धूल हवा में और ज्यादा फैल सकती है। केमिकल वाले फ्लोर क्लीनर, रूम फ्रेशनर, कीटाणुनाशक (disinfectants) और तेज खुशबू वाली चीजें सांस की नली में जलन को और बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा घर में हवा का सही आवागमन (ventilation) न होने से भी समस्या बढ़ सकती है, क्योंकि धूल और केमिकल का धुआं लंबे समय तक घर के अंदर ही जमा रह सकता है।

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धूल से होने वाली खांसी से कैसे बचें?

डॉ. कौशिक कहते हैं कि सफाई के दौरान धूल से होने वाली खांसी से बचने के लिए घर की सफाई करते समय कुछ आसान सावधानियां बरतें जैसे

  • सूखी सफाई या झाड़ू लगाने के बजाय गीले कपड़े या गीले पोछे का इस्तेमाल करें, ताकि धूल हवा में न उड़े।
  • बारीक धूल के कणों को सांस के जरिए अंदर जाने से रोकने के लिए अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क पहनें।
  • घर में हवा के सही आवागमन के लिए खिड़कियां खुली रखें।
  • अगर संभव हो, तो धूल को अच्छी तरह हटाने के लिए HEPA फिल्टर वाले वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें।
  • सफाई के लिए तेज केमिकल वाली चीजों को आपस में मिलाने से बचें और रूम फ्रेशनर या कृत्रिम खुशबू वाली चीजों का इस्तेमाल कम से कम करें।

निष्कर्ष:

जिन लोगों को अस्थमा या धूल से एलर्जी है, उन्हें धूल वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपनी दवाएं लेनी चाहिए। अगर सफाई के बाद भी खांसी बनी रहती है, या इसके साथ घरघराहट (wheezing), सीने में जकड़न या सांस लेने में दिक्कत होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही अगर आपको पहले से ही कोई फेफड़े की बीमारी है जैसे ब्रोंकाइटिस और अस्थमा उन लोगों को सफाई के दौरान सतर्क रहना चाहिए।

FAQ

  • धूल मिट्टी से एलर्जी हो जाए तो क्या करें?

    धूल मिट्टी से एलर्जी हो जाए तो नमक के पानी से नाक साफ करें। इसके अलावा गर्म पानी की भाप लें और इसके बाद मास्क पहनें।
  • एलर्जी कितने दिनों में ठीक हो जाती है?

    एलर्जी 3 से 5 दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि, अगर इससे ज्यादा समय ले तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 05, 2026 12:12 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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