कई लोग सुबह के समय चाय-कॉफी पीना पसंद करते हैं। इनसे कई लोग फ्रेश महसूस करते हैं, लेकिन कई बार इनका सेवन करने के बाद लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। आइए इस बारे में Dr. Shashank M S, Consultant - Urology and Renal transplant, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
चाय या कॉफी के बाद बार-बार वॉशरूम क्यों जाना पड़ता है?
डॉ. शशांक के अनुसार, ऐसा मुख्य रूप से इसलिए होता है, क्योंकि इन दोनों ड्रिंक्स में कैफीन होता है, जो एक नेचुरल पदार्थ है और माइल्ड ड्यूरेटिक (mild diuretic) की तरह काम करता है।
ड्यूरेटिक वह चीज है, जो किडनी को शरीर से ज्यादा सोडियम और पानी बाहर निकालने के लिए बढ़ावा देती है, जिससे पेशाब ज्यादा बनता है। कैफीन किडनी पर असर डालता है और सोडियम के दोबारा अवशोषण (reabsorption) को कम कर देता है, जिससे ज्यादा पानी पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। जिसके कारण आपको बार-बार पेशाब करने की इच्छा हो सकती है, खासकर तब जब आप ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी पीते हैं।
इसे भी पढ़ें: पेशाब की धार कमजोर या रुक-रुक कर आती है? डॉक्टर से जानें पुरुषों में इसके 7 कारण
हर व्यक्ति पर अलग होता है असर
डॉ. शशांक का कहना है, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है, जो कैफीन के प्रति सेंसिटिविटी, पीने की आदतों, उम्र और सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। जो लोग नियमित रूप से कैफीन वाली ड्रिंक्स पीते हैं, उनमें इसके प्रति कुछ हद तक सहनशीलता (tolerance) विकसित हो सकती है, जिससे समय के साथ यह असर कम हो सकता है।
Why Do You Urinate More After Drinking Tea Or Coffee 1
नर्वस सिस्टम होता है प्रभावित
डॉ. शशांक बताते हैं, कैफीन नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर भी असर डालता है और कुछ लोगों में ब्लैडर (मूत्राशय) की एक्टिविटी को अस्थायी रूप से बढ़ा सकता है। इसका मतलब यह है कि भले ही मूत्राशय पूरी तरह से भरा न हो, फिर भी आपको पेशाब करने की तेज इच्छा महसूस हो सकती है। जिन लोगों का मूत्राशय ओवरएक्टिव (overactive) या सेंसिटिव होता है, उन्हें यह असर ज्यादा साफ महसूस हो सकता है।
आमतौर पर चाय की तुलना में कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, हालाकि यह मात्रा कॉफी के टाइप, उसे बनाने के तरीके और सर्विंग साइज पर निर्भर करती है। कैफीन के अलावा, एक बड़ा कप चाय या कॉफी पीने से आपके शरीर में तरल पदार्थ (fluid) की कुल मात्रा भी बढ़ जाती है, जिससे पेशाब ज्यादा बनता है। इसलिए, इन ड्रिंक्स को पीने के बाद बार-बार पेशाब आने का कारण हमेशा सिर्फ कैफीन ही नहीं होता है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2012 में BJOG में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन हमारे शरीर में मूत्र का उत्पादन बढ़ाता है, मांसपेशियों को सिकोड़ता है और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे अधिक चाय (दिन में 3 या उससे अधिक कप) पीने पर ओवरएक्टिव ब्लैडर और रात में बार-बार पेशाब आने (Nocturia) का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: चाय पीते ही शरीर में क्यों आती है तुरंत एनर्जी? जानें क्या यह सच में एक्टिव करती है या कैफीन का असर है
बार-बार पेशाब आने की समस्या से राहत के लिए क्या करें?
डॉ. शशांक का कहना है, बार-बार पेशाब आने की समस्या को नियंत्रित करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- चाय और कॉफी की मात्रा कम करने पर विचार करें, खासकर अगर आपको लगता है कि इनके सेवन से आपको बार-बार वॉशरूम जाना पड़ रहा है।
- सोने के समय के आस-पास ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि इससे आपकी नींद में खलल पड़ सकता है।
- आप धीरे-धीरे कम कैफीन वाले या कैफीन-मुक्त विकल्पों को भी अपना सकते हैं। हालांकि, पेशाब को नियंत्रित करने के लिए पानी का कुल सेवन कम न करें, क्योंकि किडनी और मूत्राशय की सेहत के लिए शरीर में पर्याप्त पानी (hydration) होना जरूरी है।
डॉक्टर से कब मिलें?
डॉ. शशांक बताते हैं, अगर चाय या कॉफी न पीने पर भी बार-बार पेशाब आता है या इसके साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना, जलन होना, दर्द होना या पेशाब में खून आना जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लें। ये लक्षण किसी अंदरूनी समस्या, जैसे कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डायबिटीज या ओवरएक्टिव ब्लैडर की ओर इशारा कर सकते हैं।
निष्कर्ष
चाय और कॉफी पीने के बाद बार-बार पेशाब आने का मुख्य कारण उनमें मौजूद कैफीन है, जो एक नेचुरल ड्यूरेटिक के रूप में काम करता है। यह किडनी को शरीर से ज्यादा पानी और सोडियम बाहर निकालने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पेशाब अधिक बनता है। इसके अलावा, कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर मूत्राशय (ब्लैडर) की एक्टिविटी को बढ़ा देता है, जिससे ब्लैडर भरा न होने पर भी पेशाब के लिए जाने की तीव्र इच्छा होती है।
हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है, लेकिन इससे राहत पाने के लिए चाय-कॉफी का सेवन सीमित करना और सोने से पहले इनसे बचना फायदेमंद रहता है। अगर यह समस्या बिना चाय-कॉफी के भी बनी रहे या इसके साथ दर्द, जलन या खून आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
ज्यादा कॉफी पीने से क्या होता है?
ज्यादा कॉफी का सेवन करने से नींद में बाधा आने, पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं होने, चिंता, बेचैनी, आयरन की कमी, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन के तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।ज्यादा पेशाब क्यों आता है?
ब्लड शुगर, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, प्रोस्टेट के बढ़ने, प्रेग्नेंसी, दवाएं, स्ट्रेस, तंत्रिका तंत्र, कैफीन या लिक्विड ड्रिंक अधिक लेने के कारण भी व्यक्ति को ज्यादा पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 05, 2026 11:18 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shashank MS
