Mon Sep 14, 2026 | 05:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rajasekara C Madarasu , Senior Consultant Nephrologist | Clinical Director & Head of Department - Nephrology & Transplant Services

पेशाब के रंग में बदलाव को न करें नजरअंदाज, डॉक्‍टर से जानें कौन सा रंग किस समस्या का संकेत है?

पेशाब का रंग, हमारी सेहत की जानकारी देने में अहम भूम‍िका न‍िभाता है। एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्‍त‍ि के यूर‍िन का रंग हल्‍का या फीका पीला होता है, लेक‍िन पेशाब का रंग अगर बदला हुआ है, तो इसके पीछे कई बीमार‍ियां हो सकती हैं। 

कई बार तबीयत ब‍िगड़ने पर जब मरीज डॉक्‍टर के पास जाते हैं, तो वे मरीज से पेशाब के रंग के बारे में पूछते हैं। दरअसल डॉक्‍टर पेशाब के रंग के जर‍िए बीमारी को समझने की कोश‍िश करते हैं। हमारे शरीर से न‍िकलने वाली पेशाब का रंग, हमारी सेहत के ल‍िए कई तरह की जानकार‍ियां दे सकता है। पेशाब के जर‍िए शरीर का वेस्‍ट प्रोडक्‍ट शरीर के बाहर न‍िकल जाता है। आइए समझते हैं क‍िस रंग का पेशाब हमारी सेहत के बारे में क्‍या बताता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Rajasekara Chakravarthi Madarasu, Clinical Director & HOD Of Nephrology And Transplant Services At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, कुछ दवाओं जैसे कब्‍ज की दवा, व‍िटाम‍िन सप्‍लीमेंट्स या खाद्य पदार्थ पेशाब के बदलते रंग का कारण हो सकते हैं इसल‍िए डॉक्‍टर की सलाह लें और कारण का पता लगाएं।

पेशाब का रंग     कारण 
सामान्‍य रंग        फीका पीला रंग और पतला यूर‍िन 
गहरा पीला रंग शरीर में पानी की कमी 
सफेद रंग  पेशाब मार्ग में इंफेक्‍शन जैसे यूटीआई या प्‍यूर‍िन युक्‍त खाद्य पदार्थों का सेवन
नारंगी गंभीर ड‍िहाइड्रेशन या कुछ दवाओं का असर 
लाल 

ब्‍लैडर इंफेक्‍शन, क‍िडनी या यूर‍िनरी ट्रैक्‍ट में इंफेक्‍शन, प्रोस्टेट इंफेक्‍शन
प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना, ब्‍लैडर कैंसर

हरा या नीला   

फूड कलर युक्‍त खाद्य पदार्थों का अध‍िक मात्रा में सेवन
एंटीबायोट‍िक्‍स या एंटीहिस्टामाइन दवाओं का सेवन

बैंगनी या जामुनी रंग    पॉर्फि‍र‍िया और पर्पल यूरिन बैग सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमार‍ियां 
भूरा या काला रंग  गंभीर बीमारी रब्‍डोमयोल‍िस‍िस या बिलीरुबिन की अध‍िकता 
रंगहीन पेशाब   डायब‍िटीज या अल्‍कोहल का अध‍िक सेवन 

पेशाब का सामान्‍य रंग कैसा होता है?

अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करते हैं, तो पेशाब का रंग फीके पीले रंग का होगा और पतला होगा। पेशाब का पीला रंग उसे यूर‍ोबि‍ल‍िन से म‍िलता है। पेशाब के सामान्‍य रंग की बात करें, तो वह पीले रंग के अलग-अलग शेड्स में होता है। पेशाब का रंग इस बात पर न‍िर्भर करता है क‍ि व्‍यक्‍त‍ि ने क‍ितना पानी प‍िया है? अगर शरीर में पानी की कमी होगी, तो पेशाब का रंग ज्‍यादा गहरा नजर आएगा।

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गहरा पीला रंग

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अगर पेशाब का रंग गहरा पीला द‍िख रहा है, तो मतलब शरीर में पानी की कमी है। ऐसी स्‍थ‍िति‍ में पर्याप्‍त मात्रा में पानी और डॉक्‍टर की सलाह पर तरल पदार्थों का सेवन करना चाह‍िए।

पेशाब का रंग नारंगी है

अध‍िक ड‍िहाइड्रेशन की स्‍थ‍ित‍ि में पीला रंग, नारंगी रंग के करीब पहुंच जाता है। कुछ दवाओं के अध‍िक सेवन से भी पेशाब का रंग नारंगी हो सकता है।

पेशाब का रंग लाल है

अगर पेशाब का रंग लाल है, तो इसका मतलब है क‍ि इसमें ब्‍लड आ रहा है। क‍िडनी, यूरेथ्रा, ब्‍लैडर, प्रोस्‍टेट और पेशाब नल‍िकाओं से जुड़ने वाली क‍िसी भी ट्यूब में अगर ब्‍लीड‍िंग हो रही हो, तो पेशाब का रंग लाल हो सकता है। अगर ब्‍लीडि‍ंग ज्‍यादा होगी, तो पेशाब का रंग गहरा लाल द‍िख सकता है। प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने, ब्‍लैडर कैंसर, ब्‍लैडर इंफेक्‍शन, क‍िडनी या यूर‍िनरी ट्रैक्‍ट में इंफेक्‍शन, प्रोस्टेट इंफेक्‍शन के कारण पेशाब के साथ ब्‍लीड‍िंग हो सकती है।

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पेशाब का हरा या नीला रंग

पेशाब का रंग हरा या नीला भी द‍िखता है। हालांक‍ि, यह दुर्लभ मामलों में होता है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं ज‍िनमें हरा या पीला फूड कलर म‍िलाया जाता है। अगर इनका सेवन करते हैं, तो पेशाब का रंग हरा या पीला द‍िख सकता है, लेक‍िन ऐसा तभी होगा जब बहुत अध‍िक मात्रा में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन क‍िया हो। एंटीबायोट‍िक्‍स, एंटीहिस्टामाइन दवाओं के सेवन से भी पेशाब का रंग हरा या नीला हो सकता है।

सफेद रंग

पेशाब मार्ग में इंफेक्‍शन जैसे यूटीआई के कारण पेशाब का रंग सफेद नजर आ सकता है। साथ ही, प्‍यूर‍िन युक्‍त खाद्य पदार्थों का सेवन करने के कारण पेशाब का रंग सफेद हो सकता है। National Kidney Foundation के मुताब‍िक, कई बार पेशाब में बहुत ज्‍यादा सफेद झाग नजर आता है। यह पेशाब में प्रोटीन होने का संकेत हो सकता है। पेशाब में प्रोटीन का होना किडनी की बीमारी का शुरुआती लक्षण है, इसलिए प्रोटीन की जांच के लिए डॉक्‍टर की सलाह पर यूरिन टेस्ट कराना चाह‍िए।

बैंगनी या जामुनी रंग

बैंगनी या जामुनी रंग का पेशाब होना भी दुर्लभ मामला है। एक आनुवंश‍िक बीमारी पॉर्फि‍र‍िया में ऐसा हो सकता है। यह बीमारी त्‍वचा और नर्वस स‍िस्‍टम को प्रभाव‍ित करती है। इसके पीछे एक और दुर्लभ कारण हो सकता है ज‍िसे पर्पल यूरिन बैग सिंड्रोम (PUBS) कहा जाता है। इसमें लंबे समय से पेशाब की थैली (कैथेटर) का इस्‍तेमाल करने के कारण इंफेक्‍शन हो जाता है ज‍िससे मरीज के पेशाब का रंग बैंगनी हो जाता है।

भूरा या काले रंग का पेशाब

रब्‍डोमयोल‍िस‍िस एक गंभीर बीमारी है ज‍िसके कारण पेशाब का रंग भूरा या काले रंग का नजर आ सकता है। इस बीमारी के पीछे कुछ दवाओं का सेवन या ज्‍यादा मेहनत जैसे कारण हो सकते हैं। बिलीरुबिन (Bilirubin) की अध‍िकता से भी ऐसा हो सकता है। बिलीरुबिन के कारण पेशाब का रंग गहरा हो सकता है।

रंगहीन पेशाब

अगर पेशाब के रंग में कोई रंग नहीं द‍िख रहा है, तो यह भी क‍िसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। जैसे- डायब‍िटीज या अल्‍कोहल का अध‍िक सेवन।

न‍िष्‍कर्ष:

पेशाब का रंग, हमारी सेहत की जानकारी देता है। पेशाब का सामान्‍य रंग फीका पीला और पतला होता है। गहरा पीला रंग ड‍िहाइड्रेशन का संकेत है, सफेद रंग का पेशाब, इंफेक्‍शन या प्‍यूर‍िन युक्‍त चीजों के अध‍िक सेवन से हो सकता है, नारंगी रंग के पीछे गंभीर ड‍िहाइड्रेशन हो सकता है। पेशाब के साथ ब्‍लड आने पर रंग लाल हो जाता है, इसके पीछे क‍िडनी स्‍टोन, क‍िडनी या यूर‍िनरी ट्रैक्‍ट में इंफेक्‍शन, प्रोस्‍टेट इंफेक्‍शन, ब्‍लैडर कैंसर जैसे कारण हो सकते हैं। पेशाब का हरा या नीला रंग, फूड कलर युक्‍त खाद्य पदार्थ का अध‍िक सेवन या एंटीबायोट‍िक्‍स एवं एंटीहिस्टामाइन दवाओं के सेवन से हो सकता है, बैंगनी रंग के पीछे पॉर्फि‍र‍िया और पर्पल यूरिन बैग सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमार‍ियां हो सकती हैं। भूरा या काला रंग का यूर‍िन गंभीर बीमारी रब्‍डोमयोल‍िस‍िस या बिलीरुबिन की अध‍िकता के कारण होता है। रंगहीन पेशाब के पीछे डायब‍िटीज या अल्‍कोहल का अध‍िक सेवन जैसे कारण हो सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • बार-बार पेशाब आना क‍िसी बीमारी का संकेत है?

    अध‍िक मात्रा में पानी का सेवन, डायब‍िटीज, ब्‍लैडर से संबंध‍ित समस्‍या या यूर‍िनरी इंफेक्‍शन के कारण बार-बार पेशाब आ सकती है।
  • पेशाब में दर्द होना किस समस्या का संकेत है?

    पेशाब करते समय दर्द के पीछे इंफेक्‍शन पथरी या मूत्र मार्ग से जुड़ी अन्‍य समस्या हो सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 14, 2026 16:04 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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