Mon Sep 14, 2026 | 12:57 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

आपकी जीभ का रंग आपकी सेहत के बारे में क्या बताता है? डॉक्टर ने बताई कई खास बातें

आपकी जीभ का रंग आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताता है, जैसे आपकी सफेद जीभ से पता चलता है कि उस पर बैक्टीरिया पनप रहे हैं और जीभ की सफाई की जल्द से जल्द जरूरत है। जानें, जीभ के अन्य रंगों और उनसे जुड़ी सेहत के खुलासे के बारे में।

क्या आप जानते हैं कि आपकी जीभ का रंग आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताता है? जैसे कि आपकी गुलाबी जीभ से इस बात का अंदाजा लगता है कि आपकी सेहत पूरी तरह फिट है। इसी तरह, जीभ के अलग-अलग रंग होते हैं, जो आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। इस लेख हम Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानेंगे कि जीभ के अलग-अलग रंग आपकी सेहत के बारे में क्या-क्या बता रहे हैं?

जीभ का रंग और सेहत की जानकारी

what your tongue color says about your health 1

1. सफेद जीभ

साल 2023 में Advanced Biomedical Research Journal में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार, सफेद जीभ और एसिड रिफ्लक्स के बीच गहरा संबंध है। आमतौर पर डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), स्मोकिंग (धूम्रपान) या मुंह की ठीक से सफाई न करने की वजह से जीभ के टेस्ट बड्स में सूजन आ जाती है और उनमें गंदगी जमा हो जाती है। इसके अलावा, एसिड रिफ्लक्स (पेट का एसिड मुंह में आना) के कारण भी जीभ पर सफेद परत जम सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन में सफेद जीभ को ओरल थ्रश (फंगल इन्फेक्शन), एसिड रिफ्लक्स और ल्यूकोप्लाकिया से भी जोड़कर देखा गया है।

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2. गाढ़ा लाल

अक्सर लोगों को यह गलतफहमी हो जाती है कि जीभ का रंग गाढ़ा लाल है, तो यह अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है। जबकि, ऐसा नहीं है। जीभ का गाढ़ा लाल रंग बताता है कि शरीर में विटामिन बी12 या फोलेट की कमी हो गई है, जिससे अंदरूनी सूजन भी बढ़ गई है। इस स्थिति को क्रॉनिक ग्लोसाइटिस कहा जाता है। इसमें टेस्ट बड्स भी नष्ट हो जाते हैं।

Medical Acupuncture जर्नल में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार क्रॉनिक ग्लोसाइटिस का इलाज करने के लिए सिर्फ जीभ पर मलहम लगाना काफी नहीं होता है। इसके साथ-साथ इसके मूल कारण को जानकर उसका ट्रीटमेंट किया जाना भी आवश्यक होता है।

3. पीलापन

अगर आपकी जीभ में पीलापन बढ़ गया है, तो इसका साफ मतलब है कि आपकी जीभ गंद हो गई है, इसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। दरअसल, जब आप नियमित रूप से अपनी जीभ की सफाई नहीं करते हैं, तो उस पर खाद्य पदार्थ के कुछ तत्व चिपकते रहते हैं, जिससे जीभ पीली हो जाती है। हालांकि, डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि कभी-कभी जीभ का पीलापन लिवर से जुड़ी माइल्ड समस्या की ओर भी इशारा करता है।

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4. काला या भूरापन

Cleveland Clinic की मानें, तो जीभ का काला या भूरा होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। काली या भूरी जीभ आमतौर पर ब्लैक हेयरी टंग नाम की एक नुकसानरहित और अस्थायी समस्या के कारण होती है। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब जीभ पर मौजूद छोटे-छोटे दाने बड़े हो जाते हैं और उनमें खाना, बैक्टीरिया या दाग-धब्बे फंसने लगते हैं। कभी-कभी लंबे समय तक चलने वाली दवाओं के कारण भी जीभ का कालापन बढ़ जाता है।

5. जीभ का हल्का रंग

जीभ का हल्का या फीका रंग भी आपकी सेहत के बारे में बड़े खुलासे करता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि आमतौर पर खून की कमी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर जीभ का रंग फीका हो जाता है। यही नहीं, यह स्थिति तब भी पैदा होती है, जब शरीर में हीमोग्लोबिन या आयरन का स्तर गिर जाता है। इसके अलावा, थकान, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्या होने पर भी जीभ के रंग में हल्का पीलापन नजर आने लगता है।

6. नीला रंग

आमतौर पर जीभ का पीला पड़ना या सफेद होना, हमारे लिए अधिक चिंता का विषय नहीं होता है। हमें पता होता है कि जीभ की अच्छी सफाई नहीं करने की वजह से ऐसा हुआ है। वहीं, जब जीभ का रंग नीला पड़ जाए, तो इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है। प्रोफेशनल बताते हैं कि जीभ का नीला रंग यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है।

2019 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित मेडिकल केस रिपोर्ट और रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, जीभ का नीला पड़ना जन्मजात दोष भी हो सकता है। यह समस्या शरीर के अंदरूनी कारणों से भी हो सकती है, जैसे सायनोसिस (खून में ऑक्सीजन की कमी), आर्गिरिया (सिल्वर/चांदी का जमाव) या वैस्कुलर ट्यूमर। वहीं, कुछ दवाओं के प्रभाव के कारण भी जीभ नीली हो सकती है।

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7. बैंगनी रंग

नीले रंग की ही तरह पर्पल या बैंगनी जीभ भी इस बात की ओर इशारा करती है कि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर गया है, ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो रहा है और माइक्रोसर्कुलेशन डिस्फंक्शन जैसी समस्या हो गई है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि आप अपना समय पर चेकअप करवाएं और डॉक्टर की दी हुई दवा लें।

डॉक्टर की सलाह

अगर जीभ का रंग बदल गया है, सफेद या पीला हो गया है, तो तुरंत पैनिक न हों। बेहतर होगा कि आप अपनी जीभ का अच्छी तरह से सफाई करें। इसका मतलब यह नहीं है कि जीभ की सफेद परत को एक ही दिन में ही रगड़-रगड़कर निकालने की कोशिश करें। इसके बजाय, रोजाना जीभ की हल्के हाथों से सफाई करें। धीरे-धीरे जीभ साफ होने लगेगी। ध्यान रखें कि आपकी सेहत के अनुसार जीभ का रंग बदल जाता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह नुकसानदायक नहीं है। हां, अगर जीभ नीली या पर्पल हो गई है, तो इस स्थिति में एक्सपर्ट से संपर्क करना जरूरी है।

निष्कर्ष

सामान्य जीभ का रंग बदलना कोई गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है। हालांकि, जरूरी है कि आप अपनी जीभ के रंग पर नजर रखें। अगर किसी वजह से वह जीभ का रंग बदल रहा है, तो उसके कारणों को जानें। अगर वह काली, नीली या पर्पल हो गई है, इसके साथ-साथ शरीर में थकान और कमजोरी महसूस हो रही है, तो विशेषज्ञ से अपनी जांच करवाने में देरी न करें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या टंग स्क्रैपर की मदद से जीभ का गुलाबी रंग वापस आ सकता है?

    टंग स्क्रैपर का इस्तेमाल जीभ की सफाई के लिए किया जाता है। इससे जीभ पारा जमा सफेद या पीली पार्ट निकल जाती है और ओरल डेड सेल्स और बैक्टीरिया भी साफ हो जाते हैं, जिससे जीभ का का गुलाबी रंग वापस आ जाता है। 
  • स्ट्रॉबेरी टंग क्या है और यह किस बीमारी का संकेत है?

    जब जीभ बहुत ज्यादसा लाल, चमकदार और उस पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, तो उसे स्ट्रॉबेरी टंग कहा जाता है। यह आमतौर पर स्कारलेट फीवर या बच्चों में होने वाली कावासाकी बीमारी का मुख्य लक्षण है।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 14, 2026 11:43 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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