Fri Sep 11, 2026 | 09:13 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

अगर जीभ साफ नहीं है, तो आपका खाना बन रहा है जहर, जानें आम को ठीक करने की आयुर्वेदिक तरीके

Tongue Toxins: लोग अक्सर जीभ पर लगी सफेद या पीली परत को इग्नोर कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि यह गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने जीभ से सफेद परत हटाने के तरीके बताए हैं।

Tongue Toxins: अक्सर लोग सुबह उठते ही जब ब्रश करते समय अपनी जीभ चेक करते हैं, तो उन्हें जीभ पर पीली या सफेद परत नजर आती है, लेकिन वे इसे इग्नोर कर देते हैं। दरअसल, हम सभी को दांतों की सफाई के बारे में तो बताया गया है, लेकिन जीभ साफ करने की आदत बहुत कम लोगों को होती है। अगर जीभ पर लगातार सफेद या पीली परत जमा हो रही हो, तो इसके क्या मायने हैं, यह जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार जीभ पर जमी यह परत शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी का पहला संकेत होती है। आयुर्वेद में इसे आम कहा जाता है।

आयुर्वेद में आम का क्या मतलब है?

डॉ. श्रेय कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, जब डाइजेशन ठीक से काम नहीं करता, तो खाना पूरी तरह पच नहीं पाता। यही अधपचा पदार्थ शरीर में जमा होकर आम बन जाता है। आम का सबसे पहला संकेत जीभ पर जमी सफेद या पीली परत के रूप में दिखता है। इस कंडीशन में शरीर में कफ बढ़ा हुआ है, डाइजेशन धीमा हो गया है और टॉक्सिन्स जमा हो रहे हैं। इसी वजह से शास्त्रों में जीभ साफ करने को रोज की दिनचर्या का हिस्सा बताया गया है।”

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जीभ पर आम जमा होने से शरीर को क्या नुकसान होता है?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि आम सिर्फ जीभ तक सीमित नहीं रहता। यह धीरे-धीरे पूरे शरीर पर असर डालता है। अगर आम लंबे समय तक शरीर में बना रहता है, तो यह खून को भी अशुद्ध करने लगता है।

  1. डाइजेशन कमजोर होने लगता है
  2. पेट भारी और खराब रहने लगता है
  3. गैस, एसिडिटी और कब्ज बढ़ती है
  4. शरीर में सुस्ती और थकान रहती है
  5. स्किन और बालों पर बुरा असर पड़ता है

जीभ साफ करना क्यों है जरूरी?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में साफ लिखा है कि सुबह उठकर जीभ की सफाई करना उतना ही जरूरी है, जितना दांत साफ करना। जीभ साफ करने से आम बाहर निकलता है, मुंह की बदबू कम होती है, स्वाद बेहतर होता है और डाइजेशन बेहतर होता है। लगातार टॉक्सिनन्स रहने से शरीर का खून भी अशुद्ध हो जाता है, जो बालों और स्किन पर भी प्रभाव डालता है। इसलिए रोजाना जीभ साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है।

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आम हटाने के आयुर्वेदिक तरीके

डॉ. श्रेय कहते हैं कि डाइजेशन सुधारना मुश्किल नहीं है, बस सही और सिंपल उपाय अपनाने की जरूरत है।

सोंठ, पिप्पली और हरड़ का इस्तेमाल

सर्दियों के इस मौसम में सोंठ, पिप्पली और हरड़ का कॉम्बिनेशन पाचन के लिए बेहद असरदार माना जाता है। यह
अग्नि को तेज करता है, आम को पचाने में मदद करता है और पेट को हल्का रखता है।

अजवाइन और नमक

अजवाइन के साथ थोड़ा सा काला नमक या सेंधा नमक मिलाकर लेने से गैस, अपच और भारीपन में राहत मिलती है। यह सबसे बेसिक लेकिन प्रभावी उपाय है।

बुहत ज्यादा आम होने पर काली मिर्च

अगर जीभ पर परत ज्यादा मोटी हो और डाइजेशन बहुत खराब लगे, तो थोड़ी सी काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आम को साफ करने में मदद करता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी

जीभ की सफाई के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव करना भी बहुत महत्वपूर्ण है और इन बदलावों को अपनी दिनचर्या में जरूर अपनाना चाहिए।

  1. प्रचुर मात्रा में पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
  2. नारियल या तिल के तेल से कुल्ला करें।
  3. एक हल्के गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला करें।
  4. ओरल हाइजीन का ध्यान रखें।

निष्कर्ष

डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर जीभ पर सफेद या पीली परत दिखें, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें। आयुर्वेद के अनुसार जीभ पर जमा आम शरीर का पहला अलार्म होता है। अगर इसे समय रहते साफ कर लिया जाए और डाइजेशन सुधारा जाए, तो पेट, स्किन और बालों की कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

FAQ

  • क्या पेट की समस्या से जीभ सफेद हो सकता है?

    पेट या पाचन संबंधी समस्याओं के कारण जीभ पर सफेद परत जम सकती है। कई इंफेक्शन्स के कारण जीभ पर सफेद रंग दिखाई दे सकता है।
  • जीभ का कैंसर सबसे पहले कहां फैलता है?

    जीभ का कैंसर सबसे पहले आस-पास के टिश्यू, जीभ के अन्य हिस्सों और गर्दन की लिम्फ नोड्स में फैलता है, खासकर जीभ के पिछले हिस्से में और जब तक पता चलता है तब तक यह गर्दन में फैल चुका होता है।
  • आपको कैसे पता चलेगा कि आपके पेट में कुछ गड़बड़ है?

    पेट फूलना, गैस, जलन, बार-बार डकार, कब्ज या दस्त, भूख में बदलाव, पेट भारी लगना, थकान, स्किन से जुड़ी समस्याएं , मूड स्विंग्स, और अचानक वजन घटने या बढ़ना पेट में गड़बड़ होने के संकेत है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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