Tongue Toxins: अक्सर लोग सुबह उठते ही जब ब्रश करते समय अपनी जीभ चेक करते हैं, तो उन्हें जीभ पर पीली या सफेद परत नजर आती है, लेकिन वे इसे इग्नोर कर देते हैं। दरअसल, हम सभी को दांतों की सफाई के बारे में तो बताया गया है, लेकिन जीभ साफ करने की आदत बहुत कम लोगों को होती है। अगर जीभ पर लगातार सफेद या पीली परत जमा हो रही हो, तो इसके क्या मायने हैं, यह जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार जीभ पर जमी यह परत शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी का पहला संकेत होती है। आयुर्वेद में इसे आम कहा जाता है।
आयुर्वेद में आम का क्या मतलब है?
डॉ. श्रेय कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, जब डाइजेशन ठीक से काम नहीं करता, तो खाना पूरी तरह पच नहीं पाता। यही अधपचा पदार्थ शरीर में जमा होकर आम बन जाता है। आम का सबसे पहला संकेत जीभ पर जमी सफेद या पीली परत के रूप में दिखता है। इस कंडीशन में शरीर में कफ बढ़ा हुआ है, डाइजेशन धीमा हो गया है और टॉक्सिन्स जमा हो रहे हैं। इसी वजह से शास्त्रों में जीभ साफ करने को रोज की दिनचर्या का हिस्सा बताया गया है।”

यह भी पढ़ें- क्या आप भी जीभ साफ नहीं करते? जान लें 5 बड़े नुकसानों के बारे में
जीभ पर आम जमा होने से शरीर को क्या नुकसान होता है?
डॉ. श्रेय कहते हैं कि आम सिर्फ जीभ तक सीमित नहीं रहता। यह धीरे-धीरे पूरे शरीर पर असर डालता है। अगर आम लंबे समय तक शरीर में बना रहता है, तो यह खून को भी अशुद्ध करने लगता है।
- डाइजेशन कमजोर होने लगता है
- पेट भारी और खराब रहने लगता है
- गैस, एसिडिटी और कब्ज बढ़ती है
- शरीर में सुस्ती और थकान रहती है
- स्किन और बालों पर बुरा असर पड़ता है
जीभ साफ करना क्यों है जरूरी?
डॉ. श्रेय कहते हैं कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में साफ लिखा है कि सुबह उठकर जीभ की सफाई करना उतना ही जरूरी है, जितना दांत साफ करना। जीभ साफ करने से आम बाहर निकलता है, मुंह की बदबू कम होती है, स्वाद बेहतर होता है और डाइजेशन बेहतर होता है। लगातार टॉक्सिनन्स रहने से शरीर का खून भी अशुद्ध हो जाता है, जो बालों और स्किन पर भी प्रभाव डालता है। इसलिए रोजाना जीभ साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़ें- अगर आपकी जीभ भी रहती है पीली तो डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षण
आम हटाने के आयुर्वेदिक तरीके
डॉ. श्रेय कहते हैं कि डाइजेशन सुधारना मुश्किल नहीं है, बस सही और सिंपल उपाय अपनाने की जरूरत है।
सोंठ, पिप्पली और हरड़ का इस्तेमाल
सर्दियों के इस मौसम में सोंठ, पिप्पली और हरड़ का कॉम्बिनेशन पाचन के लिए बेहद असरदार माना जाता है। यह
अग्नि को तेज करता है, आम को पचाने में मदद करता है और पेट को हल्का रखता है।
अजवाइन और नमक
अजवाइन के साथ थोड़ा सा काला नमक या सेंधा नमक मिलाकर लेने से गैस, अपच और भारीपन में राहत मिलती है। यह सबसे बेसिक लेकिन प्रभावी उपाय है।
बुहत ज्यादा आम होने पर काली मिर्च
अगर जीभ पर परत ज्यादा मोटी हो और डाइजेशन बहुत खराब लगे, तो थोड़ी सी काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आम को साफ करने में मदद करता है।
लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी
जीभ की सफाई के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव करना भी बहुत महत्वपूर्ण है और इन बदलावों को अपनी दिनचर्या में जरूर अपनाना चाहिए।
- प्रचुर मात्रा में पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
- नारियल या तिल के तेल से कुल्ला करें।
- एक हल्के गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला करें।
- ओरल हाइजीन का ध्यान रखें।
निष्कर्ष
डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर जीभ पर सफेद या पीली परत दिखें, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें। आयुर्वेद के अनुसार जीभ पर जमा आम शरीर का पहला अलार्म होता है। अगर इसे समय रहते साफ कर लिया जाए और डाइजेशन सुधारा जाए, तो पेट, स्किन और बालों की कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
FAQ
क्या पेट की समस्या से जीभ सफेद हो सकता है?
पेट या पाचन संबंधी समस्याओं के कारण जीभ पर सफेद परत जम सकती है। कई इंफेक्शन्स के कारण जीभ पर सफेद रंग दिखाई दे सकता है।जीभ का कैंसर सबसे पहले कहां फैलता है?
जीभ का कैंसर सबसे पहले आस-पास के टिश्यू, जीभ के अन्य हिस्सों और गर्दन की लिम्फ नोड्स में फैलता है, खासकर जीभ के पिछले हिस्से में और जब तक पता चलता है तब तक यह गर्दन में फैल चुका होता है।आपको कैसे पता चलेगा कि आपके पेट में कुछ गड़बड़ है?
पेट फूलना, गैस, जलन, बार-बार डकार, कब्ज या दस्त, भूख में बदलाव, पेट भारी लगना, थकान, स्किन से जुड़ी समस्याएं , मूड स्विंग्स, और अचानक वजन घटने या बढ़ना पेट में गड़बड़ होने के संकेत है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 09, 2026 08:05 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 09, 2026 08:05 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Shrey Sharma