Wed Nov 4, 2026 | 09:27 PM IST

Medically Reviewed by Dr Himika Chawla , Senior Consultant – Endocrinology & Diabetology

थायराइड की रिपोर्ट देखकर कैसे पहचानें बीमारी? डॉक्टर से जानें TSH, T3 और T4 के बढ़ने-घटने का मतलब

थायराइड की रिपोर्ट मिलने पर यह समझ नहीं आता कि इसमें लिखे नंबर्स का क्या मतलब है? कई बार लोग ज्यादा या कम नंबर्स देकर परेशान हो जाते हैं। इसलिए इस लेख में डॉ. हिमिका चावला ने थायराइड की रिपोर्ट पढ़ने का आसान तरीका समझाया है।
थायराइड की रिपोर्ट देखकर कैसे पहचानें बीमारी? डॉक्टर से जानें TSH, T3 और T4 के बढ़ने-घटने का मतलबथायराइड की रिपोर्ट देखकर कैसे पहचानें बीमारी? डॉक्टर से जानें TSH, T3 और T4 के बढ़ने-घटने का मतलब

अगर किसी को बिना वजह थकान या कमजोरी महसूस होती है, वजन बढ़ने या घटने लगता है, बाल झड़ते हैं या हार्ट बीट तेज हो जाती है, तो इन बदलावों का कारण थायराइड हार्मोन असंतुलन हो सकता है। थायराइड की पुष्टि के लिए डॉक्टर थायराइड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं, लेकिन जब रिपोर्ट आती है, तो लोगों को उसमें TSH, T3 और T4 जैसे नाम देखकर समझ नहीं आता कि उन्हें थायराइड की समस्या है या नहीं। थायराइड की रिपोर्ट कैसे पढ़ें, इसे जानने के लिए हमने Dr. Himika Chawla, Senior Consultant, Endocrinology & Diabetology, PSRI Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि थायराइड की रिपोर्ट को समझने के लिए इन हार्मोन के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

थायराइड क्या है और शरीर में क्या काम करता है?

American Thyroid Association के मुताबिक, थायराइड ग्रंथि तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो आमतौर पर गर्दन के निचले हिस्से में होती है। थायराइड हार्मोन ब्लड में मिलकर शरीर के सभी टिश्यू में पहुंचता है और फिर शरीर इस एनर्जी का इस्तेमाल गर्मी बनाए रखने, दिमाग, हार्ट, मांसपेशियों और अन्य अंगों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसमें सबसे आम T4, T3 और TSH महत्वपूर्ण है और थायराइड के टेस्ट में इन्हीं फैक्टर्स की जांच की जाती है।

थायराइड टेस्ट में TSH, T3 और T4 का क्या मतलब है?

Dr. Himika Chawla ने कहा कि थायराइड की जांच में TSH, T3 और T4 देखा जाता है।

हार्मोन 

नॉर्मल रेंज (वयस्क)

स्तर बढ़ने पर थायराइड की कंडीशन

स्तर घटने पर थायराइड की कंडीशन

TSH (थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन)

0.4 से 4.0 mIU/L (लैब अनुसार अलग-अलग होना)

हाइपोथायरायडिज्म - थकान, वजन बढ़ना, कब्ज, ठंड ज्यादा लगना, त्वचा रूखी होना

हाइपरथायरायडिज्म - वजन कम होना, पसीना आना, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना

T3 (ट्राईआयोडोथायरोनिन)

Total T3 या Free T3 के प्रकार पर निर्भर

हाइपरथायरायडिज्म की संभावना (कई मामलों में TSH कम और T3 ज्यादा दिखता है)

थायराइड की कम एक्टिव होना, गंभीर बीमारी या बहुत कम कैलोरी का इस्तेमाल होना 

T4 / Free T4 (थायरॉक्सिन / फ्री थायरॉक्सिन)

लैब की मानक सीमा अनुसार

हाइपरथायरायडिज्म (जब TSH कम और Free T4 ज्यादा हो)

हाइपोथायरायडिज्म (जब TSH ज्यादा और Free T4 कम हो)

थायराइड में Anti-TPO और TRAb टेस्ट क्यों किए जाते हैं?

Dr. Himika Chawla कहती हैं, “थायराइड की रिपोर्ट आने के बाद कभी-कभी Anti-TPO और TRAb जैसे एंटीबॉडी टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। इसमें थायराइड से जुड़ी कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों के कारणों को समझने के लिए किया जाता है। अगर Anti-TPO का स्तर बढ़ा हुआ है, तो इसका मतलब है कि मरीज को हाशिमोटो थायरॉयडाइटिस हो सकता है। वहीं, TSH रिसेप्टर एंटीबॉडी (TRAb) ग्रेव्स डिजीज की पहचान में मदद कर सकती है।”

how to read thyroid reporthow to read thyroid report

यह भी पढ़ें- सिर्फ वजन नहीं, त्‍वचा को भी प्रभाव‍ित करता है थायराइड, डॉक्‍टर से जानें स्‍क‍िन में होने वाले बदलाव 

थायराइड में अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है?

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के मुताबिक, आमतौर पर थायराइड अल्ट्रासाउंड थायराइड की गांठें चेक करने के लिए किया जाता है। अल्ट्रासाउंड से डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलती है कि इन गांठों में कैंसर होने की संभावना है या नहीं। इसमें मरीज को एक टेबल पर लिटा दिया जाता है और फिर गर्दन पर ट्रांसड्यूसर डिवाइस को चलाया जाता है। यह प्रक्रिया दर्द रहित होती है और डिवाइस की मदद से थायराइड की इमेज बनती है। इससे डॉक्टर को थायराइड की पूरी जानकारी मिलती है। इस प्रक्रिया में करीब आधा घंटा लग सकता है।

थायराइड की रिपोर्ट में पॉजिटिव होने पर क्या करें?

Dr. Himika Chawla ने बताया कि अगर TSH, T3 या Free T4 की रिपोर्ट सामान्य से ज्यादा हो, तो घबराने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है। थायराइड को कंट्रोल करने के लिए आमतौर पर डॉक्टर दवा देते हैं, लेकिन थायराइड की दवा खुद से शुरू न करें, क्योंकि डॉक्टर थायराइड रिपोर्ट देखकर ही दवाई की मात्रा रिकमेंड करते हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी में थायराइड की रिपोर्ट अलग हो सकती है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर से सलाह पर दवा लेनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- थायराइड की दवा कब और कैसे लें? डॉक्टर से जानें सही समय, तरीका और जरूरी सावधानियां

निष्कर्ष
थायराइड की ब्लड रिपोर्ट में TSH, T3 और Free T4 बहुत जरूरी पैरामीटर होते हैं। अगर इन पैरामीटर्स में किसी भी तरह की समस्या दिखती है या फिर मरीज के लक्षणों में ऑटोइम्यून या थायराइड की गांठें बनने की संभावना होती है, तो एंटीबॉडी या अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है। थायराइड की पुष्टि होने के बाद मरीज को अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसे कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  •  क्या थायराइड टेस्ट के लिए रातभर भूखे रहना जरूरी होता है?

    खाना खाने से T3/T4 पर बड़ा असर नहीं पड़ता, लेकिन भारी नाश्ते के बाद TSH का स्तर थोड़ा गिर सकता है। सटीक नतीजों के लिए डॉक्टर सुबह खाली पेट ही ब्लड सैंपल देने की सलाह देते हैं।
  • यदि TSH सामान्य आ जाए, तो क्या डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद की जा सकती है?

    TSH का सामान्य आने का मतलब है कि दवा सही काम कर रही है। दवा अचानक बंद करते ही थायराइड थोड़ा उभर सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए। 

Read Next

→ बस-मेट्रो में सफर करने वालों के लिए आई फ्लू से बचने की गाइड

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 04, 2026 20:12 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Himika Chawla