Mon Sep 14, 2026 | 06:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr Raman Boddula , Consultant Endocrinologist

थायराइड की दवा कब और कैसे लें? डॉक्टर से जानें सही समय, तरीका और जरूरी सावधानियां

थायराइड की दवा को लेकर अक्‍सर लोगों को कंफ्यूजन रहता है। सही जानकारी न होने पर थायराइड हार्मोन को कंट्रोल करने में मुश्‍क‍िल हो सकता है। डॉक्‍टर से जानें थायराइड की दवा लेने का सही तरीका।

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थायराइड होने पर डॉक्‍टर दवाओं का सेवन करने की सलाह देते हैं ताक‍ि थायराइड हार्माेन को कंट्रोल करने में मदद म‍िल सके। बहुत से लोग यह समझ नहीं पाते कि दवा कब लेनी है? खाने से पहले या बाद में लेनी है? चाय-कॉफी कब पी सकते हैं या दवा लेने के बाद कौन-सी चीजों से बचना चाहिए? अगर थायराइड की डोज को डॉक्‍टर की सलाह के बगैर लेंगे, तो दवा का असर कम होने पर शरीर में एनर्जी की कमी, जल्दी थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस हो सकती है। इस लेख में जानेंगे थायराइड की दवा कब और कैसे लेनी चाह‍िए? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Raman Boddula, Senior Consultant Endocrinologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

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1. थायराइड दवा लेने का सही समय और तरीका क्‍या है?

Dr. Raman Boddula ने कहा ''थायराइड दवा को पानी के साथ लें। दवा को चबाकर या तोड़कर खाने से बचना चाह‍िए। दवा को सुबह उठने के बाद खाना चाह‍िए। सुबह नाश्‍ते से 30 से 60 म‍िनट पहले थायराइड की दवा ले सकते हैं।''

2. थायराइड दवा को दूध के साथ लें या पानी?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि थायराइड दवा को हमेशा पानी के साथ लें। दूध या कैल्‍श‍ियम र‍िच ड्र‍िंक्‍स से दवा ठीक से एब्‍जॉर्ब नहीं हो पाती है। Mayo Clinic के मुताब‍िक, थायराइड दवा लेने के दौरान अन्‍य दवा का सेवन नहीं करना चाह‍िए। इससे र‍िएक्‍शन हो सकता है। हालांक‍ि, कुछ मामलों में दो अलग-अलग दवाओं का सेवन एक साथ भी क‍िया जाता है, लेक‍िन थायराइड की दवा के साथ कोई अन्‍य दवा न लें और इसे खाली पेट ही खाएं।

3. थायराइड दवा से पहले और बाद में क्‍या खाएं और क्‍या नहीं?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि थायराइड की दवा लेने से चार घंटे पहले और बाद में कैल्‍श‍ियम, आयरन सप्‍लीमेंट्स, सोया प्रोडक्‍ट्स, अखरोट, हाई फाइबर फूड्स, एंटासिड या पेट के एस‍िड को कम करने वाली दवा (Antacid) वगैरह का सेवन नहीं करना चाह‍िए।

4. थायराइड दवा क‍िस उम्र तक लेनी पड़ सकती है?

जब तक थायराइड लेवल सामान्‍य न हो जाए, तब तक इसे लेने की जरूरत पड़ सकती है। आमतौर पर यह देखा जाता है जो मरीज थायराइड से पीड़ि‍त हैं उन्‍हें अक्‍सर दवा की जरूरत उम्र भर होती है।

5. थायराइड में दवा स्‍क‍िप करने के नुकसान

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि थायराइड में दवा स्‍क‍िप करना ठीक नहीं माना जाता है।हाइपोथायराइड‍िज्‍म (कम थायराइड हार्मोन बनना) का इलाज न करने पर थकान, वजन बढ़ना और ह्रदय संबंध‍ित समस्‍याएं हो सकती हैं। वहीं अगर व्‍यक्‍त‍ि को हाइपरथायराइड‍िज्‍म (ज्‍यादा थायराइड हार्मोन बनना) है, तो बोन लॉस या अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmias) का खतरा होता है।

6. थायराइड में एलोपैथी दवा लें या होम्‍योपैथी?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि एलोपैथिक उपचार वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित और भरोसेमंद माना जाता है जबकि थायराइड को कंट्रोल करने में होम्योपैथी के लिए मजबूत वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं हैं।

7. थायराइड दवा भूल जाने पर क्‍या करें?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि अगर क‍िसी कारण थायराइड दवा लेना भूल जाएं, तो याद आने पर दवा लें, लेक‍िन अगर अगली डोज लेने का समय नजदीक है जैसे सुबह डोज लेना है और रात को याद आ जाए क‍ि आज दवा स्‍कि‍प हुई है, तो उस स्‍थ‍ित‍ि में डोज न लें। दो डोज के बीच पर्याप्‍त गैप होना चाह‍िए।

8. थायराइड दवा के नुकसान भी होते हैं?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि थायराइड दवा लेने पर ज्‍यादातर लोगों को कोई नुकसान नहीं होता। अगर दवा ठीक से लेंगे, तो कोई समस्‍या नहीं होगी। गलत या ज्‍यादा डोज लेने से हार्ट पल्‍प‍िटेशन, एंग्‍जाइटी जैसी समस्‍या हो सकती है और कम डोज लेने से कब्‍ज की समस्‍या हो सकती है।

9. थायराइड लेवल क‍ितनी बार चेक कराना चाह‍िए?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि अगर व्‍यक्‍त‍ि को थायराइड हो जाए, तो शुरू में हर छह से आठ हफ्तों में थायराइड की जांच कराना चाह‍िए। वहीं एक बार जब थायराइड स्‍टेबल हो जाए, तो छह से 12 महीनों में एक बार जांच करवा सकते हैं।

10. गर्भावस्‍था और ब्रेस्‍टफीड‍िंग के दौरान थायराइड दवा लेना सुरक्ष‍ित है?

Dr. Raman Boddula ने बताया क‍ि गर्भावस्‍था में थायराइड की दवा लेना सुरक्ष‍ित होता है, लेकि‍न डॉक्‍टर की सलाह लेकर दवा का सेवन करें क्‍योंक‍ि गर्भावस्‍था के कारण डोज घट या बढ़ सकती है।
ब्रेस्‍टफीड‍िंग मदर्स में अगर थायराइड की समस्‍या है और वह दवा का सेवन कर रही हैं, तो यह उनके और श‍िशु दोनों के ल‍िए सुरक्ष‍ित है। इससे श‍िशु को कोई गंभीर समस्‍या नहीं होती है।

थायराइड दवा लेते समय ये सावधान‍ियां बरतें

  • थायराइड की डोज बदलना हो, तो पहले डॉक्‍टर से थायराइड की जांच कराएं और एक्‍सपर्ट की सलाह से डोज बदलें।
  • ब्रांड बदलने से पहले भी डॉक्‍टर से सलाह लें।
  • थायराइड की दवा शुरू करने से पहले भी डॉक्‍टर की सलाह लेना चाह‍िए।
  • क‍िसी बीमारी के कारण दवा का सेवन कर रहे हैं, तो थायराइड पर उसका असर समझें और डॉक्‍टर की सलाह पर दवाएं लें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

अगर थायराइड में क‍िसी भी तरह के नए लक्षण नजर आएं, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। इन लक्षणों में द‍िल की धड़कन तेज होना, अध‍िक थकान, पीर‍ियड्स म‍िस होना या सूजन शाम‍िल हो सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

थायराइड दवा को सुबह उठने के बाद खाना चाह‍िए। सुबह नाश्‍ते से 30 से 60 म‍िनट पहले थायराइड की दवा ले सकते हैं। थायराइड दवा को हमेशा पानी के साथ लेना चाह‍िए। लंबे समय तक थायराइड दवा स्‍क‍िप करने से थकान, वजन बढ़ना और ह्रदय संबंध‍ित समस्‍याएं हो सकती हैं। अगर दवा की डोज भूल जाएं, तो अगले द‍िन से डोज लेना जारी रखें। अगर गर्भवती मह‍िला या ब्रेस्‍टफीड‍िंग मदर को थायराइड है, तो वे भी दवा का सेवन कर सकती हैं। इससे श‍िशु की सेहत पर खास फर्क नहीं पड़ेगा।

FAQ

  • खाली पेट जांच में थायराइड दवा खाएं या नहीं?

    अगर एंडोस्‍कोपी या ब्‍लड से संबंध‍ित फास्‍ट‍िंग टेस्‍ट है, तो जांच के बाद दवा ले सकते हैं। कोश‍िश करें क‍ि सुबह के वक्‍त जांच कराएं।
  • क्‍या बच्‍चों को थायराइड दवा देना सुरक्ष‍ित है?

    बच्‍चों में भी थायराइड की समस्‍या होती है ज‍िसके ल‍िए सही समय पर इलाज जरूरी होता है। इसके ल‍िए डॉक्‍टर उम्र के मुताब‍िक डोज देते हैं और बच्‍चों के ल‍िए यह सुरक्ष‍ित मानी जाती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 29, 2026 20:25 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Raman Boddula

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