Why Travelling In Public Transport Cause Eye Flu?: भीड़भाड़ वाली जगहों और बार-बार छुई जाने वाली सतहों, जैसे बस-मेट्रो के हैंडल, सीट, खंभे और दरवाजों पर आई फ्लू फैलाने वाले वायरस या बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। इसलिए बस या मेट्रो से सफर करने वाले लोगों में आई फ्लू होने का खतरा बढ़ सकता है। जब कोई व्यक्ति संक्रमित सतह को छूने के बाद बिना हाथ धोए अपनी आंखों को रगड़ता है, तो संक्रमण फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और उसके करीब रहने से भी इंफेक्शन फैल सकता है। आइए जानते हैं कि सफर में आई फ्लू से कैसे बच सकते हैं? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Raman Boddula, Senior Consultant Endocrinologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक,
वायरल और बैक्टीरियल आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। आई फ्लू के सभी प्रकारों से बचाव के लिए अभी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। साफ-सफाई की आदतें अपनाकर आई फ्लू होने और इसे दूसरों में फैलने से रोका जा सकता है।
आई फ्लू के लक्षणों को पहचानें
- आंखों में रेडनेस होना
- आंखों से पानी आना
- खुजली या जलन होना
- आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना
- सुबह आंखें चिपकना
- आंखों में कुछ फंसा होने का एहसास
- तेज रोशनी से आंखों में परेशानी होना
आई फ्लू कितने दिनों में ठीक होता है?
वायरल आई फ्लू आमतौर पर 7 से 14 दिनों में ठीक हो सकता है। कुछ मामलों में इसे ठीक होने में 2 से 3 हफ्ते भी लग सकते हैं। बीमारी की अवधि लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करती है।
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बस मैट्रो से सफर के दौरान आई फ्लू से कैसे बचें?
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1. सफर में आंखों को साफ रखें
- आंखों से पानी निकलने या चेहरे पर गंदगी लगने पर साफ टिशूज का इस्तेमाल करें।
- आंखों के आसपास गंदगी जमा होने पर साफ पानी और साफ कपड़े से हल्के हाथों से सफाई करें।
2. सफर में गंदी सतहों से बचें
आई फ्लू से बचने के लिए सफर में गंदी सतहों को छूने से बचें। चेहरे को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं। गंदी सतहों पर मौजूद जर्म्स हाथों के जरिए आंखों में इंफेक्शन फैला सकते हैं और आई फ्लू का कारण बन सकते हैं।
3. आंखों को रगड़ने से बचें
आंखों में खुजली या जलन होने पर उसे हाथों से रगड़ने के बजाय साफ पानी से धोएं। सफर में काजल, आईलाइनर और मस्कारा जैसी चीजें लगाकर न जाएं, इससे आंखों में इरिटेशन हो सकता है।
4. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं
अगर आसपास किसी व्यक्ति की आंखें लाल दिखाई दे रही हैं या उसकी आंखों से पानी निकल रहा है, तो दूरी बनाएं। सफर के दौरान अपना रुमाल, तौलिया या टिशूज किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
5. सफर के बाद हाथों की सफाई करें
सफर के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं। अगर साबुन-पानी उपलब्ध न हो, तो अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। अपने चश्मे को भी नियमित रूप से साफ करें।
6. सफर में आई हाइजीन किट साथ रखें
सफर पर निकलते समय अपने बैग में टिशू पेपर, छोटा सैनिटाइजर और साफ रुमाल रखें, ताकि आंखों की सफाई के लिए गंदे हाथों का इस्तेमाल न करना पड़े।
7. सफर में आंखों को आराम दें
लगातार मोबाइल देखने से आंखों में ड्राईनेस और जलन हो सकती है। बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाएं और पलकें झपकाते रहें।
8. सामान रखने के बाद हाथ साफ करें
बस या मेट्रो में सामान रखने के लिए रैक और अन्य सतहों को छूना पड़ता है। इसके बाद बिना हाथ धोए आंखों को न छुएं। हाथों की सफाई के लिए एक अलग तौलिया साथ रखें।
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क्या आई फ्लू होने पर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप इस्तेमाल कर सकते हैं?
हर तरह के आई फ्लू में एंटीबायोटिक आई ड्रॉप की जरूरत नहीं होती। वायरल आई फ्लू में एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं करती हैं। बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीबायोटिक आई ड्रॉप दे सकते हैं।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
आंखों में रेडनेस, सूजन, खुजली या चिपचिपा स्राव निकलने पर खुद से आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें, डॉक्टर से सलाह लें। अगर आपको आई फ्लू हो गया है, तो दूसरों में इंफेक्शन का खतरा फैलने से रोकने के लिए घर पर रहें और डॉक्टर की सलाह लें।
निष्कर्ष:
भीड़भाड़ वाली जगहों और बार-बार छुई जाने वाली सतहों, जैसे बस-मेट्रो के हैंडल, सीट, खंभे और दरवाजों पर आई फ्लू फैलाने वाले वायरस या बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। बचाव के लिए आंखों और हाथों की सफाई पर गौर करें, आंखों को रगड़ने से बचें, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं, सफर पर निकलते समय अपने बैग में टिशू पेपर, छोटा सैनिटाइजर और साफ रुमाल रखें, सामान रखने के बाद हाथों को साफ करें। साथ ही, सफर में आंखों को आराम दें और स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल न करें। आंखों में रेडनेस, सूजन, खुजली या चिपचिपा स्राव निकलने पर खुद से आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें। आई फ्लू से बचाव के लिए अभी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। साफ-सफाई की आदतें अपनाकर आई फ्लू होने और इसे दूसरों में फैलने से रोका जा सकता है।
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FAQ
क्या आई फ्लू और आंखों में एलर्जी एक ही समस्या है?
नहीं, दोनों अलग-अलग समस्याएं हैं। आई फ्लू इंफेक्शन के कारण होता है, जबकि आंखों की एलर्जी धूल, परागकण या अन्य एलर्जी पैदा करने वाली चीजों के संपर्क में आने से होती है।क्या आई फ्लू दोबारा हो सकता है?
हां, आई फ्लू दोबारा हो सकता है। एक बार इंफेक्शन होने के बाद भविष्य में लोगों को आई फ्लू हो सकता है।
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Nov 04, 2026 18:01 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Raman Boddula
