Thu Oct 8, 2026 | 06:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

सिर्फ एक आंख की रोशनी कम क्यों होती है? डॉक्टर से जानें कारण

कई बार लोगों को एक आंख से तो बिल्कुल सही दिखता है, लेकिन दूसरी आंख की रोशनी कम होने लगती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें डॉक्टर ने विस्तार से समझाया है। 
सिर्फ एक आंख की रोशनी कम क्यों होती है? डॉक्टर से जानें कारण
सिर्फ एक आंख की रोशनी कम क्यों होती है? डॉक्टर से जानें कारण

एक आंख से कम दिखने को अक्सर यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया जाता है कि दूसरी आंख तो सही ही दिख रहा है। इस वजह से लोग चश्मा लगवाने से भी बचते हैं। हालांकि, एक आंख से कम दिखने की समस्या कई बार तो सिर्फ चश्मा लगाकर भी ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह आंख से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। World Sight Day 2026 के मौके पर हमने Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior से बात की। उन्होंने बताया कि चश्मे के नंबर में अंतर, कॉर्निया की समस्या या आंखों में ड्राईनेस की वजह से भी किसी एक आंख से कम साफ दिखाई दे सकता है। वहीं कुछ लोगों में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिना की समस्या, ऑप्टिक नर्व को नुकसान या आंख में सूजन इसकी वजह बन सकती है।

एक आंख से कम दिखने के क्या कारण है?

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं कि एक आंख से कम दिखने का कारण हर व्यक्ति में ऐसा नहीं होता। इसके कई कारण हो सकते हैं।

  • कई लोगों की दोनों आंखों के अलग-अलग नंबर होते हैं।
  • कई बार कॉर्निया यानी आंख की आगे की पारदर्शी परत से जुड़ी समस्या भी नजर को प्रभावित कर सकती है। आंखों में ज्यादा ड्राईनेस होने पर भी कुछ समय के लिए धुंधलापन महसूस हो सकता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कुछ आंखों की बीमारियां जैसे मोतियाबिंद की वजह से भी आंखों में धुंधलापन हो सकता है।
  • ग्लूकोमा की समस्या ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे भी नजर धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है।
  • आंखों में सूजन भी नजर पर असर डाल सकती है।

जर्नल क्या कहते हैं?

Optometrists Network के मुताबिक, एक आंख से कम दिखने का कारण कंजक्टिवाइटिस के कारण एक आंख में सूजन, जलन या गाढ़ा पदार्थ निकलने से धुंधला दिखाई दे सकता है। इसके अलावा, आंखों में इंफेक्शन, रेटिनल माइग्रेन और मोतियाबिंद हो सकते हैं। इसलिए अगर एक आंख धुंधली दिखाई देती है, तो इसके कारणों को जानने के लिए डॉक्टर को दिखाएं।

reduced vision in one eyereduced vision in one eye

यह भी पढ़ें- World Sight Day 2026: क्या चश्मा लगाने से आंखों की रोशनी कम होती है? डॉक्टर से जानें सच्चाई

बच्चों में एक आंख कमजोर होने के कारण

Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि बच्चों के मामले में एक आंख से कम दिखने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर दोनों आंखों के नंबर में काफी अंतर है और समय पर इसका पता नहीं चलता, तो बच्चे की एक आंख का विजन सामान्य तरीके से विकसित नहीं हो पाता। इसे अम्ब्लियोपिया या लेजी आई कहा जाता है। इसमें देखने की क्षमता कम हो सकती है और आंखें सामान्य ही दिखती हैं। अगर बच्चा देखने के लिए एक आंख को बंद करता है या फिर आंखें सिकोड़कर देखता है, तो उसकी विजन स्क्रीनिंग करानी चाहिए।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

Dr. Purendra Bhasin ने कहा, “वैसे तो नजर की कमजोरी होना कोई इमरजेंसी नहीं होती, लेकिन अगर एक आंख से अचानक दिखना कम हो जाए, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। इसमें सबसे जरूरी बात यह है कि अगर धुंधलापन तेजी से बढ़ रहा हो, आंखों के सामने अचानक बहुत सारे फ्लोटर्स यानी छोटे-छोटे काले धब्बे या तैरती हुई आकृतियां दिखाई देने लगें, रोशनी की चमक दिखे या नजर के सामने कालापन जैसा महसूस हो, तो तुरंत आंखों के एक्सपर्ट को दिखाना चाहिए।”

National Eye Institute के अनुसार अचानक नए फ्लोटर्स, फ्लैश या नजर के सामने साया टाइप दिखना का कारण रेटिना डिटैचमेंट हो सकता है। अगर किसी को आंख में तेज दर्द के साथ धुंधला दिखाई देता है, सिरदर्द या उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

आंखों की जांच करते समय क्या देखा जाता है?

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “आंखों की जांच के दौरान सिर्फ चश्मे का नंबर नहीं देखा जाता। डॉक्टर दोनों आंखों की विज़ुअल एक्यूटी यानी मरीज को कितना साफ दिखाई दे रहा है। अगर जरूरत होती है, तो चश्मे का नंबर, आंखों का दबाव, कॉर्निया, रेटिना और ऑप्टिक नर्व की भी जांच की जाती है। कुछ मामलों में डायलेटिड आई एग्जामिनेशन (Dilated Eye Examination) की भी जरूरत पड़ सकती है, जिसमें आंख की अंदरूनी संरचनाओं को ज्यादा अच्छी तरह देखा जाता है।”

निष्कर्ष
हालांकि, एक आंख से दूसरे के मुकाबले में कम दिखाई देना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। इसके मामूली कारण भी हो सकते हैं या यह गंभीर आंख की समस्या से जुड़ा हो सकता है। इसलिए चश्मा लगवाने के साथ डॉक्टर से आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए। कई लोगों को लंबे समय तक यह पता नहीं चलता कि उनकी एक आंख की नजर कम हो रही है। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि दूसरी आंख अच्छी तरह देख रही होती है और रोजमर्रा के काम में व्यक्ति को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती। अगर चश्मे का नंबर बार-बार बदल रहा है, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर जैसी समस्या है या परिवार में ग्लूकोमा जैसी बीमारी की फैमिली हिस्ट्री हो, तो डॉक्टर से रेगुलर जांच करानी चाहिए।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  •  क्या सिर या चेहरे पर लगी चोट के कई महीनों बाद भी एक आंख की रोशनी कम हो सकती है?

    पुरानी चोट के कारण रेटिना धीरे-धीरे नष्ट हो सकता है या ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंच सकता है, जिसका असर चोट लगने के हफ्तों या महीनों बाद रोशनी कम होने के रूप में सामने आता है।
  • अगर केवल एक आंख में मोतियाबिंद हो, तो क्या दोनों आंखों की सर्जरी करानी पड़ती है?

    मोतियाबिंद का इलाज सिर्फ उसी आंख में किया जाता है, जिसमें लेंस धुंधला हुआ हो। जिस आंख का प्राकृतिक लेंस पूरी तरह स्वस्थ और साफ है, उसमें किसी सर्जरी या लेंस बदलने की जरूरत नहीं होती।

Read Next

→ कान के वैक्स से तेज बदबू क्यों आती है, क्या यह किसी बीमारी के कारण हो सकता है?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 08, 2026 16:33 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Purendra Bhasin