आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन को सिर्फ हार्ट की बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है और लोग हार्ट से जुड़े लक्षणों पर भी नजर रखते हैं, लेकिन अगर हाई बीपी लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे, तो इसका असर आंखों पर भी देखने को मिल सकता है। इस बारे में लोगों को जानकारी कम है, इसलिए वे शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं देते। हाई ब्लड प्रेशर आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाता है? यह जानने के लिए हमने Dr. Purendra Bhasin, Opthamologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior से बात की। उन्होंने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण आंखों की ब्लड वेसल्स पर असर पड़ता है, जो आंखों को कमजोर कर सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर का असर आंखों पर कैसे पड़ सकता है?
Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “आंखों के पिछले हिस्से में रेटिना की पतली और सेंसिटिव परत होती है, जो देखने का काम करती है। रेटिना तक ब्लड पहुंचाने का काम बहुत ही बारीक ब्लड वेसल्स करती हैं। जब ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है, तो ब्लड वेसल्स पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ने लगता है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती है और मोटी होने लगती है। कई मामलों में लीकेज की समस्या भी हो सकती है। इस कंडीशन को हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी कहा जाता है और शुरुआत में इस बीमारी के कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए कई बार जो लोग रेगुलर आंखों का टेस्ट कराते हैं, उनमें ही आंखों की बीमारी के लक्षणों की पहचान हो पाती है।”
हाई ब्लड प्रेशर से आंखों की बीमारी के लक्षण
Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि जिन लोगों को हाई बीपी कंट्रोल में नहीं रहता, उन्हें धुंधला दिखाई दे सकता है, नजर धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है और आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है। कई मामलों में मरीजों को हाई बीपी के कारण सिरदर्द के साथ देखने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को हाई बीपी और आंखों की समस्या होने पर डबल विजन या अचानक देखने में बदलाव महसूस हो सकता है। अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो रेटिना में सूजन और नसों में रुकावट जैसी कई गंभीर समस्याएं हो सकती है।

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हाई बीपी के अलावा और कौन से रिस्क फैक्टर आंखों की बीमारी बढ़ा सकते हैं?
Dr. Purendra Bhasin के मुताबिक, “अगर किसी को हाई बीपी के साथ-साथ डायबिटीज की समस्या है, हाई कोलेस्ट्रॉल की परेशानी है, हाइपरटेंशन की फैमिली हिस्ट्री है, स्मोकिंग करते हैं या 50 साल से ज्यादा उम्र होने पर आंखों में दिक्कत हो सकती है। कई मरीज खुद ही हाई ब्लड प्रेशर की दवा बंद कर देते हैं या फिर रेगुलर नहीं लेते, तो इससे आंखों पर असर पड़ सकता है।”
आंखों को सुरक्षित रखने के उपाय
Dr. Purendra Bhasin ने लोगों को आंखों को बचाने के लिए हाई बीपी को कंट्रोल करने के साथ लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की सलाह दी है।
- जो डॉक्टर ने दवा दी है, उसकी सही डोज लें।
- दवा को रेगुलर लेना जरूरी है।
- नमक की मात्रा सीमित कर दें।
- ताजे और मौसमी फल-सब्जियां और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें।
- रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें।
- वजन को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है।
- स्मोकिंग और शराब से परहेज रखें।
- स्ट्रेस कम लें और नींद पूरी करें।
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निष्कर्ष
Dr. Purendra Bhasin लोगों को सलाह देते हैं कि हाई बीपी वाले मरीजों को रेगुलर आई चेकअप कराते रहना चाहिए। आंखों से जुड़े किसी भी लक्षण को इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर किसी मरीज को धंधुला या सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हाई बीपी के मरीजों को साल में कम से कम एक बार रेटिना का चेकअप भी जरूर कराना चाहिए।
FAQ
क्या हाई बीपी के कारण आंख के अंदर स्ट्रोक आ सकता है?
जैसे दिमाग में स्ट्रोक आता है, वैसे ही हाई बीपी के कारण आंख की मुख्य नस में खून का थक्का जम सकता है, जिसे रेटिनल वेन ओक्लूजन या आई स्ट्रोक कहते हैं। इसमें मरीज की एक आंख की रोशनी बिना किसी दर्द के अचानक पूरी तरह गायब हो जाती है।क्या आंख का लाल होना या अचानक नस फटना हाई बीपी का संकेत है?
कई बार अचानक बीपी बहुत ज्यादा बढ़ने पर आंख के सफेद हिस्से की बारीक नस फट जाती है, जिससे वहां खून फैल जाता है। इसे सबकंजंक्टाइवल हेमरेज कहते हैं। हालांकि, यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन यह इस बात का गंभीर अलार्म है कि आपका बीपी खतरनाक स्तर पर है।
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Jul 07, 2026 18:14 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 07, 2026 18:14 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 07, 2026 18:14 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin