व्रत के दौरान अक्सर लोग अपनी डाइट में सेंधा नमक शामिल करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सेंधा नमक खाने से व्रत नहीं टूटता है और कमजोरी भी महसूस नहीं होती है। इतना ही नहीं, कई हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग भी अपने बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक शामिल करते हैं। ऐसे में उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या सच में सेंधा नमक खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है? अक्सर सेंधा नमक को नॉर्मल नमक की तुलना में हेल्दी माना जाता है, लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह नेचुरल या अलग तरह का नमक है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इसमें सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है। आइए इस बारे में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं।
क्या हाई ब्लड प्रेशर में सेंधा नमक खा सकते हैं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में सेंधा नमक खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में। साथ ही, इसे लो-सोडियम ऑप्शन समझकर ज्यादा नहीं खाना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नमक के रंग या नाम से ज्यादा उसमें मौजूद सोडियम की मात्रा से जुड़ी होती है। ज्यादा सोडियम लेने से शरीर में पानी रुक सकता है और ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ सकता है।
WHO भी ज्यादा सोडियम वाली डाइट से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसलिए, अगर डॉक्टर ने आपको डाइट में नमक कम करने की सलाह दी है तो सेंधा नमक को इसका अलग विकल्प नहीं मानना चाहिए।
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा कहती हैं कि हाई ब्लड प्रेशर के मामले में सबसे जरूरी बात कुल सोडियम का सेवन कम रखना चाहिए। WHO सलाह देता है कि एक हेल्दी व्यक्ति को रोजाना 2000 mg से कम सोडियम (यानी रोजाना 5 g से कम नमक) या एक चम्मच से थोड़ा कम लेना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: हाई बीपी के मरीज यात्रा के दौरान रखें इन 7 बातों का ख्याल, ताकि न बिगड़े सेहत
हाई बीपी में सेंधा नमक खाने को लेकर क्या कहती है स्टडी?
साल 2022 में Journal of Brazilian Society of Cardiology में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए हिमालयन सॉल्ट यानी सेंधा नमक और नॉर्मल टेबल सॉल्ट के सेवन के बीच सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर या यूरिन में सोडियम की सांद्रता पर पड़ने वाले असर में कोई अंतर नहीं पाया गया है। भले ही सेंधा नमक को अक्सर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के दावों के साथ नॉर्मल नमक के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह स्टडी साफ करती है कि हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए इसे नॉर्मल नमक से बेहतर मानने या इसके सेवन की सलाह देने को लेकर कोई खास सबूत मौजूद नहीं हैं।
high-blood-pressure-patients-consume-Sendha-Namak-inside
सेंधा नमक में कितना सोडियम होता है?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा बताती हैं कि एक जरूरी बात समझना चाहिए कि सेंधा नमक के हर ब्रांड या सैंपल में सोडियम की मात्रा बिल्कुल एक जैसी नहीं हो सकती है। इसकी शुद्धता के आधार पर आंकड़ा थोड़ा बदल सकता है। हालांकि सेंधा नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड है, इसलिए इसमें सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इसलिए, यह मान लेना सही नहीं होगा कि सेंधा नमक में सोडियम नहीं होता है या बहुत कम होता है।
इसे भी पढ़ें: क्या हाई बीपी जानलेवा है? डॉक्टर से जानें कब हो जाता है ये खतरनाक, क्या हैं चेतावनी संकेत?
अगर कोई व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर के कारण नॉर्मल नमक छोड़कर सेंधा नमक का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन कुल मात्रा उतनी ही रख रहा है तो उसे सोडियम कम मिलने का फायदा नहीं मिलेगा। साल 2025 में Foods Journal में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हिमालयन साल्ट, जिसे आमतौर पर सेंधा नमक कहा जाता है, की शुद्धता 98.8% है। यह शुद्धता आमतौर पर इसमें मौजूद सोडियम क्लोराइड की मात्रा को दिखाता है।
हाई ब्लड प्रेशर होने पर किन बातों का ध्यान रखें?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा कहती हैं कि अगर आपको अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखना है तो सिर्फ नमक बदलने के स्थान पर पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। खाने में ताजे फल, सब्जियां, दालें और कम प्रोसेस्ड फूड्स शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, नमकीन स्नैक्स, इंस्टेंट फूड, अचार, सॉस और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इनसे भी काफी मात्रा में सोडियम मिल सकता है।
निष्कर्ष
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर में सेंधा नमक का सेवन पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए, लेकिन इसे साधारण नमक से बहुत कम सोडियम का विकल्प भी नहीं मानना चाहिए। इसमें भी पर्याप्त मात्रा में सोडियम होता है और ज्यादा सेवन से ब्लड प्रेशर के मरीजों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो सेंधा नमक का इस्तेमाल कम मात्रा में करें और पूरे दिन के कुल सोडियम सेवन पर ध्यान रखें।
Image Credit: Freepik
FAQ
हाई बीपी बढ़ने के क्या लक्षण हैं?
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसका कोई खास लक्षण नजर नहीं आता है। हालांकि, ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ने या गंभीर होने पर सिरदर्द, चक्कर आना, सांस फूलना और धुंधला दिखाई देना जैसे संकेत नजर आ सकते हैं।ब्लड प्रेशर बढ़ने पर क्या न खाएं?
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर ज्यादा नमक, पैकेटबंद प्रोसेस्ड फूड, अचार, सॉस, ऑयली फूड, फास्ट फूड और ज्यादा कैफीन का सेवन करने से बचना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 08, 2026 16:26 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra
