हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती स्टेज में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। ज्यादातर लोग केवल यह जानने पर ध्यान देते हैं कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य लिमिट से ऊपर है या नहीं, लेकिन गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल का कहना है कि ब्लड प्रेशर किस समय बढ़ता है, यह भी उतना ही जरूरी है। खासतौर पर सुबह उठने के बाद के पहले दो से तीन घंटे हार्ट और ब्लड वैसेल्स के लिए सबसे सेंसिटिव समय माने जाते हैं। इसी दौरान शरीर में नेचुरल तरीके से कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लड प्रेशर में भी बढ़ोतरी होती है।
सुबह का हाई ब्लड प्रेशर कितना खतरनाक है?
डॉ. विकास गोयल के अनुसार, सुबह नींद से जागने के बाद शरीर में स्वाभाविक रूप से कई हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं। इस दौरान कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ता है, जिससे शरीर दिनभर की एक्टिविटीज के लिए तैयार होता है। इन हार्मोन्स के प्रभाव से दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगता है। सामान्य लोगों में यह प्रक्रिया कंट्रोल रहती है, लेकिन जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या अन्य बीमारियां हैं, उनमें यह बढ़ोतरी ज्यादा हो सकती है। सुबह जागने के बाद के पहले दो से तीन घंटे दिल और ब्लड वैसेल्स के लिए सबसे सेंसिटिव समय माने जाते हैं। इसी दौरान हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य गंभीर हार्ट संबंधी घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा?
डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि कुछ लोगों में सुबह का ब्लड प्रेशर सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ सकता है। खासतौर पर अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, किडनी रोग या पहले से मौजूद हार्ट डिजीज से पीड़ित मरीजों में यह जोखिम ज्यादा होता है। ऐसे मरीजों में सुबह का ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और यहां तक कि अचानक हार्ट रेट रुकने जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
सुबह ब्लड प्रेशर की जांच जरूरी क्यों है?
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे घर पर ही डिजिटल बीपी मॉनिटर की मदद से जागने के एक घंटे के भीतर अपना ब्लड प्रेशर जरूर मापें। लगातार कई दिनों तक यदि सुबह की रीडिंग ज्यादा आती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेने पर दवाओं या इलाज में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे भविष्य में गंभीर हार्ट संबंधी समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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सुबह के ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कैसे करें?
डॉ. विकास गोयल के अनुसार, सुबह के ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए दवाएं नियमित समय पर लेना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही भोजन में नमक की मात्रा सीमित रखें, रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, वजन कंट्रोल रखें और पर्याप्त नींद लें। धूम्रपान और ज्यादा शराब के सेवन से बचना भी हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है। यदि सुबह का ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ मिले, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
सुबह का बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर केवल एक सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, किडनी रोग और हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों को सुबह की ब्लड प्रेशर रीडिंग पर खास ध्यान देना चाहिए। नियमित निगरानी, दवाओं को सही समय पर लेना, हेल्दी लाइफस्टाइल और समय पर डॉक्टर से सलाह सबसे जरूरी है।
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FAQ
सुबह ब्लड प्रेशर कब चेक करना चाहिए?
डॉ. विकास गोयल के अनुसार, जागने के एक घंटे के भीतर और दवा लेने से पहले ब्लड प्रेशर मापना बेहतर माना जाता है।सुबह ब्लड प्रेशर बढ़ने पर क्या करना चाहिए?
यदि लगातार कई दिनों तक सुबह की रीडिंग ज्यादा रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह के दवा में बदलाव न करें।ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए क्या करें?
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें और रोजाना एक्सरसाइज करें साथ ही खाने में नमक की मात्रा भी कम रखें।
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Jun 29, 2026 15:55 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 29, 2026 15:55 IST
Modified By : Akanksha TiwariJun 29, 2026 15:55 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vikash Goyal