जब भी कैंसर का नाम आता है, तो सबसे पहले लंग्स, ब्रेस्ट, पेट या ब्लड कैंसर जैसी बीमारियों याद आती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैंसर दिल में भी हो सकता है? यह बीमारी बेहद रेयर होती है। इसके बारे में बहुत से लोग जानते तक नहीं है। इस बीमारी के बारे में जानने पर कुछ लोगों को लगता है कि इस बीमारी में बचवा संभव ही नहीं है और क्या इसका इलाज संभव है भी? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Deebanshu Gupta, Cardiologist at Sarvodya Hospital, Jalandhar से जानें।
क्या है हार्ट कैंसर?
Dr. Deebanshu Gupta के अनुसार, हार्ट कैंसर एक रेयर स्थिति है, जिसमें हार्ट के टिश्यूज असामान्य सेल्स अनियंत्रित तरीक से बढ़ने लगते हैं। ये समस्याएं 2 तरह की होती हैं - प्राइमरी हार्ट कैंसर और सेकेंडरी (मेटास्टेटिक) हार्ट कैंसर।
प्राइमरी हार्ट कैंसर की स्थिति में कैंसर की शुरुआत सीधे दिल में होती है। यह हार्ट कैंसर का टाइप बेहद रेयर है। वहीं, सेकेंडरी हार्ट कैंसर वह होता है, जो कैंसर शरीर के लंग्स, ब्रेस्ट या किडनी जैसे अंगों से फैलकर हार्ट तक पहुंचता है। यह प्राइमरी हार्ट कैंसर की तुलना में ज्यादा देखी जाती है।
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हार्ट कैंसर का इलाज संभव है?
Dr. Deebanshu के अनुसार, हार्ट कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर किस प्रकार का है, कितना फैल चुका है और उसे ऑपरेशन के जरिए हटाया जा सकता है या नहीं।
Dr. Deebanshu आगे कहते हैं, अगर प्राइमरी हार्ट ट्यूमर का शुरुआती स्टेज में पता चल जाता है और उसे सुरक्षित रूप से निकाला जा सके, तो सर्जरी सबसे बेहतर ऑप्शन मानी जाती है। हालांकि, दिल का कॉम्प्लेक्स स्ट्रक्चर और उसके लगातार काम करते रहने के कारण हर मरीज में पूरी तरह ट्यूमर निकाल पाना संभव नहीं होता है। सफल सर्जरी के बाद भी दोबारा ट्यूमर बनने की संभावना बनी रह सकती है।
हार्ट कैंसर में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की भूमिका
Cleveland Clinic के अनुसार, कुछ मरीजों में कीमोथेरेपी का इस्तेमाल ट्यूमर की बढ़ने की स्पीड को कम करने के लिए किया जा सकता है। वहीं रेडियोथेरेपी का इस्तेमाल बहुत सावधानी से किया जाता है, क्योंकि इससे हार्ट के हेल्दी टिश्यूज को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। अगर बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी हो, तो डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी, कीमोथेरेपी और अन्य इलाज की सलाह देते हैं। ऐसे मामलों में इलाज का करने का मोटिव सिर्फ बीमारी को खत्म करना नहीं, बल्कि लक्षणों को कंट्रोल करना और मरीज की लाइफ की गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी होता है।
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सेकेंडरी हार्ट कैंसर में इलाज
Dr. Deebanshu का कहना है, जब कैंसर किसी दूसरे अंग से फैलकर दिल तक पहुंचता है, तब इलाज मुख्य रूप से उसी प्राइमरी कैंसर पर फोकस होता है। इसके लिए कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी जैसी सिस्टमिक थेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही शरीर में पानी भरने, अनियमित धड़कन या इससे जुड़ी अन्य लक्षणों को कंट्रोल करना भी इलाज का अहम हिस्सा होता है।
निष्कर्ष
हार्ट कैंसर एक दुर्लभ बीमारी है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसका इलाज संभव है, खासकर अगर बीमारी की पहचान समय रहते कर ली जाए और ट्यूमर का इलाज किया जा सके। हालांकि कई मामलों में इसका इलाज मुश्किल होता है, खासकर जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी हो। ध्यान रहे, हार्ट से जुड़ी समस्या के कोई भी लक्षण दिखने पर इनको नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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Jun 28, 2026 14:45 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jun 28, 2026 14:45 IST
Modified By : Priyanka SharmaJun 28, 2026 14:45 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Deebanshu Gupta