Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

सोया बीन्स और दाल खाने वालों को हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम, नई स्टडी का दावा

आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल, काम के प्रेशर और तनाव के कारण बीते कुछ सालों में हाइपरटेंशन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कई स्टडीज के मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, सोया बीन्स और दाल खाने वालों को हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है।

आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक गंभीर समस्या बन चुकी है। आज के समय में लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, लेकिन कई मामलों में लोगों को लंबे समय तक इसके लक्षणों का पता ही नहीं चलता। यदि समय रहते इसको कंट्रोल न किया जाए तो यह हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। हाल ही में सामने आए मेटा एनालिसिस में यह दावा किया गया है कि दालें और सोया प्रोडक्ट्स का नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

मेटा एनालिसिस में क्या सामने आया?

साल 2026 में BMJ Journals में प्रकाशित कई स्टडीज के मेटा-एनालिसिस में यह बात सामने आई है कि दालें और सोया प्रोडक्ट्स का नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के खतरे को कम कर सकता है। इस एनालिसिस में पाया गया कि जिन लोगों की डाइट में दालें, बीन्स, चना, राजमा और सोया प्रोडक्ट्स ज्यादा मात्रा में शामिल थे, उनमें हाई ब्लड प्रेशर विकसित होने की संभावना कम थी।

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lower hypertension risk study

कैसे की गई रिसर्च

इस रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने PubMed और Embase जैसे प्रमुख मेडिकल डेटाबेस में 14 जून 2025 तक प्रकाशित स्टडीज को शामिल किया। इसके बाद 12 प्रॉस्पेक्टिव कोहोर्ट स्टडीज के आंकड़ों का मेटा-एनालिसिस किया गया। रिसर्च में रैंडम इफेक्ट्स मॉडल का उपयोग करते हुए यह जांचा गया कि दाल और सोया सेवन तथा हाइपरटेंशन के जोखिम के बीच क्या संबंध है। इस स्टडी में रिलेटिव रिस्क यानी RR और 95 प्रतिशत कॉन्फिडेंस इंटरवल का इस्तेमाल किया गया ताकि रिजल्ट की विश्वसनीयता (Reliability of Results) को मापा जा सके।

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दाल और सोया क्यों हैं फायदेमंद?

जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, दालें और सोया प्रोडक्ट्स पोषण का बेहतरीन सोर्स माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। दालों में मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। वहीं, सोया में पाए जाने वाले गुण ब्लड वैसेल्स के फंक्शन को बेहतर बना सकते हैं।

निष्कर्ष

इस मेटा-एनालिसिस में पता चला कि दालें और सोया प्रोडक्ट्स केवल पोषण के सोर्स नहीं, बल्कि हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं। इनमें मौजूद फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाते हैं। बैलेंस डाइट में इन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन्स को शामिल करना हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।

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FAQ

  • हाई ब्लड प्रेशर का कारण क्या है?

    मोटापा, ज्यादा नमक, तनाव, धूम्रपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी प्रमुख कारण हैं।
  • हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

    सिरदर्द, चक्कर आना, सांस फूलना हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण हो सकते हैं, हालांकि कई बार कोई लक्षण नहीं दिखते।
  • क्या बिना दवाई के बीपी कंट्रोल करना संभव है?

    ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ डॉक्टर की सलाह से दवा भी लेनी जरूरी हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 12, 2026 14:16 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 12, 2026 14:16 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

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