Mon Oct 19, 2026 | 10:28 PM IST

Medically Reviewed by Dr Richa Gangwar , Obstetrician & Gynaecologist - Cloudnine Hospital, Lucknow

प्रेग्नेंसी में ये 7 लक्षण हो सकते हैं हाई ब्लड प्रेशर का संकेत, डॉक्टर से जानें नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक?

प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर महिला को समय से पहले डिलीवरी और जन्म के समय शिशु का वजन कम होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए प्रेग्नेंट महिला को हाई बीपी से जुड़े लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
प्रेग्नेंसी में ये 7 लक्षण हो सकते हैं हाई ब्लड प्रेशर का संकेत, डॉक्टर से जानें नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक?प्रेग्नेंसी में ये 7 लक्षण हो सकते हैं हाई ब्लड प्रेशर का संकेत, डॉक्टर से जानें नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक?

प्रेग्नेंसी के दौरान कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से महिला को कभी पैरों में सूजन तो कभी सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार महिलाएं इन समस्याओं को प्रेग्नेंसी में होने वाली आम दिक्कतें मानकर इग्नोर कर देती हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी में कुछ लक्षण हाई ब्लड प्रेशर (High BP in Pregnancy) के हो सकते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी में हाई बीपी के लक्षणों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हमने Dr. Richa Gangwar, Director, Department of Obstetrics and Gynaecology, Cloudnine Group of Hospitals, Lucknow से हाई बीपी के लक्षणों के बारे में विस्तार से बात की।

प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर के 7 लक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में 3% से 8 % प्रेग्नेंट महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर (प्री-एक्लैम्पसिया) से प्रभावित होती है। इसमें बताया गया है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को हाई बीपी में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, तेज सिरदर्द रहना, पेशाब में प्रोटीन निकलना, हाथों और चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

Dr. Richa Gangwar कहती हैं, “गर्भावस्था में बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को प्री-एक्लेम्पसिया कहा जाता है। यह कंडीशन आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 20वें हफ्ते के बाद दिखाई देती है। (pregnancy high BP symptoms) अगर इसका समय पर इलाज न हो, तो इसका असर मां और बच्चे की हेल्थ पर पड़ सकता है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है।”

1. लगातार या बहुत तेज सिरदर्द

Dr. Richa Gangwar का कहना है, “प्रेग्नेंसी में कभी-कभार सिरदर्द होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर सिरदर्द बहुत तेज है, बार-बार हो रहा है या आराम और नींद के बाद भी ठीक नहीं हो रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण हो सकता है। इसलिए लगातार सिरदर्द की शिकायत होने पर ब्लड प्रेशर जरूर चेक कराएं।”

2. आंखों से धुंधला दिखना

Dr. Richa Gangwar ने बताया कि अगर अचानक नजर धुंधली होने लगे, आंखों के सामने धब्बे या चमकती रोशनी दिखाई दे या देखने में परेशानी महसूस हो, तो इसे सिर्फ थकान या कमजोरी समझना ठीक नहीं है। आंखों का यह बदलाव हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर को जानकारी देना बहुत जरूरी है।

3. चेहरे और हाथों में अचानक ज्यादा सूजन

Dr. Richa Gangwar का कहना है, “गर्भावस्था में पैरों और टखनों में हल्की सूजन होना आम बात है। कई बार शरीर में फ्लूइड बढ़ने और लंबे समय तक खड़े रहने पर प्रेग्नेंसी में ऐसा हो सकता है, लेकिन चेहरे, आंखों के आसपास या हाथों में अचानक और ज्यादा सूजन महसूस हो, तो हाई बीपी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।”

4. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

Dr. Richa Gangwar के अनुसार, पसलियों के नीचे या पेट के ऊपरी हिस्से में तेज या लगातार दर्द हो और साथ में सिरदर्द, उल्टी या नजर से जुड़ी परेशानी भी हो, तो हाई बीपी के कारण हो सकती है। इसके अलावा, कभी-कभी लिवर से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में बीपी चेक के साथ कुछ जरूरी टेस्ट बहुत जरूरी हो जाते हैं।

high bp in pregnancyhigh bp in pregnancy

यह भी पढ़ें- हाई ब्लड प्रेशर के ये 5 संकेत, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे नजरअंदाज?

5. कुछ ही दिनों में तेजी से वजन बढ़ना

Dr. Richa Gangwar कहती हैं, “गर्भावस्था में वजन तो बढ़ता है, लेकिन अगर कुछ ही दिनों में वजन तेजी से बढ़ जाए और साथ में सूजन भी दिखाई देने लगे, तो डॉक्टर को जरूर बताए, क्योंकि कई बार तेजी से वजन बढ़ने का कारण शरीर में अतिरिक्त फ्लूड हो सकता है। हालांकि, वजन बढ़ने का कारण सिर्फ हाई बीपी नहीं हो सकता। इसलिए कई अन्य टेस्ट करना भी जरूरी होता है, ताकि समस्या की पहचान हो सके।”

6. बिना वजह सांस लेने में परेशानी

Dr. Richa Gangwar ने कहा, “अगर प्रेग्नेंसी में महिला को नॉर्मल काम करते हुए अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगे या सांस फूलने लगे, तो इसका कारण हाई बीपी हो सकता है। वैसे सांस फूलने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए इसे सिर्फ हाई बीपी से जोड़ना सही नहीं है। अगर प्रेग्नेंट महिला को सांस लेने में परेशानी के साथ सीने में दर्द, तेज सिरदर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।”

7. अचानक बहुत ज्यादा अस्वस्थ महसूस होना

Dr. Richa Gangwar के मुताबिक, हाई बीपी होने पर हमेशा लक्षण महसूस हो, ऐसा जरूरी नहीं है। अगर गर्भवती महिला को अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी, बेचैनी, मतली या उल्टी महसूस हो और यह सामान्य से अलग लगे, तो डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए।”

WHO के अनुसार, प्री-एक्लेम्पसिया में कुछ महिलाओं को मतली और उल्टी भी हो सकती है, खासकर गर्भावस्था के शुरुआती महीनों के बाद अगर ऐसा हो, तो हाई बीपी इसकी वजह हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर से बचाव कैसे किया जा सकता है?

Dr. Richa Gangwar सलाह देती हैं कि हर महिला में प्री-एक्लेम्पसिया को पूरी तरह रोकना संभव नहीं होता, लेकिन कुछ तरीकों से हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज किया जा सकता है।

  • प्रेग्नेंसी में रेगुलर चेकअप कराते रहें।
  • अगर पहले से हाई बीपी, डायबिटीज, किडनी की बीमारी, मोटापा, जुड़वां गर्भावस्था या परिवार में प्री-एक्लेम्पसिया की फैमिली हिस्ट्री है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना ब्लड प्रेशर की दवा शुरू या बंद न करें।
  • किसी सप्लीमेंट या घरेलू उपाय को इलाज का विकल्प न मानें।

यह भी पढ़ें- हाई बीपी के मरीज यात्रा के दौरान रखें इन 7 बातों का ख्‍याल, ताक‍ि न ब‍िगड़े सेहत

डॉक्टर की सलाह

Dr. Richa Gangwar ने सलाह दी है कि गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी खास लक्षण के भी हो सकता है। इसलिए सिर्फ यह देखकर कि सिरदर्द नहीं है या सूजन नहीं है, यह मान लेना सही नहीं है कि ब्लड प्रेशर सामान्य है। आम तौर पर 140/90 mmHg या उससे ज्यादा ब्लड प्रेशर को गर्भावस्था में गंभीरता से लिया जाता है। बहुत ज्यादा ब्लड प्रेशर, खासतौर पर 160/110 mmHg या उससे ज्यादा होना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

निष्कर्ष
अगर हाई ब्लड प्रेशर के साथ तेज सिरदर्द, नजर धुंधली होना, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि हाई बीपी या प्री-एक्लेम्पसिया के लक्षण हर बार साफ नहीं होते। इसलिए रेगुलर प्रेग्नेंसी चेकअप और ब्लड प्रेशर की जांच बेहद जरूरी है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज़ करना मां और बच्चे के लिए क्यों खतरनाक है?

    इसे अनदेखा करने से यह प्री-एकलेम्पसिया या एकलेम्पसिया (दौरे पड़ना) में बदल सकता है। इससे मां के अंगों (किडनी/लिवर) को नुकसान, प्लेसेंटा का अलग होना और बच्चे का विकास रुकना जैसी जानलेवा स्थितियां बन सकती हैं।
  • क्या डिलीवरी के बाद प्रेग्नेंसी का हाई बीपी अपने आप ठीक हो जाता है?

    ज्यादातर महिलाओं में डिलीवरी के 6 से 12 हफ्तों के भीतर बीपी सामान्य हो जाता है। हालांकि, कुछ महिलाओं में भविष्य में क्रोनिक हाइपरटेंशन और हृदय रोगों का खतरा बना रहता है, इसलिए डिलीवरी के बाद भी बीपी मॉनिटरिंग जरूरी है।

Read Next

→ प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना कब सामान्य और कब बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 26, 2026 17:17 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Richa Gangwar