जो लोग दिनभर मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन देखते रहते हैं, उनकी आंखों में दर्द या भारीपन महससू होना काफी आम है। आमतौर पर लोग इसे थकान समझकर थोड़ी देर आंखें बंद कर लेते हैं, लेकिन हर बार ये लक्षण थकान के नहीं होते। कई बार आंखों की समस्या को इग्नोर करने से गंभीर जटिलताएं भी हो सकती है। आंखों के सामान्य और गंभीर लक्षणों के बारे में जानने के लिए हमने Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya. MP से बात की। उन्होंने बताया कि आंखों का दर्द हमेशा सामान्य नहीं होता। कुछ मामलों में यह आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में यह पहचानना जरूरी है कि कब दर्द साधारण है और कब बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए।
आंखों के दर्द को कब नॉर्मल माना जा सकता है?
Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “अगर लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद आंखों में हल्का दर्द, थकान या भारीपन महसूस हो रहा है, तो इसकी वजह डिजिटल आई स्ट्रेन हो सकती है। इसके अलावा, नींद पूरी न होना, लगातार पढ़ते रहने, तेज धूप या तेज रोशनी, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहने से भी आंखों में सूखापन, जलन और हल्का दर्द हो सकता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा समय तक नहीं रहता और आंखों में लालिमा या सूजन नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। इसे ठीक करने के लिए लोगों को कुछ देर स्क्रीन से दूर रहना, पर्याप्त पानी पीना, अच्छी नींद लेना और आंखों को आराम देना काफी राहत दे सकता है।”
आंखों के दर्द में किन लक्षणों को बिल्कुल इग्नोर नहीं करना चाहिए?
Dr. Purendra Bhasin ने कहा, “अगर आंखों का दर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बना हुआ है या धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर लोगों को ये लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द आंखों के विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।”
- आंखों में लालिमा होना
- पलकों या आंखों के आसपास सूजन होना
- आंखों से लगातार पानी आना
- धुंधला दिखाई देना
- रोशनी से आंखों में परेशानी होना
- दर्द के साथ सिरदर्द महसूस होना

आंखों में दर्द कब मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है?
Dr. Purendra Bhasin के मुताबिक, “कई बार आंख में धूल का छोटा कण, कॉर्निया पर खरोंच, इंफेक्शन या आंख के अंदर दबाव बढ़ने जैसी समस्याएं भी दर्द का कारण बन सकती हैं। इसमें कुछ कंडीशन्स ऐसी होती हैं, जिसमें एक मिनट की लापरवाही आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर अचानक आंख में बहुत तेज दर्द शुरू हो जाए, देखने की क्षमता कम होने लगे, रोशनी के आसपास रंग-बिरंगे घेरे दिखाई दें या दर्द के साथ उल्टी और तेज सिरदर्द होने लगे, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। इस तरह अगर आंख में चोट लग जाए, कोई नुकीली चीज चुभ जाए, वेल्डिंग की चिंगारी, धुआं, एसिड, केमिकल या कोई दूसरा हानिकारक पदार्थ आंख में चला जाए, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खें नहीं अपनाने चाहिए, क्योंकि गलत इलाज से आंखों की रोशनी भी जा सकती है।”
आंखों का ध्यान कैसे रखें?
Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि आंखों में दर्द होने पर बंद करके आराम दें। आंखों को बार-बार न मलें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें। इसके अलावा, अगर आंखों में कोई कण चला जाए, तो उसे उंगुली से निकालने की कोशिश न करें। दर्द होने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
Dr. Purendra Bhasin सलाह देते हैं कि रेगुलर अंतराल पर स्क्रीन से ब्रेक लें। इसके अलावा, लोगों को नींद पूरी करनी चाहिए और बैलेंस्ड डाइट लें। हर आंखों का दर्द गंभीर नहीं होता. लेकिन हर दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आराम करके आंखों को राहत मिल जाए, तो लैपटॉप या मोबाइल से दूरी बनानी चाहिए। अगर आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखना, आंख में चोट लगना, केमिकल जाना या लगातार लालिमा जैसे संकेत दिखें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
FAQ
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए आंख का दर्द कब खतरनाक है?
अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं और आंख में दर्द, लाली, पानी आना या रोशनी से डर लगने जैसी समस्या शुरू हो जाए, तो तुरंत लेंस हटा दें। लेंस पहनने वालों में कॉर्निया का इंफेक्शन बहुत तेजी से फैलता है, जो पुतली को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है। इसे कभी भी नजरअंदाज न करें।सिरदर्द और आंख के दर्द का आपस में क्या संबंध है?
अक्सर चश्मे का नंबर बदलने या माइग्रेन के कारण सिरदर्द के साथ आंखों में दर्द होता है, जो सामान्य दवाओं से ठीक हो जाता है। लेकिन अगर दर्द आंख के पिछले हिस्से में बहुत गहरा हो और आंख की पुतली को दाएं-बाएं हिलाने पर दर्द असहनीय हो जाए, तो यह ऑप्टिक नर्व में खराबी का संकेत हो सकता है।
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Jul 07, 2026 18:16 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 07, 2026 18:16 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 07, 2026 18:16 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin