Fri Sep 11, 2026 | 09:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

घंटों मेट्रो-बस के लंबे सफर से बिगड़ सकती है सेहत, बीमार‍ियों से बचाएंगे ये हेल्‍थ ट‍िप्‍स

क्‍या आप भी घंटों मेट्रो या बस से सफर करते हैं? अगर हां, तो इसके कारण इंफेक्‍शन और बीमार‍ियों की चपेट मे आ सकते हैं। हेल्‍दी रहने के ल‍िए कुछ आसान ट‍िप्‍स की मदद ले सकते हैं ज‍िनके बारे में आगे जानेंगे।

द‍िल्‍ली जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों में लोग रोजाना एक से दूसरी जगह जाने के ल‍िए मेट्रो या बस का सहारा लेते हैं। पब्‍ल‍िक ट्रांसपोर्ट का इस्‍तेमाल करने वाले लोगों में कई लोग ऐसे होते हैं जो रोजाना लंबी यात्रा करते हैं और ज्‍यादा समय के ल‍िए घरों से बाहर रहते हैं। ऐसे में इंफेक्‍शन और बीमार‍ियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मेट्रो और बसों में सफाई की कमी और आसपास वाले लोगों से फैलने वाली बीमार‍ियों के खतरे से बचना लगभग नामुमक‍िन है। लंबे समय तक यात्रा करने के कारण इम्‍यून‍िटी भी कमजोर होने लगती है और शरीर में जल्‍दी इंफेक्‍शन होने का खतरा बढ़ जाता है। यात्रा के कारण सांस की समस्‍या, थकान, कमजोरी और मानस‍िक तनाव जैसी समस्‍याएं भी हो सकती हैं। लंबे सफर के बाद बीमार‍ियोंं से बचने के ल‍िए कुछ आसान हेल्‍थ ट‍िप्‍स की मदद ले सकते हैं। इन ट‍िप्‍स को व‍िस्‍तार से आगे जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

क्‍या कहता है आयुर्वेद‍िक दृष्टिकोण?

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Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि कोई व्‍यक्‍त‍ि यात्रा कर रहा है, तो उन्‍हें इस बात का ध्‍यान रखना होगा क‍ि खराब रास्‍तों में जा रहा है, तो उनमें वात दोष बढ़ सकता है। वात दोष से मेटाबॉल‍िज्‍म प्रभाव‍ित होता है। इससे शरीर में ड‍िजनरेशन की समस्‍या होगी। ड‍िजनरेशन का मतलब है शरीर या अंग की कार्यक्षमता प्रभाव‍ित होगी। इससे बचने के ल‍िए यात्रा के दौरान इन बातों का ख्याल रखें-

  • यात्रा से एक घंटा पहले और एक घंटे बाद तक भोजन न करें, तो यह शरीर के ल‍िए फायदेमंद रहेगा। भोजन खाने के बजाए स्‍टीम्‍ड सलाद का सेवन कर सकते हैं। क‍िसी भी तरह के अनाज का सेवन भी यात्रा से ठीक पहले और ठीक बाद में नहीं करना चाह‍िए।
  • यात्रा के दौरान मसल्‍स या हड्ड‍ियों की समस्‍या जैसे दर्द या सूजन को दूर करने के ल‍िए घृत‍ च‍िकि‍त्‍सा अपनाएं यानी गाय के घी का सेवन करें। ऐसे घी बाजार में उपलब्‍ध हैं ज‍िसमें हर्ब्स मौजूद होती हैं, उनका सेवन भी कर सकते हैं।
  • मसल्‍स की स्‍ट‍िफनेस को दूर करने के ल‍िए अभ्‍यंग की सहायता भी ले सकते हैं। अगर बहुत ज्‍यादा यात्रा करते हैं, तो शरीर की मसाज करें इससे ल‍िगामेंट्स टाइट रहेंगे। शरीर में कमजोरी दूर करने का भी यह अच्‍छा तरीका है।
  • वात दोष के ल‍िए आयुर्वेद में तैलीय च‍िक‍ित्‍सा का महत्‍व बताया गया है।
  • समय पर खाने से और हेल्‍दी चीजों का सेवन करके भी वात दोष को शांत क‍िया जा सकता है।

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यात्रा में ये ट‍िप्‍स फॉलो कर सकते हैं- Tips To Follow During Travel

1. प्रदूषण से बचें- Protect Yourself From Pollution

बस या मेट्रो स्‍टेशन पर प्रदूषण बहुत ज्‍यादा होता है ज‍िससे सांस की बीमार‍ियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषण से बचाव के ल‍िए एन95 मास्‍क पहनें। ज‍िन लोगों को एलर्जी या अस्‍थमा है उन्‍हें सेहत का खास ख्‍याल रखना चाह‍िए।

2. पर्याप्‍त नींद लें- Sleep Is Important

अक्‍सर लंबी यात्रा करना पड़ता है, तो नींद को प्राथ‍म‍िकता दें। स्‍लीप रूटीन फॉलो करेंगे, तो कमजोर इम्‍यून‍िटी, थकान, मानस‍िक तनाव और च‍िड़च‍िड़ापन दूर कर सकते हैं। पर्याप्‍त नींद लेने से कई इंफेक्‍शन और बीमार‍ियों से बचाव होता है।

3. पर्याप्‍त पानी का सेवन करें- Drink Enough Water

लंबे सफर में ड‍िहाइड्रेशन के कारण बीमार‍ियां हो सकती हैं। अगर आप अक्‍सर लंबी यात्रा करते हैं, तो अपने साथ पानी रखें। थोड़े-थोड़े समय में घूंट-घूंट करके पानी प‍िएं। पानी पीने से स‍िर दर्द कम होता है और थकान से बचाव होता है।

4. एक्‍सरसाइज को प्राथम‍िकता दें- Give Priority To Exercise

अगर आप रोजाना लंबी यात्रा करते हैं, तो शरीर को जल्‍दी बीमार‍ियां और इंफेक्‍शन हो सकता है। इनसे बचने के ल‍िए शरीर को ड‍िटॉक्‍स करना जरूरी है। शरीर को ड‍िटॉक्‍स करने का सबसे अच्‍छा तरीका है रोज एक्‍सरसाइज करें। एक्‍सरसाइज करने से पसीने के जर‍िए शरीर के व‍िषैले तत्‍व बाहर न‍िकल जाते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

लंबे सफर के कारण बीमार‍ियों का खतरा बढ़ जाता है। बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए प्रदूषण से दूर रहें, पर्याप्‍त नींद लें, पानी प‍िएं, एक्‍सरसाइज करें और बाजार की चीजें खाने के बजाय हेल्‍दी स्नैक्स साथ रखें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 28, 2026 10:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 28, 2026 10:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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