Wed Nov 4, 2026 | 06:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

क्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्ज

अगर लोगों को दो दिन तक पॉटी नहीं आती, तो कई लोग इसे कब्ज मानकर खुद ही इलाज करने लगते हैं, लेकिन क्या दो दिन तक पेट साफ न होना नॉर्मल हो सकता है या फिर कब्ज के लक्षण हो सकते हैं।
क्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्जक्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्ज

अगर सुबह पेट साफ नहीं होता, तो लोगों का पूरा दिन असहजता से गुजरता है, क्योंकि लोगों को रोज पॉटी जाने की आदत होती है। ऐसे में अगर लोगों को दो दिन तक पॉटी न आए, तो उन्हें चिंता होने लगती है कि कहीं कब्ज तो नहीं हो गई। लेकिन क्या हर दिन पॉटी जाना जरूरी है? क्या दो दिन तक पॉटी न होना किसी बीमारी का संकेत है? इस बारे में Dr. Sharad Malhotra, Senior Consultant & Director, Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy, Aakash Healthcare, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति की पॉटी करने की आदत अलग-अलग होती है। कुछ लोग दिन में एक बार पॉटी करने जाते हैं, कुछ लोग दिन में दो बार भी मल त्याग करते हैं, तो कुछ लोग हर दो दिन में पॉटी जाते हैं। ऐसे में यह ध्यान रखना जरूरी होता है कि क्या पॉटी करते समय जोर लगाना पड़ रहा है, पेट में दर्द और भारीपन महसूस हो रहा है। अगर ऐसा है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

क्या 2 दिन तक पॉटी न होना नॉर्मल है?

Dr. Sharad Malhotra ने कहा, “हर व्यक्ति का बाउल पैटर्न यानी पॉटी करने का पैटर्न एक जैसा नहीं होता। किसी को रोज सुबह पॉटी आती है, तो कोई शाम को जाता है। अगर 2 दिन तक पॉटी नहीं आई, लेकिन पेट में दर्द नहीं है, गैस निकल रही है और सामान्य महसूस कर रहे हैं, तो जरूरी नहीं कि यह कब्ज हो। अगर एक दिन पॉटी नहीं आई, तो इसका मतलब कब्ज नहीं होता। कब्ज होने की पुष्टि मल की बनावट, जोर लगाने, मल बाहर निकलने में परेशानी होना और पेट साफ न होने के एहसास से की जा सकती है।”

कब्ज के लक्षण क्या हो सकते हैं?

Mayo Clinic के अनुसार, अगर किसी को ये लक्षण दिखाई दें, तो कब्ज हो सकती है।

  • हफ्ते में तीन बार से कम पॉटी जाना
  • मल का सख्त, सूखा या गांठदार होना
  • मल त्यागते समय बहुत तेज जोर लगााना या दर्द होना
  • ऐसा महसूस होना कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ
  • मलाशय (रेक्टम) में कोई रुकावट या ब्लॉकेज होना
  • मल त्यागने के लिए उंगली का सहारा लेने की जरूरत महसूस होना

दो दिन तक पॉटी न होने के क्या कारण हो सकते हैं?

Dr. Sharad Malhotra कहते हैं कि पॉटी लेट होने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए लोगों को रोजाना की आदतों में कुछ बदलाव करने चाहिए।

1. डाइट में फाइबर की कमी

जो लोग खाने में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज कम लेते हैं, तो उन्हें पॉटी करने में दिक्कत हो सकती है। फाइबर से मल को बनावट मिलती है और उसे आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलती है। खाने में फाइबर की कमी कब्ज की आम वजह हो सकती है।

2. पर्याप्त पानी न पीना

शरीर में पानी की कमी होने पर मल सख्त और सूखा हो सकता है। इससे पॉटी करने में परेशानी होती है। खासतौर पर जो लोग फाइबर ज्यादा खा रहे हैं, तो पर्याप्त फ्लूड लेना चाहिए। हालांकि, जिन लोगों को किसी बीमारी के कारण पानी सीमित पीने की सलाह दी गई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही पानी पीना चाहिए।

not pooping for two daysnot pooping for two days

यह भी पढ़ें- छोटे बच्चे को बार-बार पॉटी आने के हो सकते हैं ये 5 कारण, बता रहे हैं डॉक्टर

3. लंबे समय तक बैठे रहना

जो लोग बहुत समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, उनकी फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। यह आदत भी पॉटी में देरी की वजह बन सकती है। इसलिए जिन लोगों का लगातार बैठने वाला काम है, उन्हें रोजाना पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे आंतों के फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

4. पॉटी की इच्छा को रोकना

कई लोग काम, सफर या किसी भी वजह से पॉटी आने पर भी शौचालय नहीं जाते। बार-बार ऐसा करने से मल त्याग पर असर पड़ सकता है। इसलिए जब पॉटी आ रही हो, तो उसे टालना नहीं चाहिए।

5. स्ट्रेस, दवाएं या दिनचर्या में बदलाव

सफर के दौरान खान-पान और सोने-जागने का समय बदल जाता है। कई लोग लगातार स्ट्रेस में रहते हैं और इस वजह से नींद कम आती है और फिर सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है। इसके अलावा, कुछ दवाएं और सप्लीमेंट्स भी कब्ज बढ़ा सकते हैं। इनमें आयरन सप्लीमेंट, कुछ पेनकिलर्स और कैल्शियम या एल्युमिनियम वाले कुछ एंटासिड शामिल हो सकते हैं। डायबिटीज, थायराइड और आंतों की समस्याएं भी कब्ज का कारण बन सकती हैं।

दो दिन पॉटी न आने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

Dr. Sharad Malhotra ने कहा कि अगर दो दिन तक पॉटी नहीं आई है और पॉटी के रूटीन में अचानक बदलाव हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। ऐसे में लोगों को इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • पॉटी में खून आना
  • बिना कोशिश के वजन कम होना
  • लगातार पेट में दर्द या असहजता होना
  • लंबे समय तक कब्ज रहना
  • बार-बार पेट फूलना
  • लगातार थकान महसूस होना

डॉक्टर की सलाह

Dr. Sharad Malhotra सलाह देते हैं कि अगर पेट में तेज या लगातार दर्द हो रहा है, पेट बहुत ज्यादा फूल गया है, उल्टी हो रही है और मल के साथ गैस भी बिल्कुल नहीं निकल रही, तो यह आंतों में रुकावट जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी कंडीशन में घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- पॉटी में बलगम (च‍िपच‍िपा पदार्थ) द‍िखता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण और इलाज 

निष्कर्ष
दो दिन तक पॉटी न आना कब्ज की स्थिति नहीं है, लेकिन पेट दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, पॉटी को रूटीन में लाने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी, फाइबर से भरपूर फूड्स और हल्की फिजिकल एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर कब्ज की समस्या ज्यादा समय तक रहे तो घरेलू नुस्खे करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या बिना पानी पिए इसबगोल लेने से कब्ज और बदतर हो सकती है?

    इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है जो आंतों में मौजूद पानी को सोखकर फूलता है और मल को चिकना बनाता है। अगर इसे लेते समय पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो यह आंतों में जाकर सूख सकता है और मल को सख्त बनाकर आंतों में गंभीर रुकावट पैदा कर सकता है।
  • क्या वेस्टर्न कमोड पर पैर के नीचे स्टूल रखने से वाकई शौच आसानी से होता है?

    जब आप वेस्टर्न टॉयलेट पर सामान्य रूप से बैठते हैं, तो प्यूबोरैक्टैलिस मांसपेशी मलाशय को पूरी तरह सीधा नहीं होने देती। पैरों के नीचे 7-8 इंच का स्टूल रखकर 35 डिग्री का कोण बनाने से बिना अतिरिक्त जोर लगाए पेट तुरंत साफ होता है।

Read Next

→ क्या सोफे या बेड पर बैठकर लैपटॉप में काम करने की आदत है? डॉक्टर बता रहे हैं यह आदत सही या नहीं?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 04, 2026 17:16 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra