हाल के सालों में वर्क फ्रॉम होम का कल्चर काफी बढ़ा है। हालांकि, वर्क फ्रॉम होम कई मायनों में लोगों के वर्क-लाइफ बैलेंस करने का शानदार तरीका है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि घर से ऑफिस काम करने वाले अक्सर सोफे या बेड पर बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं। सवाल है, यह आदत कितनी सही है?
इस बारे में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश बताते हैं, "सोफे या बेड पर बैठकर लैपटॉप पर काम करने की आदत बिल्कुल सही नहीं है। इसकी वजह से कमर दर्द, पीठ दर्द, पोस्चर का खराब होना जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए, व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए कि घर में ऑफिस का काम करने का एक बेहतर सेटअप तैयार करें, प्रॉपर टेबल-चेयर पर बैठकर काम करें।"
क्या सोफे या बेड पर बैठकर लैपटॉप पर काम करने की आदत सही है?
Is Working On Laptop From Bed Or Sofa Healthy Habit Or Not
साल 2023 में International Journal of Environmental Research and Public Health में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, घर से काम करने वाले 61.2% कर्मचारियों में मस्कुलोस्केलेटल डिस्कम्फर्ट यानी गर्दन, पीठ, कंधे और कमर दर्द की शिकायत देखी गई। वहीं, जो लोग सोफे पर बैठकर या बिना बैकरेस्ट वाली कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और गंभीर मस्कुलोस्केलेटल दर्द विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है।
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सोफे पर बैठकर लैपटॉप पर काम करने की आदत के नुकसान
1. गर्दन में दर्द
डॉ. अभिषेक वैश कहते हैं, "जो लोग सोफे या बेड पर बैठकर घंटों काम करते हैं, उन्हें अक्सर गर्दन के दर्द का सामना करना पड़ता है। असल में, सोफे या बेड पर काम करते हुए कंप्यूटर आंखों की बराबरी के स्तर पर नहीं होता है। ऐसे में घंटों गर्दन झुकी हुई रहती है, जिससे गर्दन और स्पाइन में दर्द होने लगता है।"
2. कंधे में दर्द
Is Working On Laptop From Sofa Healthy Habit Or Not
डॉ. अभिषेक वैश के अनुसार, "घंटों एक ही पोजीशन में बैठे रहना, गर्दन को झुकाए रखना आपके कंधे और मसल्स पर भी दबाव बनाता है। यही नहीं, बैठने के खराब पोस्चर के कारण पीठ के निचले हिस्से का दर्द ट्रिगर होने लगता है। इसलिए, अगर किसी को पहले से ही कमर दर्द, पीठ दर्द या शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द है, तो उन्हें सोफे पर बैठकर काम नहीं करना चाहिए। इससे उनकी समस्या और बढ़ जाती है।"
3. कूल्हे और जोड़ों में दर्द
जब कोई सोफे पर लंबे समय तक बैठकर काम करता है, तो वह अपनी बैठने की पोजीशन को बार-बार बदलता है। जैसे कभी पैरों को क्रॉस करके बैठना। इससे न सिर्फ ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है, बल्कि पेल्विस एरिया पर भी दबाव बनता है। नतीजतन, कूल्हों और जोड़ों में दर्द की दिक्कतें होने लगती हैं।
4. कलाई और हथेली में दर्द
डॉ. अभिषेक वैश के मुताबिक, "आपको जानकर हैरानी होगी कि सोफे या बेड पर बैठकर घंटों काम करने से आपकी कलाई और हाथ पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। असल में, जब आप अपनी गोद पर लैपटॉप रखकर काम करते हैं, तो इससे हाथों को सपोर्ट नहीं मिलता है। लैपटॉप बार-बार एक से दूसरी जगह शिफ्ट होता रहता है, जिससे हाथों की कलाई पर काफी दबाव बनता है और उसमें दर्द होने लगता है।"
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5. आंखों पर दबाव
आपने देखा होगा कि ऑफिस में काम करने के लिए लाइटिंग सिस्टम काफी अच्छी और प्रभावी होती है। वहीं, जब कोई घर में ऑफिस काम काम करता है, तो इसकी वजह से आंखों में दर्द होने लगता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि कमरे की लाइटें कभी भी ऑफिस के उद्देश्य से नहीं बनाई जाती हैं। इससे आंखों में दर्द, आंखों में सूजन और आंखों में बढ़ते तनाव के कारण सिरदर्द भी हो सकता है।
6. ब्लड सर्कुलेशन पर असर
सोफे या बेड पर बैठकर काम करने के दौरान अक्सर लोग पूरा दिन अपनी सीट से उठते नहीं हैं। ऐसे में लंबे समय तक पैर क्राॅस रहते हैं। वहीं, जब आप चेयर पर बैठते हैं, तो पैर जमीन से सटे हुए रहते हैं। इस दौरान लोगों के लिए अपनी सीट से उठना आसान होता है। नतीजतन, ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आती है। लेकिन, सोफे पर बैठकर काम करने से यह परेशानी भी बढ़ती है।
एक्सपर्ट की राय
जाहिर है कि सोफे या बेड पर बैठकर काम करना सही नहीं है। अगर आप उनमें से हैं, जो नियमित रूप से वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, तो बेहतर है कि अपना वर्क स्टेशन सेटअप बनाएं। सोफे या बेड पर बैठकर काम करने से बचें। अगर सोफे या बेड पर बैठकर काम करना मजबूरी है, तो बेहतर है कि आप समय-समय पर काम से ब्रेक लें। एक छोटा बेड टेबल खरीद सकते हैं, जिससे आई लेवल पर काम करना आसान होता है। इससे कलाई पर दबाव कम पड़ता है, कंधा भी कम झुकता है। हालांकि, बेड टेबल का इस्तेमाल करते हुए पीठ के पीछे सख्त कुशन लगाकर 90 डिग्री पर बैठें। इससे बैक पेन आदि समस्याएं ट्रिगर नहीं होती हैं।
निष्कर्ष
सोफे या बेड पर बैठकर काम करने के बजाय कोशिश करें कि टेबल-चयर का सेटअप घर में तैयार करें। उस पर बैठकर ही काम करें। काम के दौरान जब भी मौका मिले, सीट से उठें। असल में, सोफा या बेड लैपटाॅप पर काम करने के लिए सहज नहीं होते हैं। इससे पोस्चर खराब होता है और कई अन्य समस्याओं शुरू हो जाती हैं। हां, अगर आपको पहले से ही हड्डियों में दर्द, जोड़ों में दर्द से परेशानियां हैं, तो सोफे को लैपटाॅप पर काम के लिए कभी न चुनें।
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FAQ
बेड पर बैठकर गलत एंगल पर लैपटॉप कीबोर्ड चलाने से कलाई की नसों से जुड़ी कौन सी समस्या हो सकती है?
कलाई के मुड़े रहने और बार-बार दबाव पड़ने से मीडियन नर्व दब जाती है, जिससे कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है।क्या गोद में सीधे लैपटॉप रखकर चलाने से पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर पड़ता है?
हां, ऐसा होता है। दरअसल, लैपटॉप से निकलने वाली अत्यधिक गर्मी और वाई-फाई रेडिएशन अंडकोष (Scrotum) का तापमान बढ़ा देते हैं, जिससे स्पर्म काउंट और उसकी क्वालिटी खराब हो सकती है।
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Nov 04, 2026 16:08 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhishek Vaish
