आजकल की खराब खान-पान की आदतें, कम पानी पीना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण कब्ज की समस्या आम होती जा रही है। कई लोगों को सुबह पेट ठीक से साफ न होने, मल त्याग में परेशानी और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं होती हैं। कब्ज से राहत पाने के लिए कई लोग इसबगोल और चिया सीड्स का सेवन करते हैं। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, इसबगोल और चिया सीड्स दोनों में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन और मल त्याग को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इन दोनों की प्रकृति और शरीर में काम करने का तरीका थोड़ा अलग है। ऐसे में सही विकल्प चुनना जरूरी है, ताकि पेट साफ करने के लिए आप किसी गलत तरीके को न अपनाएं।
कब्ज में इसबगोल या चिया सीड्स, क्या है बेहतर?
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, इसबगोल और चिया सीड्स दोनों ही फाइबर के अच्छे सोर्स हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से किया जा सकता है। इसबगोल को कब्ज से राहत देने के लिए खासतौर से इस्तेमाल किया जाता है। यह मल में पानी बनाए रखने और उसे नरम करने में मदद करता है। वहीं, चिया सीड्स रोजाना की डाइट में फाइबर बढ़ाने का अच्छा विकल्प हैं।
| तुलना | इसबगोल (Isabgol / Psyllium Husk) | चिया सीड्स (Chia Seeds) |
| क्या काम करता है | यह खासतौर से कब्ज से राहत दिलाने और मल त्याग को आसान बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। | यह पाचन को बेहतर रखने और रोजाना की डाइट में फाइबर बढ़ाने के लिए एक अच्छा विकल्प है। |
| फाइबर का प्रकार | इसमें मुख्य रूप से घुलनशील फाइबर (soluble fiber) होता है, जो पानी में आसानी से घुल जाता है। | इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर पाए जाते हैं। |
| असर का तरीका | यह पानी को सोखकर जेल जैसा बनता है और मल को मुलायम बनाकर आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। | यह पानी सोखकर फूल जाता है और मल को नियमित रखने के साथ पेट साफ करने में सहायता करता है। |
| पोषण | मुख्य रूप से फाइबर का सोर्स है। | फाइबर के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स भी अच्छी मात्रा में मिलते हैं। |
| खाने का तरीका | एक चम्मच इसबगोल को एक गिलास पानी में घोलकर तुरंत पिया जाता है। | चिया सीड्स को खाने से पहले पानी में कुछ घंटे या रातभर भिगोना जरूरी होता है। |
| किसके लिए बेहतर है? | जिन्हें गंभीर या पुरानी कब्ज की समस्या है और तुरंत राहत चाहिए। | जो लोग अपनी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और पाचन को बेहतर रखना चाहते हैं। |
साल 2019 में International Journal of Molecular Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, इसबगोल लेने से आंतों में पानी की मात्रा बढ़ती है, जिससे मल त्याग आसान हो जाता है और कब्ज से राहत मिलती है। इसके अलावा, इसबगोल का असर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया (microbiota) पर भी पड़ता है। हेल्दी लोगों की तुलना में कब्ज से पीड़ित मरीजों के पेट के बैक्टीरिया में ज्यादा बदलाव देखे गए, जैसे कुछ फायदेमंद बैक्टीरिया (जैसे लैचनोस्पिरा और फेकलबैक्टीरियम) की मात्रा बढ़ गई। यह बदलाव आंतों के बेहतर स्वास्थ्य और मल में नमी बढ़ाने में मददगार साबित हुआ।
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कब्ज की समस्या में इन गलतियों से बचें
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त सलाह देती हैं कि कब्ज होने पर सिर्फ इसबगोल या चिया सीड्स खाने से समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होती है। इसके लिए डेली रूटीन में कुछ बदलाव भी बहुत जरूरी हैं। लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें और रोजाना कम से कम 20-30 मिनट टहलने या हल्की एक्सरसाइज करने की आदत डालें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें शामिल करें।
इसके अलावा, मल त्याग की इच्छा होने पर उसे रोककर न रखें। सुबह एक नियमित समय पर टॉयलेट जाने की आदत डालें। बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, मैदा और कम फाइबर वाले फूड्स का सेवन सीमित करें। अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ पेट में तेज दर्द, उल्टी, मल में खून या बिना कारण वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
isabgol vs chia seeds
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निष्कर्ष
कब्ज दूर करने के लिए इसबगोल और चिया सीड्स दोनों ही फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, कब्ज से राहत पाने के लिए इसबगोल को ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जबकि चिया सीड्स रोजाना की डाइट में फाइबर बढ़ाने का अच्छा विकल्प हैं। न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, अपनी जरूरत और पाचन क्षमता के हिसाब से इनका चुनाव करना चाहिए। ध्यान रखें कि पर्याप्त पानी पीना, फाइबर से भरपूर भोजन करना और रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करना भी पेट साफ रखने के लिए जरूरी है।
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FAQ
क्या कब्ज में केला खाना सही है?
पका हुआ केला शरीर को फाइबर देता है और संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, कब्ज में इसका असर व्यक्ति की पाचन क्षमता और बाकी खान-पान पर निर्भर करता है।क्या दूध पीने से कब्ज की समस्या बढ़ती है?
कुछ लोगों को दूध पीने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। खासकर लैक्टोज इनटॉलरेंस होने पर पेट फूलना, गैस और दस्त की समस्या हो सकती है। हालांकि, दूध हर व्यक्ति में कब्ज नहीं बढ़ाता।क्या खाली पेट चिया सीड्स का पानी पी सकते हैं?
चिया सीड्स का पानी खाली पेट पीना जरूरी नहीं है। आप इसे दिन के किसी भी समय अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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Nov 02, 2026 18:35 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dt Payal Dutt
