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बवासीर में चिया सीड्स कब खाएं, कैसे खाएं और किन बातों का रखें ध्यान? एक्सपर्ट से जानें

बवासीर में चिया सीड्स: बवासीर की समस्या में व्यक्ति को मल त्याग से जुड़ी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। ऐसे में चिया सीड्स का सेवन कैसे फायदेमंद हो सकता है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

बवासीर में चिया सीड्स: बवासीर मलाशय से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसमें मलद्वार पर सूजन की समस्या हो जाती है और कई बार मल त्याग करते समय खून भी आता है। बवासीर के मरीजों की सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि उन्हें लंबे समय तक रहने वाले कब्ज के अलावा कमजोरी भी परेशान करती है। ऐसे में सबसे पहले तो मल को मुलायम करना जरूरी है ताकि मलत्याग दर्दनाक न हो। इस स्थिति में आप चिया सीड्स का सेवन कर सकते हैं जो कि बवासीर की समस्या को कम करने करने के साथ इसके लक्षणों से भी निजात पाने में मदद कर सकता है। लेकिन, कैसे जानते हैं इन तमाम चीजों के बारे में Dr Purva Balkrishna Amin BAMS, MD (Scholar) से।

बवासीर में चिया सीड्स का सेवन कितना कारगर-Chia Seeds in Piles

चिया बीज, साल्विया हिस्पैनिका (Salvia hispanica) नामक पौधे से प्राप्त होते हैं, ये छोटे अंडाकार आकार के बीज होते हैं जो अपने समृद्ध पोषण संबंधी गुणों और औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं। ये बवासीर से पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड (omega-3 fatty acid) की मात्रा अधिक होती है।

चिया बीज बवासीर में कैसे मदद करते हैं-Chia seeds benefits for Piles

1. हाई फाइबर की वजह से

चिया बीज घुलनशील फाइबर का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं। जब पानी में भिगोया जाता है, तो वे एक जेल जैसा पदार्थ बनाते हैं जो एक प्रीबायोटिक के रूप में कार्य करता है। स्वस्थ आंत बैक्टीरिया का समर्थन करता है, पाचन में सुधार करता है और कब्ज से राहत देता है। यह मल को नरम करने और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद करता है, जो बवासीर के प्रबंधन और रोकथाम में महत्वपूर्ण है।

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2. सूजन-रोधी गुणों से भरपूर

चिया के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड में सूजन-रोधी प्रभाव होते हैं। वे बवासीर से जुड़ी सूजन, दर्द और परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे मलाशय में होने वाले दर्द में कमी आती है। इसके सेवन से आप राहत महसूस कर सकता है।

3. अन्य लाभ

चिया के बीज कार्डियोप्रोटेक्टिव, हाइपोटेंसिव, हेपेटोप्रोटेक्टिव और सामान्य सूजन-रोधी लाभ भी प्रदान करते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं।

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बवासीर के लिए चिया बीज कैसे खाएं-How to have Chia Seeds in Piles?

खाने से पहले भिगोएं

1-2 बड़े चम्मच चिया बीज को एक गिलास पानी में कम से कम 30 मिनट से 2 घंटे या रात भर के लिए भिगोएं। इससे वे फूल जाते हैं और जेल जैसी स्थिरता बनाते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए सौम्य है। आप भिगोए हुए चिया बीजों को स्मूदी, दही, दलिया या जूस में मिला सकते हैं। उन्हें सूखा खाने से बचें, क्योंकि वे गले या पेट में पानी को सोख सकते हैं और संभावित रूप से असुविधा पैदा कर सकते हैं।

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चिया बीज कब खाएं-When to Eat Chia Seeds?

पूरे दिन नियमित मल त्याग में सहायता के लिए सुबह चिया बीज का सेवन (best time to have chia seeds in piles) करें। अगर कब्ज की समस्या बार-बार होती है, तो इन्हें रात में भी भिगोकर लिया जा सकता है। प्रतिदिन सेवन आम तौर पर सुरक्षित और फायदेमंद होता है, लेकिन थोड़ी मात्रा, 1 बड़ा चम्मच से शुरू करें और सहन करने के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।

क्या ध्यान रखें?

हाइड्रेशन जरूरी है। चिया बीज का सेवन करते समय हमेशा खूब पानी पिएं। पर्याप्त हाइड्रेशन सुनिश्चित करता है कि बीज पानी को प्रभावी ढंग से अवशोषित करते हैं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल असुविधा या रुकावट का कारण नहीं बनते हैं। धीरे-धीरे शुरू करें। अगर आप चिया बीज के लिए नए हैं, तो अपने पाचन तंत्र को समायोजित करने के लिए उन्हें धीरे-धीरे अपने आहार में शामिल करें। अगर आपको कोई पुरानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या है या आप दवा ले रहे हैं, तो चिया सीड्स को अपने आहार का नियमित हिस्सा बनाने से पहले किसी एक्सपर्ट से बात करें।

FAQ

  • क्या रोज चिया सीड्स का सेवन मददगार है? 

    प्रतिदिन सेवन आम तौर पर सुरक्षित और फायदेमंद होता है, लेकिन थोड़ी मात्रा यानी कि 1 बड़ा चम्मच से शुरू करें और धीरे-धीरे सहन करने पर इसे बढ़ाएं।
  • बवासीर के लिए कौन सा बीज अच्छा है?

    बवासीर के लिए आप अलसी का बीज, खीरे और कद्दू का बीज भी खा सकते हैं जो कि तमाम प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। 
  • बवासीर में कौन सी दाल खानी चाहिए?

    पाइल्स में कुल्थी दाल पी सकते हैं जो कि कब्ज को कम करने के साथ मलत्याग को कम करने में मददगार है। यह बवासीर में मददगार है। 

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 12, 2025 14:14 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jun 12, 2025 14:14 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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