Thu Oct 1, 2026 | 04:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vidya Tickoo , Consultant Endocrinologist & Diabetologist

थायराइड दवा लेने के बाद भी TSH बढ़ा हुआ है, डॉक्‍टर से जानें क्‍यों बेअसर है मेड‍िस‍िन?

थायराइड के मरीज न‍ियम से सुबह उठकर गोली खाते हैं, लेक‍िन इसके बावजूद TSH लेवल सामान्‍य नहीं रहता है। डॉक्‍टर से जानें थायराइड दवा के बेअसर होने के कारण। 
थायराइड दवा लेने के बाद भी TSH बढ़ा हुआ है, डॉक्‍टर से जानें क्‍यों बेअसर है मेड‍िस‍िन?थायराइड दवा लेने के बाद भी TSH बढ़ा हुआ है, डॉक्‍टर से जानें क्‍यों बेअसर है मेड‍िस‍िन?

 कई लोग यह श‍िकायत करते हैं क‍ि थायराइड की दवा लेने के बाद भी थायराइड का स्‍तर सामान्‍य नहीं है और जांच में TSH का स्‍तर ज्‍यादा आता है। ऐसे लोगों को दोपहर होते-हाेते ज्‍यादा थकान होने लगती है। साथ ही, वजन कम नहीं होता है और हेयर फॉल बना रहता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो कमी थायराइड की दवा में नहीं, बल्‍कि‍ दवा लेने के गलत तरीके में छुपा है। अगर आप गलत समय पर थायराइड दवा लेते हैं, दवा के सेवन के आस-पास चाय या कॉफी पी लेते हैं, थायराइड दवा के साथ कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट लेते हैं या खुद से दवा की डोज बदल देते हैं उनकी थायराइड दवा बेअसर हो सकती है। आइए थायराइड दवा के बेअसर होने के कारणों को व‍िस्‍तार से समझते हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hitech City Hyderabad से बात की।

Harvard Medical School में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, अगर ब्‍लड में थायराइड हार्मोन (T3 और T4) का स्तर कम हो जाता है, तो TSH का स्तर बढ़ जाता है। TSH का बढ़ा हुआ स्तर हाइपोथायरायडिज्म का संकेत देता है।

साल 2024 में Thyroid Research में प्रकाश‍ित समीक्षा लेख के मुताबि‍क, सबक्लिनिकल हाइपोथायराइडिज्म में TSH का बढ़ा हुआ स्तर धमनियों में प्‍लाक जमा होने का कारण बन सकता है। शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जैसी समस्‍याएं भी हो सकती हैं।

दवा के बावजूद TSH लेवल क्यों नहीं हो रहा कम?

  • आयोडीन और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व थायराइड लेवल को सामान्‍य रखने में मदद करते हैं। अगर शरीर में इनकी कमी है, तो शरीर का कामकाज प्रभाव‍ित हो सकता है।
  • आयोडीन का अधिक सेवन भी कुछ लोगों में थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगाड़ सकता है और TSH बढ़ सकता है।
  • थायराइड की दवा लेने के तुरंत बाद कैफीन, नाश्ता या कैल्शियम और आयरन सप्लीमेंट लेने से दवा का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इससे TSH का स्तर बढ़ सकता है।
  • मोटापे से पीड़ि‍त कुछ लोगों में TSH का स्तर बढ़ा हुआ देखा जाता है।

Medline Plus में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में टीएसएच (TSH or Thyroid-Stimulating Hormone) का स्तर बढ़ा हुआ हो सकता है, भले ही उन्हें थायराइड से जुड़ी कोई समस्या न हो। गर्भावस्था के दौरान भी TSH का स्तर प्रभावित हो सकता है।

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थायराइड दवा लेने में होने वाली सामान्य गलतियां

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1. सही समय पर थायराइड दवा न लेना 

अगर आपको लगता है कि थायराइड की दवा असर नहीं कर रही है, तो इसकी वजह दवा के बजाय उसे लेने का तरीका हो सकता है। थायराइड की दवा को रोज एक ही समय पर, आमतौर पर सुबह नाश्ते से 30 से 60 मिनट पहले खाली पेट सादे पानी के साथ लेना चाहिए। इससे शरीर दवा को बेहतर तरीके से एब्‍जॉर्ब कर पाता है।

2. कैफीन और दवा का असर

चाय, कॉफी और कैफीन वाले दूसरे पेय पदार्थ थायराइड की दवा के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दवा लेने के कम से कम 60 मिनट बाद ही चाय या कॉफी पिएं।

यह भी पढ़ें- थायराइड की दवा रोज एक ही समय पर लेना जरूरी है? डॉक्टर से जानें

3. जरूरत से ज्‍यादा फाइबर लेना 

फाइबर से भरपूर भोजन सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन कुछ लोगों में ज्यादा फाइबर थायराइड की दवा के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभाव‍ित कर सकता है इसल‍िए दवा लेने के ठीक पहले फाइबर सप्लीमेंट या बहुत ज्यादा फाइबर वाला भोजन न करें। इसे लेने का सही समय जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

4. कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट के साथ थायराइड दवा लेना 

कैल्शियम सप्लीमेंट को अगर थायराइड की दवा के साथ लेंगे, तो दवा के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया प्रभाव‍ित हो सकती है। इसलिए दोनों के बीच कम से कम 4 घंटे का अंतर रखना चाहिए। आयरन सप्लीमेंट, एंटासिड और कुछ दूसरी दवाएं भी थायराइड की दवा के असर को प्रभावित कर सकती हैं।

5. खुद से दवा की डोज बदलना 

दवा की खुराक को डॉक्‍टर की सलाह के बगैर नहीं बदलना चा‍ह‍िए। अगर दवा लेने के बाद भी थायराइड के लक्षण बने रहते हैं, तो डॉक्टर दवा लेने के तरीके, दूसरी दवाओं, नियमित रूप से दवा लेने की आदत और थायराइड की जांच, जैसे TSH टेस्ट करवा सकते हैं। इसके बाद ही दवा की खुराक में बदलाव का फैसला लिया जाता है।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर न‍ियमि‍त रूप से थायराइड की दवा लेते हैं, लेक‍िन फ‍िर भी TSH लेवल अध‍िक है, तो इसके पीछे दवा नहीं अल्‍क‍ि दवा को लेने के गलत तरीके शाम‍िल हो सकते हैं जैसे दवा की डोज खुद से बदलना, थायराइड दवा के साथ कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट लेना, जरूरत से ज्‍यादा फाइबर का सेवन करना, थायराइड दवा के साथ कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स का सेवन करना, गलत समय पर दवा लेने से भी थायराइड स्‍तर को सामान्‍य रखने में परेशानी हो सकती है। मोटापा, थायराइड दवा के साथ आयरन सप्‍लीमेंट लेना, थायराइड दवा लेने के ठीक बाद नाश्‍ता करना, आयोडीन की अध‍िक मात्रा, आयोडीन और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की कमी भी TSH लेवल को प्रभाव‍ित कर सकती है। आमतौर पर थायराइड दवा को सुबह नाश्ते से 30 से 60 मिनट पहले खाली पेट सादे पानी के साथ लेना चाहिए।

image credit: magnific

FAQ

  • TSH लेवल ज्‍यादा होने पर हमेशा थायराइड दवा लेनी होती है?

    नहीं, अगर TSH थोड़ा बढ़ा हुआ है, लेकिन फ्री टी4 का स्तर सामान्य है, तो इसे क्लिनिकल हाइपोथायराइडिज्म कहते हैं। ऐसी स्थिति में हर बार दवा शुरू करना जरूरी नहीं होता।
  • TSH लेवल सामान्‍य होने पर थायराइड दवा बंद कर सकते हैं?

    अगर आप न‍ियम‍ित रूप से दवा ले रहे हैं, तो TSH लेवल सामान्‍य रहता है, लेक‍िन इसके सामान्‍य स्‍तर में दवा को बंद नहीं करना चाह‍िए। इससे TSH लेवल बढ़ सकता है। 

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Oct 01, 2026 15:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Vidya Tickoo