Fri Sep 11, 2026 | 09:06 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या वाकई खट्टा खाने से खांसी बढ़ जाती है, जानें ऐसा होने के कारण

खांसी होने पर आप अक्सर ठंडी तासीर की चीजें खाने से बचते हैं। क्या खट्टा खाना भी खांसी को बढ़ा सकता है? अगर आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं, तो ध्यान से पढ़ें इस लेख को।

Does Citrus Fruits Cause Cough: सर्दियों का मौसम जा रहा है और धीरे-धीरे गर्मी बढ़ रह है। इस मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ने लगते हैं। दरअसल, यह बदलते मौसम का दौर है। ऐसे में जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें सर्दी-जुकाम और खांसी हो जाती है। इन दिनों खानपान का सही ख्याल रखा जाए, तो बीमार होने का रिस्क कम हो जाता है। कई लोग तो सर्दी-जुकाम होने पर अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखते हैं। आपने सुना होगा कि सर्दी-जुकाम होने पर खट्टी चीजें नहीं खानी चाहिए। यहां यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर इसका आपस में क्या कनेक्शन है और क्या वाकई खट्टी चीजें खाने से खांसी ट्रिगर हो सकती हैं? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी की राय।

क्या वाकई खट्टा खाने से खांसी बढ़ सकती है?

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वैसे तो खट्टे फलों में विटामिन सी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे हमारी इम्यूनिटी बूस्ट होती है और बीमार होने का जोखिम भी कम होता है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या खांसी या सर्दी-जुकाम होने पर खट्टा खा सकते हैं? इस पर न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी का कहना है, "खांसी होने पर खट्टा खाना सही नहीं होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें सिट्रिस एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह एक ऐसा कंटेंट है, जो गले में आई सूजन और खराश को बढ़ा सकता है। यही नहीं, यह तत्व खांसी और सीने में हो रही जलन को भी बढ़ावा देता है। इसलिए, कोशिश करें कि खांसी होने पर खट्ट खाने से बचें।" NCBI की एक रिपोर्ट कहती है कि कई बार खांसी GERD (एसिड रिफ्लक्स) का संकेत हो सकती है। खट्टी चीजों का सेवन करने से रिफ्लक्स बढ़ सकता है, जो खांसी को भी ट्रिगर करता है।

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खट्टे फल खांसी को कैसे बढ़ा देते हैं?

गले में सूजनः खट्टे फलों में सिट्रिक एसिड का स्तर काफी ज्यादा होता है। अगर कोई खांसी होने पर भी इसका सेवन करता है, तो इसकी वजह से गले की सूजन बढ़ जाती है

एसिड रिफ्लक्सः सिट्रस एक ऐसा तत्व है, जो एसिड रिफ्लक्स यानी सीने में जलन का एक मुख्य कारण होता है। इसका साफ मतलब है कि पेट का एसिड एसोफेगस की ओर लौट आता है। अगर किसी को लगातार खांसी होती है और इसमें खट्टा खा लिया जाए, तो सीने की जलन बढ़ सकती है।

बलगम का बढ़नाः एसिडिक फूड का सेवन करने से बलगम भी बढ़ जाता है। अगर कोई खांसी होने पर भी लगातार खट्टे फलों का सेवन करता है, तो इससे गले और सीने का संक्रमण बढ़ सकता है।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब है कि खांसी में खट्टे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। हां, अगर आपको खांसी-जुकाम नहीं है, तो इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए खट्टे फलों का सेवन किया जा सकता है, लेकिन सर्दी-जुकाम होने पर इसका सेवन करने से बचना चाहिए। चूंकि, खट्टे फलों में एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो कि आपकी कंडीशन को बिगाड़ सकता है। विशेषकर, बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को सर्दी-जुकाम होने पर खट्टे फल बिल्कुल नहीं देने चाहिए।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • खट्टा खाने से खांसी क्यों होती है?

    खट्टा खाने से गले, नाक और सांस नली में सूजन तथा जलन हो सकती है, जिससे खांसी की समस्या बढ़ जाती है और बलगम प्रोडक्शन भी बढ़ सकता है।
  • ज्यादा खांसी आने के क्या कारण हो सकते हैं?

    ज्यादा खांसी आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे स्मोकिंग, पैसिव स्मोकिंग, अस्थमा, एलर्जी, सीओपीडी, संक्रमण और एसिड रिफ्लक्स।
  • खांसी में कौन से फल नहीं खाने चाहिए?

    खांसी होने पर खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर, तरबूज, केला, अनानास, और खीरा ठंडी तथा एसिडिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 28, 2026 17:33 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 28, 2026 17:33 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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