Fri Sep 11, 2026 | 08:58 PM IST

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क्या वाकई दही खाने से वात दोष बढ़ता है? जानें किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए

Is Curd Good For Vata In Hindi: दही स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। लेकिन, क्या इसे वात दोष में खाया जा सकता है? इस बारे में जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें-

Vata Dosh Me Dahi Kha Sakte Hai: आयुर्वेद की मानें, तो दही खाने से हमारे स्वास्थ्य को कई सारे लाभ मिलते हैं। जैसे दही का सेवन करने से पाचन क्षमता में सुधार होता है, इम्यूनिटी बूस्ट होती है और वजन को मैनेज करने में भी मदद मिलती है। इस तरह देखा जाए, तो हर व्यक्ति को चाहिए कि वे दही को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाएं। दही का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बैलेंस रहता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी बूस्ट होती है और गट हेल्थ में भी सुधार होता है। बहरहाल, आपने सुना होगा कि दही का सेवन करने से वात दोष बढ़ सकता है। तो क्या वाकई ऐसा होता है? इस बारे में रामहंस चैरिटेबल अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे आयुर्वेदचार्य डॉ. श्रेय शर्मा (Dr. Shrey Sharma, Ayurvedacharya, Sirsa) से जानते हैं।

क्या वाकई दही खाने से वात दोष बढ़ता है?- Does Eating Curd Increase Vata Dosha In Hindi

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आयुर्वेद के अनुसार दही का सेवन करना बहुत अच्छा होता है। लेकिन, सवाल ये है कि क्या इसका सेवन करने से वात दोष बढ़ता है? इस बारे में एक्सपर्ट का कहना है, "दही का सेवन करने से वात दोष को संतुलित करने में मदद मिलती है। लेकिन, अगर इसका सेवन सही तरह से नहीं किया जाए, तो कफ और पित्त को यह बढ़ा सकता है। दही का स्वाद हल्का खट्टा होता है। इस वजह से यह वात को संतुलित रखता है। लेकिन इसकी ठंडी प्रकृति के कारण यह कफ और पित्त को अंसतुलित कर सकता है।" कुल मिलाकर आप कह सकत हैं कि दही का सेवन वात दोष में किया जाना पूरी तरह सही है।

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किन लोगों को दही का सेवन नहीं करना चाहिए?-  Who Should Avoid Eating Curd In Hindi

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कमजोर पाचन

आयुर्वेद की मानें, तो दही का सेवन पाचन संबंधी समस्या को दूर करने के काम आता है। लेकिन, अगर आपकी पाचन क्षमता कमजोर है, तो इस स्थिति में दही का सेवन नही ंकिया जाना चाहिए। दरअसल, जिन लोगों को पहले से ही एसिडिटी और पाचन की दिक्कत रहती है, उनके लिए दही का सेवन करने से समस्या ट्रिगर हो सकती है और कंडीशन बिगड़ सकती है।

सर्दी-जुकाम

जिन लोगों को सर्दी-जुकाम की दिक्कत है, उन्हें दही का सेवन नहीं करना चाहिए। असल में, दही का सेवन करने से बलगम बढ़ सकता है, छाती में जकड़न हो सकती है और सर्दी-जुकाम जैसी कंडीशन भी बिगड़ सकती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे दही का सेवन न करें। साथ ही, अस्थमा के मरीजों को भी इससे दूर रहना चाहिए। क्योंकि इसकी वजह से खांसी की दिक्क्त भी बढ़ जाती है।

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एलर्जी

अगर किसी को दूध या दूध के बने प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। दही खाने से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है, जो सेहत को बिगड़ सकती है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए दूध या दही जैसी चीजों का सेवन न करें। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों को किडनी से संबंधित समस्या है, उन्हें भी दही के सेवन से दूर रहना चाहिए या बहुत कम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए।

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FAQ

  • क्या दही वात दोष के लिए अच्छा है?

    कई लोग दही की तासीर ठंडा मानते हैं। जबकि, ऐसा नहीं है। आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर गर्म होती है। यह वात का संतुलित रखता है। इसका मतलब है कि दही को वात दोष के लिए अच्छा माना जाता है।
  • क्या खाने से वात रोग होता है?

    कई ऐसी चीजें हैं, जो वात रोग को बढ़ा सकती है।, जैसे शराब का सेवन, फ्रक्टोज युकत मीठी चीजें, ड्रिंक्स मीट और सी-फूड्स।
  • कौन सी बीमारी में दही नहीं खाना चाहिए?

    सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट संबंधी समस्या, पाचन से जुड़ी परेशानियां होने पर दही का सेवन करने से बचना चाहिए।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 18, 2025 17:34 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Nov 18, 2025 17:34 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 18, 2025 17:34 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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