Herbal Drink For Cold And Cough To Children In Hindi: मौसम में बदलाव या सर्दी के मौसम में अक्सर बच्चों को सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं हो जाती हैं। अक्सर माता-पिता इन समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए बच्चों को क्या पिलाएं? ऐसे में आइए मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता (Dr. Kiran Gupta, Yoga, Naturopathy, Nutrition and Ayurveda Specialist, Professor at Mewar University and Senior Physician at Naturopathy Hospital, Bapunagar, Jaipur) से जानें बच्चों की सर्दी-खांसी होने पर कौन-सी हर्बल ड्रिंक पीलानी चाहिए?
बच्चों की सर्दी-खांसी से राहत के लिए हर्बल ड्रिंक - Herbal Drinks To Relieve Cold And Cough In Children In Hindi
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, बच्चों की सर्दी-खांसी की समस्या से राहत के लिए औषधीय गुणों से भरपूर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनसे बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने, बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव करने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
अदरक और शहद का रस पिलाएं
बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए अदरक के रस को निकालकर इसमें शहद को मिलाकर पिलाया जा सकता है। बता दें, अदरक और शहद दोनों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटर के गुण होते हैं। ऐसे में इनका सेवन करने से गले की सूजन को कम करने, गले की खराश को कम करने, बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
इसे भी पढ़ें: सर्दी-खांसी में अदरक-शहद का पानी क्या सच में झट से असर करता है? डॉक्टर से जानें
-1769534580332.jpg)
तुलसी का काढ़ा पिलाएं
बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए तुलसी का काढ़ा पिलाया जा सकता है। तुलसी के काढ़े में अच्छी मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के गुण होते हैं। ऐसे में तुलसी और काली मिर्च के काढ़े का सेवन करने से गले की सूजन, खराश और जलन को कम करने में मदद मिलती है, साथ ही, इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव करने में मदद मिलती है।
हल्दी दूध पिलाएं
बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी दूध का सेवन कराया जा सकता है। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक हल्दी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। ऐसे में रात को सोने से पहले बच्चों को हल्दी दूध पिलाने से गले की सूजन को कम करने, बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करने, सर्दी में आराम देने, गले की खराश और दर्द को कम करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, बीमारियों से बचाव करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
यह भी पढ़ें- बच्चों में बार-बार सर्दी-खांसी क्यों बढ़ा देती है अस्थमा का रिस्क? डॉक्टर से जानें मैनेज करने के तरीके
मुलेठी का पानी पिलाएं
बच्चों का सर्दी-खांसी की समस्या से बचाव करने के लिए 1 गिलास गर्म पानी में मिलाकर दिन में 2 बार इसका पानी पिलाएं, लेकिन सीमित मात्रा में। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से भरपूर मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। इससे बच्चों की सर्दी-खांसी की समस्या को कम करने, गले की खराश, सूजन और जलन को कम करने में मदद मिलती है।
सावधानियां
इन ड्रिंक्स का सेवन सीमित मात्रा में कराएं। बच्चों को किसी भी ड्रिंक से एलर्जी होने पर इनको ये ड्रिंक न पिलाएं। इसके अलावा, बच्चों को सर्दी-खांसी या गले में दर्द होने जैसी अधिक समस्या महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।
निष्कर्ष
बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक और औषधीय गुणों से भरपूर अदरक और शहद का रस, तुलसी का काढ़ा, मुलेठी का पानी और हल्दी दूध जैसी ड्रिंक्स को पिलाया जा सकता है। इनसे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करने और इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, इन ड्रिंक्स को बच्चों को सीमित मात्रा में ही पिलाएं। बच्चों को सर्दी-खांसी और गले में दर्द होने की अधिक समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
छोटे बच्चों को सर्दी-खांसी में क्या देना चाहिए?
छोटे बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए शहद को खिलाया ज सकता है। इसके लिए शहद को हल्के गर्म पानी में मिलाकर भी दिया जा सकता है। शहद में एंटी-बैक्टीरिल के गुण होते हैं, जिससे खांसी और सर्दी को कम करने में मदद मिलती है।बच्चों को सर्दी-खांसी होने पर क्या होता है?
बच्चों को सर्दी-खांसी होने पर उनको खांसी होने, नाक और गले के बंद होने, हल्का बुखार होने, सिर में दर्द होने, शरीर में दर्द होने, कानों में हल्का दर्द होने, चिड़चिड़ापन होने, सीने में जकड़न होने, सूखी खांसी होने, नाक बहने, बार-बार छींक आने, गले में खराश होने और बलगम वाली खांसी होने की समस्या हो सकती है।बच्चों को सर्दी-खांसी होने पर क्या करें?
बच्चों की सर्दी-खांसी को कम करने के लिए उनको आराम कराएं, भाप दिलाएं, गुनगुना पानी पिलाएं, सूप पिलाएं, गर्म लिक्विड डाइट दें और बैलेंस डाइट लें। इससे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है, लेकिन ध्यान रहे, बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 27, 2026 22:55 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jan 27, 2026 22:55 IST
Modified By : Priyanka SharmaJan 27, 2026 22:55 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Kiran Gupta