Fri Sep 11, 2026 | 09:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

इस 1 देसी उपचार से मैंने पाया ब्रोंकाइटिस में लगातार आती खांसी पर कंट्रोल, कंजेशन में भी आई कमी

Lemon and Honey in Bronchitis: ब्रोंकाइटिस में कुछ घरेलू उपचार बेहद कारगर तरीके से काम करते हैं और ऐसे ही इस नुस्खे ने मेरे लिए काम किया। आइए, जानते हैं कफ में नींबू और शहद कैसे फायदेमंद है। 

Lemon and Honey in Bronchitis: मुझे ब्रोंकाइटिस है। ब्रोंकाइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें ब्रोंकाइल नली में सूजन की समस्या हो जाती है और इस वजह से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। दिल्ली-NCR में रहते हुए ये दिक्कत मुझे हर साल सर्दियों में परेशान करती है और लंबे समय तक बनी रहती है। डॉक्टर के कहने पर मुझे एंटीबायोटिक्स लेने पड़े और इसका असर सेहत पर काफी गहरा पड़ा। एंटीबायोटिक्स की वजह से कब्ज की समस्या होने लगी और पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें परेशान करने लगीं। ऐसे में मेरी सास ने एक घरेलू नुस्खा शेयर किया जिसने सीने में जमा कफ की सफाई करने में बेहद कारगर तरीके से काम किया। मेरी सास ने बताया कि रोजाना रात में सोते समय 1 चम्मच शहद में नींबू का रस मिलाकर लेना ब्रोंकाइटिस से आराम दिला सकता है। आइए, एक्सर्ट Ayurvedic Dr. Shrey Sharma of Shri Ram Hans Charitable Hospital, Sirsa, Haryana से जानते हैं कफ में नींबू और शहद का इस्तेमाल कितना कारगर है और फिर जानेंगे Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangalore से ब्रोंकाइटिस की समस्या हो तो किन बातों का रखें ध्यान?

हर रात सोते समय 1 चम्मच शहद में नींबू का रस मिलाकर लिया-lemon and honey for cough in bronchitis

Ayurvedic Dr. Shrey Sharma कहते हैं कि 1 चम्मच शहद में नींबू का रस मिलाकर इस्तेमाल करना ब्रोंकाइटिस में उतना कारगर नहीं है लेकिन आप इसे आजमा सकते हैं। दरअसल, नींबू और शहद ब्रोंकाइटिस से संबंधित खांसी को शांत करने और गले की जलन को कम करने के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचार हैं। शहद खांसी को दबाने और सूजन कम करने का काम करता है, जबकि नींबू विटामिन सी प्रदान करता है और बलगम को पतला करने में मदद करता है। 1-2 बड़े चम्मच शहद को आधे नींबू के रस के साथ मिलाकर लें।

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ब्रोंकाइटिस के लिए नींबू और शहद के फायदे

Shrey Sharma कहते हैं कि शहद एक प्राकृतिक शमनकारी के रूप में काम करता है, जो गले को ढककर, नमी प्रदान करता है और जलन को कम करने में मददगार है। यह मिश्रण कफ को तोड़ने में मदद करता है, जिससे इसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। ये श्वसन मार्ग में सूजन को कम करने में मदद करते है जिससे फेफड़ों को राहत मिलती है। इतना ही नहीं, शहद एंटी बैक्टीरियल है जो खांसी पैदा करने वाले संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है। ये फेफड़ों को साफ करता है और गले की खराश से राहत दिलाता है। यह संयोजन खांसी से जुड़ी गले की खराश के दर्द को कम करने में अत्यधिक प्रभावी है जिससे ब्रोंकाइटिस से राहत मिलती है।

 Lemon and Honey in Bronchitis

तो Pulmonologist Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि किसी को बार-बार ब्रोंकाइटिस होता है तो प्रदूषित हवा, धूल और तेज रासायनिक गंध से बचने की कोशिश करनी चाहिए। ये खांसी और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं। इंफेक्शन से बचने के लिए नियमित रूप से साफ सफाई का ध्यान रखें। इसके अलावा सर्दी और फ्लू से बचने के लिए टीका लगवाएं। साथ ही डाइट में फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज को शामिल करें और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें ताकि आपको कंजेशन की समस्या न परेशान करे। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि बलगम पतला रहे और फेफड़ों से आसानी से निकल जाए। अगर ठंडे पानी से खांसी होती है, तो गुनगुना पानी पिएं। हर रात सोने से पहले कुछ हर्बल टी लें जो कि फेफड़ों को गर्मी देने के साथ बलगम साफ करने में मददगार हो।

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इस प्रकार से फेफड़ों के लिए इन दोनों ही चीजों ने कारगर तरीके से काम किया और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद की। आप भी अपने फेफड़ों में जमा कफ को साफ करने के लिए इन दोनों टिप्स को फॉलो कर सकते हैं जो कि इस स्थिति में मेरे लिए मददगार रहे और आपके लिए भी हो सकता है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 29, 2026 18:43 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 29, 2026 18:43 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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