Fri Sep 11, 2026 | 07:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay Singhal , Dermatologist

चिलब्लेंस से जल्दी कैसे छुटकारा पाएं? जानें फिटकरी का ये उपाय

सर्दियों में लोगों को चिलब्लेंस की समस्या बहुत ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों को नींद में भी पैरों में खुजली होती है। ऐसे में फिटकरी के इस घरेलू उपचार को अपनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

सर्दियां अपने साथ सेहत से जुड़ी कई सारी समस्याएं लाती हैं। इस मौसम में जहां, लोग स्किन की समस्याओं से परेशान रहते हैं वहीं पैरों में पाले मार जाते हैं यानी कि पैरों में ठंड लगने की समस्या हो जाती है। इस समस्या की वजह पैरों में सूजन के साथ खुजली होने लगती है और ये दिक्कत बढ़ती जाती है। स्किन का रंग नीला पड़ जाता है और धीमे-धीमे स्किन की बनावट प्रभावित होने लगती है। ऐसी स्थिति में खुजली और सूजन को कम करने के लिए लोग कुछ घरेलू (home remedies for chilblains) की मदद लेना चाहते हैं और ऐसे में आप फिटकरी का प्रयोग कर सकते हैं। आपको फिटकरी से करना क्या है और इसके क्या फायदे हैं, जानते हैं इस बारे में Dr. Vijay Singhal, Senior Consultant Dermatology Shri Balaji Action Medical Institute Delhi से।

चिलब्लेंस से जल्दी कैसे छुटकारा पाएं-Fitkari remedies for chilblains

Dr. Vijay Singhal बताते हैं कि चिलब्लेंस यानी हाथ-पैरों में सूजन या जलन जैसी समस्या अक्सर मौसम, पोषण या इम्यून सिस्टम की कमजोरी के कारण होती है। फिटकरी एक प्राकृतिक उपाय के रूप में काम कर सकती है। इसे हल्का गर्म पानी में घोलकर प्रभावित हिस्सों पर लगाने से त्वचा में सूजन कम होती है और जीवाणु संक्रमण का खतरा भी घटता है।

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फिटकरी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं

चिलब्लेंस की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल बेहद कारगर हो सकता है। दरअसल, फिटकरी त्वचा को साफ करती है और पैरों की खुजली कम करती है। जिन लोगों के पैरों में चिलब्लेंस की वजह से खुजली वाले छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं उनके लिए फिटकरी का इस्तेमाल बेहद कारगर हो सकता है। फिटकरी से इन दानों में कमी है और अगर इनमें पानी भी भर गया हो तो भी फिटकरी का एंटीसेप्टिक गुण काम करता है।

fitkari remedies for chilblains

एंटी इंफ्लेमेटरी है फिटकरी

फिटकरी, एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है यानी कि इसका इस्तेमाल जलन या खुजली में राहत देते हैं। दरअसल, होता ये है कि चिलब्लेंस की समस्या में पैरों में सूजन होती है और खुजली के साथ जलन बनी रहती है। ऐसे में फिटकरी का इस्तेमाल इन दोनों ही लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है और इनसे राहत दिलाता है।

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चिलब्लेंस में कैसे करें फिटकरी का इस्तेमाल-How to use Fitkari for chilblains

चिलब्लेंस में आप फिटकरी का इस्तेमाल काफी व्यापक ढंग से कर सकते हैं। आपको करना ये है कि फिटकरी को तोड़कर इसे बारीक-बारीक पाउडर बना लें। फिर गर्म पानी में इस पाउडर को डालकर एक घोल तैयार करें और इस घोल में अपने पैरों को डाल लें। लगभग दिन में 2 से 3 बार आधे घंटे तक पैरों की इस प्रकार से सिकाई करें। अगर आपको दिन में समय नहीं मिल पा रहा है तो रात के समय सोने से पहले ये काम करके जरूर सोएं। रेगुलर इसे करने से आपको इस नुस्खे फायदा मिलेगा। हालांकि, इसका इस्तेमाल हफ्ते में 2–3 बार करना पर्याप्त होता है लेकिन ज्यादा दिक्कत है तो दिन में 2 से 3 बार फिटकरी के पानी का इस्तेमाल करें।

अंत में डॉ. सिंघल बताते हैं कि इसके साथ ही, पर्याप्त पानी पिएं, तैलीय या मसालेदार भोजन कम करें और प्रभावित हिस्सों को साफ और सूखा रखें। अगर चिलब्लेंस लगातार बने रहे या दर्द बढ़े, तो किसी त्वचा विशेषज्ञ या फिजिशियन से तुरंत सलाह लेना चाहिए। ताकि दिक्कत जब कम हो तो सही से इलाज हो जाए और आप इस समस्या से जल्दी रिकवर हो जाएं।

FAQ

  • चिलब्लेंस कैसे ठीक करें?

    चिलब्लेंस को ठीक करने के लिए आप अपने पैरों पर हल्दी और सरसों के तेल का लेप लगा सकते हैं जो कि इस समस्या में बेहद कारगर माना जाता है। ये खुजली कम करने के साथ दर्द से राहत दिलाने में मददगार है।
  • ठंड में पैरों में खुजली क्यों होती है?

    ठंड में पैरों में खुजली का एक बड़ा कारण है ब्लड सर्कुलेशन का धीमा हो जाना जिस वजह से उस अंग को ठंड लग जाती है और लोगों को तेज खुजली, सूजन के साथ दिक्कत महसूस होती है।
  • चिलब्लेन्स के क्या लक्षण हैं?

    चिलब्लेन्स के लक्षण कई हैं। सबसे पहले तो आपके पैरों में रेडनेस के साथ खुजली और सूजन नजर आ सकती है। दूसरा, आपको प्रभावित हिस्से में बार-बार दर्द और जलन महसूस हो सकता है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 29, 2026 15:48 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 29, 2026 15:48 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Vijay Singhal

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