Wed Nov 4, 2026 | 04:16 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ritambhra Bhalla , Obstetrician and Gynaecologist - Cloudnine Hospital, Chandigarh

प्रेग्नेंसी में खराब AQI कितना खतरनाक? डॉक्टर से जानें मां और गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रदूषण के 5 असर

खराब AQI में प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है, क्योंकि इससे मां और भ्रूण दोनों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए बढ़ते प्रदूषण के कारण गर्भवती महिलाओं को बाहर निकलने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रेग्नेंसी में खराब AQI कितना खतरनाक? डॉक्टर से जानें मां और गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रदूषण के 5 असरप्रेग्नेंसी में खराब AQI कितना खतरनाक? डॉक्टर से जानें मां और गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रदूषण के 5 असर

दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 पार हो चुका है और ऐसे में लोगों को सांस से जुड़ी समस्याएं, आंखों में जलन और स्किन की परेशानी हो रही है। ऐसे हालात में प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ते प्रदूषण से न सिर्फ मां को, बल्कि गर्भ में पल रहे है शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है। खराब AQI की वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं को क्या नुकसान हो सकता है? यह जानने के लिए हमने Dr. Ritambhra Bhalla, Obstetrician and Gynaecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Chandigarh से बात की। Dr. Ritambhra Bhalla ने कहा कि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे छोटे कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं। इनमें PM2.5 के कण इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों के अंदर तक जा सकते हैं। इससे मां के शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है।

प्रेग्नेंसी में खराब AQI से मां और शिशु पर क्या असर हो सकता है?

Seminar Perinatology के मुताबिक, इस समय दुनिया की करीब 99% आबादी दूषित हवा में रह रही है। इससे गर्भवती महिलाओं को हाइपरटेंशन, पोस्टपॉर्टम डिप्रेशन, गर्भाशय की दीवार से प्लेसेंटा का समय से पहले अलग हो सकता है।

Dr. Ritambhra Bhalla ने भी कहा कि खराब AQI के कारण गर्भवती महिलाओं को सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

1. समय से पहले हो सकता है शिशु का जन्म

The Stockholm Environment Institute (SEI) के अनुसार, 183 देशों में करीब 34 लाख शिशु समय से पहले जन्म लेते हैं और इसका कारण PM 2.5 हो सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर अफ्रीका, उत्तरी अफ्रीका, दक्षिण और पूर्वी एशिया में देखा जाता है। Dr. Ritambhra Bhalla ने बताया कि प्रेग्नेंट महिलाएं लंबे समय तक प्रदूषण में रहती हैं, उनमें समय से पहले प्रसव होने का रिस्क बढ़ सकता है।

2. जन्म के समय शिशु का वजन कम होना

Dr. Ritambhra Bhalla ने कहा, “गर्भ में शिशु का सही तरीके से विकास होना बहुत जरूरी है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान अगर AQI लगातार खराब रहता है, तो जन्म के समय शिशु का वजन कम हो सकता है और इससे भ्रूण के विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को बढ़ते प्रदूषण में खास सावधानियां बरतनी चाहिए।”

3. गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क

Dr. Ritambhra Bhalla ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान खराब AQI में रहने से महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। अगर महिलाओं को पहले से ही प्रेग्रेंसी में हाई बीपी की समस्या है, तो उन्हें प्रदूषण के दौरान ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। हालांकि, अगर महिला लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहती है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का रिस्क हो सकता है।

Impact of pollution in pregnancyImpact of pollution in pregnancy

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4. प्रेग्नेंसी में अस्थमा की दिक्कत

American Pregnancy Association के अनुसार, खराब AQI के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं में अस्थमा की समस्या काफी बढ़ सकती है। कई बार महिलाओं को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। इसलिए अगर प्रदूषण के कारण महिलाओं को अस्थमा या सांस लेने में दिक्कत हो, तो सही इलाज के जरिए मां और शिशु दोनों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है।

5.प्रेग्नेंसी में अन्य समस्याएं

Dr. Ritambhra Bhalla ने कहा, “खराब AQI के कारण गर्भवती महिलाओं को खांसी, गले में जलन, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर इलाके में प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया है, तो प्रेग्नेंट महिलाओं को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

प्रेग्नेंसी में वायु प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

Dr. Ritambhra Bhalla ने कहा कि वैसे तो प्रदूषण से बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती है।

  • प्रेग्नेंट महिलाओं को बाहर जाने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चेक करने की आदत डालनी चाहिए। अगर बाहर AQI ज्यादा है, तो बाहर निकलने से बचना चाहिए।
  • अगर बाहर निकल रही है, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनना चाहिए।
  • प्रेग्नेंसी में हल्की फिजिकल एक्टिविटी करना जरूरी है। इसलिए बाहर निकलने के बजाय घर के अंदर ही हल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  • घर के अंदर अगरबत्ती, मच्छर भगाने वाली कॉइल या स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए।
  • अगर जरूरत हो, तो घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अगर प्रेग्नेंट महिला को खांसी या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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निष्कर्ष
बढ़ते प्रदूषण में प्रेग्नेंट महिलाओं को खान-पान का भी खास ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा, महिलाओं को पर्याप्त आराम करना चाहिए और अगर किसी भी तरह दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सही समय पर सलाह और इलाज मिलने पर मां और भ्रूण को नुकसान से बचाया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या गर्भावस्था के दौरान साधारण कपड़े का मास्क प्रदूषण से पर्याप्त सुरक्षा देता है?

    कपड़े या सर्जिकल मास्क के रेशों के बीच का गैप PM2.5 जैसे कण नहीं रूक पाते, जबकि N95 या FFP2 रेस्पिरेटर पहनना बेहतर रहता है।  
  • क्या प्रदूषण के कारण गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या बढ़ सकती है?

    बढ़ते प्रदूषण में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड सांस के जरिए फेफड़ों से खून में घुलकर हीमोग्लोबिन के साथ चिपक जाती है और कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को घटा देता है। इसके चलते पर्याप्त आयरन लेने के बावजूद शरीर के टिश्यू और भ्रूण तक ऑक्सीजन की सप्लाई कमजोर पड़ सकती है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 04, 2026 15:45 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Ritambhra Bhalla