Fri Oct 30, 2026 | 07:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

प्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत रख सकते हैं? अगर रख रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

अहोई अष्टमी व्रत के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेंसी में महिलाओं को निर्जला व्रत से बचें और डॉक्टर की सलाह पर फलाहार व पर्याप्त आराम करें ताकि मां और शिशु दोनों हेल्दी रहें।
प्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत रख सकते हैं? अगर रख रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यानप्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत रख सकते हैं? अगर रख रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

अहोई अष्टमी का हिंदू धर्म में खास महत्व है। यह व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं, लेकिन जब बात गर्भवती महिलाओं की आती है तो मन में कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। क्या प्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत रखना सुरक्षित है? क्या प्रेग्नेंट महिलाएं निर्जला व्रत रख सकती हैं? प्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत कैसे करें? अगर कोई महिला प्रेग्नेंसी में व्रत रख रही है तो उसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए इस लेख में आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानते हैं।

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान अहोई अष्टमी का व्रत रख सकते हैं?

डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत सबसे ज्यादा जरूरी होती है। इसलिए, इस समय महिलाओं का निर्जला रहना या पूरे दिन भूखे रहकर व्रत रखने की सलाह नहीं दी जाती है। प्रेग्नेंसी में शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा पोषक तत्वों, पानी और एनर्जी की जरूरत होती है। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से कमजोरी, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और ब्लड शुगर कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, प्रेग्नेंट महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखते हुए व्रत के नियमों में थोड़ा बदलाव करना चाहिए।

साल 2021 में Journal Of Nutritional Science जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान सही हाइड्रेशन एम्नियोटिक द्रव के संतुलन को बनाए रखने के लिए जरूरी है। पानी का सेवन कम होने से एम्नियोटिक द्रव की कमी हो सकती है, जो भ्रूण की स्थिति और विकास को प्रभावित करती है।

इसे भी पढ़ें: Ahoi Ashtami 2026: अहोई अष्टमी व्रत खोलते समय क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें एक्सपर्ट से

अहोई अष्टमी का व्रत रखते समय इन बातों का रखें ध्यान

डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत रखते समय प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए।

1. प्रेग्नेंसी में निर्जला व्रत रखने से बचें

अहोई अष्टमी का व्रत ज्यादातर महिलाएं निर्जला रखती हैं। इस दौरान वे सूर्योदय से लेकर शाम को तारें देखने के बाद ही पानी पीती हैं, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। प्रेग्नेंसी में शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है। पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, प्रेग्नेंसी में निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए।

2. व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें

प्रेग्नेंसी में हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है। कुछ महिलाओं की प्रेग्नेंसी नॉर्मल होती है, जबकि कुछ को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एनीमिया या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में व्रत रखने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें। खासकर अगर आपकी प्रेग्नेंसी हाई रिस्क है या कोई कॉम्प्लीकेशन हो।

3. व्रत के दौरान फल और पौष्टिक आहार लें

अगर डॉक्टर ने आपको व्रत रखने की परमिशन दी है तो पूरे दिन भूखे रहने के बजाय फलाहार करें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व और एनर्जी मिलती है। आप अपने व्रत के दौरान ताजे फल, दूध, दही, मखाने, नारियल पानी आदि का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि भोजन की मात्रा आपकी सेहत, प्रेग्नेंसी के स्टेज और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।

ahoi-ashtami-fast-in-pregnancyahoi-ashtami-fast-in-pregnancy

4. ज्यादा देर तक भूखे न रहें

प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर का लेवल कम हो सकता है। इसलिए, व्रत के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाती रहें। अगर आपको डॉक्टर ने नियमित अंतर पर भोजन करने या दवाइयां लेने की सलाह दी है तो उसका पालन जरूर करें।

5. ज्यादा मेहनत और भागदौड़ करने से बचें

अहोई अष्टमी के दिन घरों में पूजा की तैयारियां की जाती हैं। महिलाएं घर की सफाई, पूजा की व्यवस्था और अन्य कामों में व्यस्त रहती हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी में महिलाएं इस दिन ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से बचने की कोशिश करें। लंबे समय तक खड़े रहें और भारी सामान उठाने से बचें।

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में व्रत रखने के कारण हो रही है गैस की समस्या? जानें बचाव के 4 टिप्स

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि व्रत के दौरान अगर आपको चक्कर आना, बहुत ज्यादा कमजोरी, सिरदर्द, धड़कन तेज होना, बेहोशी जैसा महसूस होना या लगातार उल्टी होने जैसी परेशानी हों तो व्रत तुरंत तोड़ दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें। इसके अलावा, अगर गर्भ में शिशु की हलचल महसूस होने लगी है और उसकी गतिविधियों में कमी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में अहोई अष्टमी का व्रत रखना है या नहीं, इसका फैसला हमेशा अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। प्रेग्नेंसी में निर्जला व्रत या लंबे समय तक भूखे रहना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए अपनी आस्था बनाए रखते हुए फलाहार करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सही तरह से शरीर को आराम दें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या गर्भवती महिलाओं को निर्जला उपवास रखना चाहिए?

    नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान निर्जला व्रत रखना मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और ब्लड प्रेशर लो होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • व्रत के दौरान गर्भवती महिलाएं फलाहार में क्या-क्या खा सकती हैं?

    व्रत के दौरान शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए आप फलाहार में फल, दूध, दही, मखाने, बादाम-अखरोट आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं। लंबे समय तक भूखा रहने के बजाय हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा कुछ न कुछ खाते रहें।

Read Next

→ करवाचौथ पर प्रेग्नेंट महिलाएं रख रही हैं निर्जला व्रत, तो शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 30, 2026 16:33 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Chanchal Sharma