नवरात्रि के व्रत के दौरान सेब, आंवला, सिंघाड़ा, बेर, सीताफल, अनार, नाशपाती, नारियल जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। व्रत के दौरान खट्टे फल जैसे कीवी, संतरा, अमरूद वगैरह से परहेज करें। नवरात्रि के व्रत में फल खाने से शरीर को एनर्जी, पानी, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं। हालांकि, व्रत के दौरान सिर्फ फल खाने या लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लोगों को कमजोरी, एसिडिटी या ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव की समस्या हो सकती है। इसलिए फल चुनने के साथ-साथ उनकी मात्रा और खाने के तरीके का ध्यान रखना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि व्रत में किन फलों का सेवन करें और किनसे परहेज करें? बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
नवरात्रि व्रत में फलों का चुनाव और उनकी सही मात्रा
| फल | सही मात्रा | खाने का सही समय | खाने का सही तरीका | किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए? | |
| 1 | सेब | एक छोटा या मध्यम सेब, लगभग 100 से 120 ग्राम। | सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर में। | सेब को अच्छी तरह से धोकर छिलके समेत खा सकते हैं। | किडनी के मरीज या जिन मरीजों को सेब खाने से पेट फूलने की शिकायत होती है। |
| 2 | आंवला | एक छोटा आंवला या लगभग 20 से 30 ग्राम | सुबह या दिन में भोजन के साथ। | अच्छी तरह धोकर और काटकर खाएं। | एसिडिटी या खट्टे खाद्य पदार्थों से परेशानी होने पर सावधानी बरतें। |
| 3 | सिंघाड़ा | 100 से 120 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | धोकर कच्चा खा सकते हैं। उबालकर खाना बेहतर विकल्प है। | जिन लोगों को सिंघाड़े से एलर्जी हो। |
| 4 | बेर | करीब 100 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | पके हुए बेर अच्छी तरह धोकर खाएं और बीज निकाल दें। | डायबिटिक मरीज ज्यादा पके बेर खाने से बचें। |
| 5 | सीताफल | 75 से 90 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | बीज को निकालकर फल खाएं। | इसमें प्राकृतिक शुगर होती है इसलिए डायबिटिक मरीज मात्रा में सावधानी बरतें। |
| 6 | अनार | आधा मध्यम अनार या 80 से 100 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | अनार का जूस पीने के बजाय साबुत दाने खाएं। | लो बीपी की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेकर सेवन करें। |
| 7 | नाशपाती | एक छोटी नाशपाती या 100 से 120 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | इसे धोकर छिलके समेत खाएं। | ज्यादा मात्रा में खाने से पाचन खराब हो सकता है। |
| 8 | नारियल | 20 से 30 ग्राम। | सुबह या दोपहर में। | ताजा नारियल छोटे टुकड़ों में काटकर खाएं। | जिन्हें किडनी की समस्या है या नारियल से एलर्जी है। |
1. सेब
सेब में फाइबर और पेक्टिन नाम का खास यौगिक मौजूद होता है। इसे खाकर पेट भरा हुआ महसूस होता है और पाचन भी बेहतर होता है इसलिए इसे लोग व्रत में खाना पसंद करते हैं।
साल 2016 में EXCLI Journal में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, सेब में डाइटरी फाइबर, विटामिन, मिनरल और पॉलीफेनॉल जैसे एक्टिव यौगिक पाए जाते हैं। स्टडी में बताया गया है कि सेब का सेवन मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
2. आंवला
आंवला विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। इसे खाने से आयरन के एब्जॉर्ब होने की क्षमता बेहतर होती है। बदलते मौसम में आंवला को डाइट में शामिल करके इंफेक्शन और बीमारियों से बचने में मदद मिल सकती है।
3. सिंघाड़ा
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सिंघाड़े में कार्ब्स, फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। सिंघाड़ा खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और पाचन भी बेहतर होता है।
4. बेर
बेर पारंपरिक देसी फल है। इसमें विटामिन सी, फाइबर और अन्य फायदेमंद यौगिक पाए जाते हैं। बेर खाने से व्रत के दौरान पाचन को सामान्य रखने में मदद मिल सकती है।
5. सीताफल
सीताफल को शरीफा भी कहा जाता है। इसे व्रत में शामिल कर सकते हैं। सीताफल में कार्ब्स, फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसे खाने से शरीर को ताकत मिलती है और कमजोरी एवं थकान दूर होती है।
6. अनार
अनार में फाइबर, विटामिन सी और पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। अनार में फाइबर होता है इसलिए पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसे व्रत में शामिल कर सकते हैं।
7. नाशपाती
नाशपाती में पानी और फाइबर होता है। इसे खाने से आहार में फाइबर बढ़ता है और मल त्याग की प्रक्रिया आसानी होती है और व्रत में कब्ज या गैस की समस्या से बचाव होता है।
8. नारियल
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नारियल में फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। इसे खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और व्रत के दौरान कमजोरी नहीं महसूस होती है।
इन सभी फलों को नवरात्रि व्रत में शामिल कर सकते हैं। अगर फल से एलर्जी या पाचन संबंधित समस्या है, तो डॉक्टर से संपर्क करके ही फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं। साथ ही, फलों की मात्रा के लिए भी एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।
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डायटीशियन के अनुसार फलाहार करने का सही तरीका
फलों के अलावा व्रत में पौष्टिक चीजें भी खाएं
फल विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं, लेकिन इनमें प्रोटीन और फैट की कमी होती है। इसलिए फलाहार में व्रत के नियमों के अनुसार दूध, दही, पनीर, मेवे या मूंगफली जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। इससे भोजन ज्यादा संतुलित बनता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है।
फलों को खाली पेट खाना जरूरी नहीं है
फलों को सुबह खाली पेट खाना जरूरी नहीं है। आप इन्हें उस समय खा सकते हैं जब भूख लगे और पाचन के अनुकूल हो। गर्भावस्था, डायबिटीज, किडनी की बीमारी या नियमित दवाएं लेने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
जूस की जगह साबुत फल चुनें
साबुत फल खाने से फाइबर मिलता है। इसके विपरीत, जूस के जरिए कम समय में कई फलों की कैलोरी और प्राकृतिक शुगर शरीर में चली जाती है। इसलिए फलाहार में साबुत फलों का सेवन बेहतर विकल्प हैं।
डायबिटीज में फलाहार कैसे करें?
डायबिटीज होने पर फल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती, लेकिन फल की मात्रा और पूरे दिन में कार्ब्स और शुगर के सेवन पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर ही व्रत रखें और डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाओं या इंसुलिन में बदलाव न करें।
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व्रत के दौरान किस फल को खाने से बचें?
व्रत में विटामिन सी रिच फलों का सेवन करने से परहेज करें जैसे कीवी, संतरा, अमरूद वगैरह। एसिडिटी या गले में जलन की समस्या वाले लोगों को खट्टे फलों से परेशानी हो सकती है। एसिड रिफ्लक्स या खट्टे फल खाने से गले में जलन में हो सकती है।
व्रत में हाइड्रेशन और फलों का संतुलन
नवरात्रि के व्रत में खान-पान में बदलाव होने के कारण शरीर में पानी और एनर्जी की कमी हो सकती है। खासकर, जब आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते हैं, कम पानी पीते हैं या केवल फल खाकर व्रत रखते हैं, तो थकान, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के दौरान फलों के सेवन और शरीर में पानी के संतुलन का ध्यान रखा जाए। व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
निष्कर्ष:
नवरात्रि के व्रत के दौरान सेब, आंवला, सिंघाड़ा, बेर, सीताफल, अनार, नाशपाती, नारियल जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। व्रत के दौरान खट्टे फल जैसे कीवी, संतरा, अमरूद वगैरह से परहेज करें। नवरात्रि के व्रत में पानी और एनर्जी की कमी हो सकती है। इससे सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी हो सकती है। इसलिए व्रत के दौरान फलों का सेवन करने के साथ-साथ हेल्दी डाइट लेना और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना भी जरूरी है।
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FAQ
क्या नवरात्रि में ज्यादा फल खाने से वजन बढ़ सकता है?
जरूरत से ज्यादा फल खाने से टोटल कैलोरी बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, साबुत फलों में फाइबर होता है, जो पेट भरने में मदद करता है। जूस के बजाय साबुत फलों को प्राथमिकता दें।क्या व्रत में केला खाना सही है?
हां, केला व्रत में खाया जा सकता है। इसमें कार्ब्स और पोटैशियम होता है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है। डायबिटिक मरीजों को ज्यादा पका हुआ केला खाने के बजाय हल्का हरा केला खाना चाहिए।
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Oct 09, 2026 17:19 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh
