Fri Sep 18, 2026 | 04:02 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kamalesh A , Senior Consultant Physician - Internal Medicine

बिना ज्यादा काम किए भी रहती है कमजोरी और थकान? डॉक्टर से जानें कारण

बहुत कम शारीरिक काम करने के बावजूद अगर कमजोरी या थकान महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों। डॉक्‍टर से जानें कारण।

कुछ लोगों को ज्‍यादा काम क‍िए बगैर भी थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे एनीमिया, थायराइड, डायबिटीज, विटामिन की कमी, संक्रमण, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, नींद से जुड़ी समस्याएं, डिप्रेशन या एंग्जाइटी जैसी भावनात्मक समस्याएं भी कमजोरी और थकान का कारण बन सकती हैं। Dr. Kamalesh A, Senior Consultant Physician At Yashoda Hospitals, Secunderabad ने बताया क‍ि भले ही व्‍यक्‍त‍ि ने अध‍िक काम न क‍िया हो, लेक‍िन नींद पूरी न होना, शरीर में पानी की कमी, सही डाइट न लेना, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी भी थकान और कमजोरी की वजह हो सकती है। आइए इन कारणों को व‍िस्‍तार से समझते हैं।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, थकान और कमजोरी के पीछे क्रॉनिक किडनी डिजीज, हार्ट ड‍िजीज, हेपेटाइटिस ए, बी और सी, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज, ल‍िवर की बीमारी, पार्किंसन रोग, रूमेटाइड अर्थराइट‍िस जैसी बीमार‍ियां भी हो सकती हैं।

एनीम‍िया, थायराइड, डायब‍िटीज

weakness-and-fatigue

  • एनीम‍िया में हीमोग्‍लोब‍िन कम होने के कारण थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • हाइपोथायराइडिज्म में थायराइड हार्मोन कम होने के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है ज‍िसके कारण थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • डायब‍िट‍िक मरीजों को अक्‍सर ज्‍यादा प्‍यास, बार-बार पेशाब आने की समस्‍या होती है। कई बार जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कमजोरी बढ़ सकती है। वजन ज्‍यादा होने के कारण भी कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।

यह भी पढ़ें- महिलाओं में लगातार थकान क्यों रहती है? जानें इसके पीछे के 7 बड़े कारण

दवाओं का साइड इफेक्‍ट

कुछ ऐसी दवाएं भी होती हैं ज‍िसके कारण व्‍यक्‍त‍ि को अध‍िक नींद आती है, थकान और हाई डोज के कारण कमजोरी महसूस होती है। इनमें कुछ एलर्जी मेड‍िस‍िन और नींद की दवाएं शाम‍िल हैं। कई बार खाली पेट दवाएं लेने के कारण या गलत डोज लेने से भी दवा लेने के बाद थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

साल 2013 में European Journal Of Pharmacology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं लेने से कुछ लोगों को थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका असर अलग हो सकता है। ये दवाएं दिमाग को प्रभाव‍ित कर सकती हैं, जिसकी वजह से सुस्ती, थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है।

व‍िटाम‍िन्‍स की कमी बन सकती है थकान की वजह

कुछ पोषक तत्‍व और व‍िटाम‍िन्‍स ऐसे होते हैं ज‍िनकी कमी होने पर शरीर में थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। जैसे व‍िटाम‍िन बी12, फोलेट, व‍िटाम‍िन डी। हालांक‍ि, थकान या कमजोरी होने पर सीधे सप्‍लीमेंट्स का सेवन न शुरू करें, पहले जांच कराना जरूरी है।

इंफेक्‍शन और थकान का कनेक्‍शन

कई ऐसे इंफेक्‍शन हैं जो शरीर में प्रवेश करने के बाद थकान और कमजोरी का कारण बन सकते हैं जैसे वायरल इंफेक्‍शन, फ्लू, बुखार वगैरह। इंफेक्‍शन में अक्‍सर मरीजों को भूख कम लगना, सुस्‍ती, बॉडी पेन महसूस हो सकता है। कई बार इंफेक्‍शन ठीक होने के बाद कुछ समय तक कमजोरी बनी रह सकती है। इस दौरान हेल्‍दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है।

यह भी पढ़ें- रोज हेल्दी खाते हैं फिर भी कमजोरी? ये 7 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

नींद की कमी

शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के ल‍िए नींद जरूरी है। जब हम क‍िसी कारणवश कम होते हैं या नींद पूरी नहीं हो पाती है, तो सुस्ती, कमजोरी, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण नजर आते हैं।

ड‍िप्रेशन और एंग्‍जाइटी

ड‍िप्रेशन और एंग्‍जाइटी जैसी मानस‍िक समस्‍याओं का बुरा असर केवल मन नहीं बल्‍क‍ि शरीर पर भी पड़ सकता है। ड‍िप्रेशन और एंग्‍जाइटी के कारण व्‍यक्‍त‍ि की भूख, नींद, लाइफस्‍टाइल खराब हो सकती है। इस वजह से व्‍यक्‍त‍ि को थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

कमजोरी और थकान को कैसे दूर करें?

National Health Service, UK के मुताब‍िक, कमजोरी और थकान से बचने के ल‍िए धूम्रपान और अल्‍कोहल का सेवन न करें, सोने से पहले एक्‍सरसाइज, कैफीन या क‍िसी भी को खाने से बचें। यहां, तक क‍ि सोने से पहले स्‍मार्टफोन और स्‍क्रीन का इस्‍तेमाल भी नहीं करने की सलाह दी गई है।

  • प्रोटीन, आयरन, व‍िटाम‍िन बी12 युक्‍त चीजों का सेवन करें। अंडा, पालक, दही जैसे व‍िकल्‍पों को डाइट में शाम‍िल करें।
  • जरूरी व‍िटाम‍िन्‍स और म‍िनरल्‍स के ल‍िए फल और सब्‍ज‍ियां खाएं।
  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं और लो कैलोरी डाइट लेने से बचें।
  • स्‍ट्रेस से बचने के ल‍िए डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज और मेड‍िटेशन की मदद लें।
  • काम के बीच छोटे ब्रेक लें।
  • लगातार बैठे रहने से बचें और रोजाना हल्‍की वॉक करें।

शरीर में हो रहे इन बदलावों पर गौर करें

अगर कमजोरी इतनी ज्यादा है कि चलने, बोलने, सामान उठाने या सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। अपने लक्षणों का रिकॉर्ड भी रखें। इसमें अन‍िद्रा, डाइट, ली जा रही दवाएं और वजन कम होना, बुखार, चक्कर, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में परेशानी या मूड में बदलाव जैसी समस्याओं को नोट करें और इन पर गौर करें।

थकान और कमजोरी में ये जांच हो सकती हैं

लक्षणों के आधार पर डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ कुछ ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इनमें विटामिन लेवल की जांच, थायराइड टेस्‍ट, ब्‍लड शुगर लेवल टेस्‍ट और हीमोग्लोबिन टेस्ट शामिल हो सकते हैं।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

अगर थकान के साथ सीने में दर्द, बहुत ज्यादा सांस फूलना, बेहोशी, भ्रम, अचानक शरीर के एक तरफ कमजोरी या असामान्य ब्‍लीड‍िंग हो, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

इसके अलावा एनीमिया, थायरॉयड की समस्या, डायबिटीज, विटामिन की कमी, संक्रमण, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, नींद से जुड़ी समस्याएं और डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी भावनात्मक समस्याएं भी कमजोरी और थकान का कारण बन सकती हैं। चलने, बोलने, सामान उठाने या सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होने पर गौर करें। डॉक्‍टर व‍िटाम‍िन टेस्‍ट, थायराइड, ब्‍लड शुगर, हीमोग्‍लोब‍िन टेस्‍ट कराने की सलाह दे सकते हैं। थकान के अलावा सीने में दर्द, ज्‍यादा सांस फूलना, बेहोशी, भ्रम जैसी समस्‍या हो, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें। थकान और कमजोरी से बचने के ल‍िए प्रोटीन, आयरन युक्‍त फूड्स को डाइट में शाम‍िल करें, मेड‍िटेशन और योग की मदद लें, ड‍िहाइड्रेशन से बचें, काम के बीच ब्रेक लें और लगातार बैठे रहने की आदत से बचें।

image credit: magnific

FAQ

  • सुबह उठते ही कमजोरी क्‍यों महसूस होती है?

    नींद पूरी न होने, ड‍िहाइड्रेशन, देर रात भोजन, जैसे कारणों के चलते सुबह कमजोरी महसूस हो सकती है। 
  • क्‍या थकान होने पर अध‍िक चाय-काॅफी का सेवन सही है?

    चाय और कॉफी में कैफीन होता है ज‍िससे कुछ समय तक सतर्कता महसूस होती है, लेक‍िन इससे थकान का इलाज नहीं होता। ज्‍यादा कैफीन नींद को खराब कर सकता है।

Read Next

यूरिक एसिड बढ़ने पर रात में क्या नहीं खाना चाहिए? डिनर की ये गलतियां बढ़ा सकती हैं परेशानी

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 18, 2026 14:30 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kamalesh A

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content