Thu Sep 17, 2026 | 07:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

यूरिक एसिड बढ़ने पर रात में क्या नहीं खाना चाहिए? डिनर की ये गलतियां बढ़ा सकती हैं परेशानी

यूरिक एसिड बढ़ने पर रात के खाने में कुछ चीजों से परेशानी बढ़ सकती है। यहां डॉक्टर से जानिए,डिनर में किन फूड्स से बचना चाहिए और हाई यूरिक एसिड में डाइट कैसी रखें।

अगर आपकी रिपोर्ट में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ आया है, तो हो सकता है कि आप दिनभर खाने-पीने को लेकर सावधानी बरतते हों लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रात के खाने की कुछ छोटी-छोटी गलतियां भी आपकी परेशानी को बढ़ा सकती हैं? आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, सिर्फ किसी एक फूड को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। खाने की मात्रा, भोजन का समय, शराब या शुगर ड्रिंक्स का सेवन, शरीर का वजन और किडनी का फंक्शन जैसे कई कारक यूरिक एसिड से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए डिनर की थाली के साथ-साथ अपने पूरे डेली रूटीन पर ध्यान देना भी जरूरी है।

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा से जानिए कि यूरिक एसिड बढ़ने पर रात के खाने में किन गलतियों से बचना चाहिए, डिनर में किन विकल्पों को शामिल किया जा सकता है और किन परिस्थितियों में केवल डाइट में बदलाव पर्याप्त नहीं होता।

यूरिक एसिड में रात को क्या नहीं खाना चाहिए?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, हाई यूरिक एसिड पर डिनर को हल्का और बैलेंस रखना जरूरी है। हालांकि, किसी एक फूड को खाने से हर व्यक्ति में यूरिक एसिड तुरंत बढ़े, ऐसा जरूरी नहीं है। व्यक्ति की किडनी के फंक्शन, वजन, दवाओं और पूरी डाइट का भी इसमें असर होता है।

1. रात में ज्यादा नॉनवेज खाने से बचें

  • गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा सलाह देते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो रात के खाने में ज्यादा मात्रा में लाल मांस, ऑर्गन मीट जैसे लिवर और किडनी तथा कुछ सीफूड का सेवन सीमित करना चाहिए।
  • इनमें प्यूरीन की मात्रा ज्यादा हो सकती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, जिससे यूरिक एसिड बनता है।
  • खासकर अगर किसी व्यक्ति को पहले से गाउट के अटैक आते हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन फूड्स की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
  • रात में भारी नॉनवेज भोजन करने से पाचन पर भी ज्यादा दबाव पड़ सकता है।

2. शराब और शुगर ड्रिंक्स डिनर के साथ न लें

  • डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने पर शराब का सेवन खासतौर से ध्यान देने वाली बात है।
  • शराब शरीर में यूरिक एसिड के मेटाबॉलिज्म और उसके बाहर निकलने की प्रोसेस को प्रभावित कर सकती है।
  • इसलिए गाउट वाले लोगों को शराब से बचने की सलाह दी जाती है।
  • इसके अलावा, शुगर ड्रिंक्स, सोडा और फ्रुक्टोज की ज्यादा मात्रा वाली ड्रिंक्स भी यूरिक एसिड के लिए अच्छे विकल्प नहीं माने जाते। डिनर के साथ इन्हें लेने की बजाय पानी पिएं।

3. रात में बहुत ज्यादा खाना न खाएं

  • डॉक्टर शरद मल्होत्रा सलाह देते हैं कि यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि प्लेट में क्या है। कितनी मात्रा में और किस समय खाना खा रहे हैं, यह भी जरूरी है।
  • बहुत देर रात भारी भोजन करने से वजन बढ़ने और मेटाबोलिक हेल्थ पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जो यूरिक एसिड की समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • इसलिए डिनर को जरूरत से ज्यादा भारी रखने के बजाय बैलेंस मात्रा में खाना बेहतर है।
  • बार-बार देर रात खाने की आदत है तो उसे धीरे-धीरे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।

साल 2020 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, चीन में प्यूरिन से भरपूर फूड्स के ज्यादा सेवन करने से हाइपरयुरिसीमिया (खून में यूरिक एसिड बढ़ना) का खतरा बढ़ता पाया गया है। इस जोखिम को कंट्रोल करने के लिए पशु-आधारित फूड्स (मांस) और दालों के सेवन को सीमित करना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह रिसर्च डाइट में बदलाव करके हाइपरयुरिसीमिया और गाउट जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव के लिए एक बेहतरीन तरीके से काम करता है। हेल्दी रहने के लिए खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है।

What not to eat in high uric acid

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रात के खाने में क्या ले सकते हैं?

  • गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा सलाह देते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर डिनर में सब्जियां, साबुत अनाज और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।
  • दालों और फलियों को लेकर भी बिना वजह पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं होती। इनमें प्यूरीन मौजूद होता है, लेकिन पौधों से मिलने वाले प्यूरीन युक्त फूड्स का गाउट के जोखिम से संबंध मांस और कुछ सीफूड जितना नहीं माना जाता है।
  • साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि किडनी यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाती है।

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डॉक्टर की सलाह

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, अगर हाई यूरिक एसिड है या बार-बार गाउट के अटैक हो रहे हैं, तो केवल डिनर में बदलाव करना पर्याप्त नहीं हो सकता है। कुछ लोगों को डॉक्टर की सलाह से यूरिक एसिड कम करने वाली दवाओं की जरूरत पड़ती है। बिना सलाह के दवा बंद करना या सिर्फ खान-पान के भरोसे रहना सही नहीं है। अगर पैर के अंगूठे या किसी जोड़ में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

यूरिक एसिड बढ़ने पर रात के खाने में ज्यादा मात्रा में लाल मांस, ऑर्गन मीट, सीफूड, शराब और शुगर ड्रिंक्स से बचना या इन्हें सीमित करना जरूरी है। साथ ही देर रात और जरूरत से ज्यादा खाना भी अच्छी आदत नहीं है। डिनर हल्का, बैलेंस रखना मददगार हो सकता है लेकिन यूरिक एसिड का सही कंट्रोल व्यक्ति की पूरी डाइट, वजन, किडनी की स्थिति और जरूरत पड़ने पर दवाओं पर निर्भर करता है।

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FAQ

  • क्या यूरिक एसिड में रात को दूध पी सकते हैं?

    कम फैट वाला दूध पी सकते हैं। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को दूध से पाचन संबंधी परेशानी होती है, तो उसके लिए विकल्प डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछे जा सकते हैं।
  • क्या यूरिक एसिड बढ़ने पर दही खा सकते हैं?

    दही को डाइट में शामिल किया जा सकता है लेकिन इसे बहुत ज्यादा नमक, चीनी या भारी भोजन के साथ लेने से बचना बेहतर है।
  • क्या ज्यादा पानी पीने से यूरिक एसिड जल्दी कम हो जाता है?

    पर्याप्त पानी पीना शरीर से यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद कर सकता है, लेकिन केवल पानी पीने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड हमेशा नॉर्मल नहीं हो जाता।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 17, 2026 18:59 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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